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जीत लिया दिल: किसान एक्सप्रेस में महिला यात्री की जान पर बन आई, रेलवे गार्ड ने फरिश्ता बन पहुंचाई ऑक्सीजन
Mon, 09 Jun 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jun 2025 02:06 AM IST
सार
झारखंड की रहने वाले महिला यात्री को सांस की बीमारी थी। उनका ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने के कगार पर था। इसके जानकारी मिलने पर रेलवे गार्ड ने साथियों की मदद से उन्हें भरा सिलिंडर उपलब्ध करवाया। इससे उन्हें परेशानी में मदद मिल पाई।
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यात्री को ऑक्सीजन देते रेवले कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसान एक्सप्रेस में बीमार महिला का ऑक्सीजन सिलिंडर लखनऊ में समाप्ति के करीब आ गया लेकिन ट्रेन के गार्ड (ट्रेन मैनेजर) ने उसे बालामऊ और मुरादाबाद में दो सिलिंडर उपलब्ध कराकर उसकी जान बचाई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने इस मानवीय पहल की काफी तारीफ की है।
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झारखंड के कोडरमा की रहने वाली महिला रुक्मणी (40) को सांस की बीमारी काफी बढ़ गई थी। रविवार को उसे इलाज के लिए परिवार के लोग किसान एक्सप्रेस ट्रेन से रुड़की हरिद्वार लेकर जा रहे थे। परिजन उसे ट्रेन के कोच एचए -1 में सीट संख्या आठ में बैठाए हुए थे।
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लखनऊ ट्रेन पहुंचने पर ऑक्सीजन सिलिंडर समाप्त होने वाला था। इस मामले में परिजनों ने ट्रेन मैनेजर विनय पाल को मरीज की परेशानी से अवगत कराया। ट्रेन मैनेजर ने काफी प्रयास कर बालामऊ में मरीज को एक ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करा दिया लेकिन यह सिलिंडर तीन घंटे तक चलने वाला था।
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मुरादाबाद ट्रेन पहुंचने पर ऑक्सीजन समाप्त हो सकती थी। ट्रेन मैनेजर ने इस मामले में नरमू के पदाधिकारियों को जानकारी दी और मानवीय आधार पर मदद मांगी। नरमू के सहायक मंडल मंत्री केएचके खान ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला को ट्रेन में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया।
यात्रियों ने इस मामले में रेलवे के ट्रेन मैनेजर के साथ नरमू के पदाधिकारियों की पहल की सराहना की। परिजनों का कहना था कि यदि ऑक्सीजन समय से नहीं मिलती तो महिला की जान को खतरा हो सकता था। महिला के साथ उसके पति और दो बेटियां मौजूद थीं।