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नागरिकता कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों मुसलमान
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मुरादाबाद। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुरादाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हजारों मुस्लिम सड़कों पर उतर आए। काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने के बाद जामा मस्जिद चौराहे पर जुटे मुस्लिमोें ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की। करीब पांच घंटे तक प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों पर जमे रहे। शहर के कई इलाकों में जुलूस निकालकर नारेबाजी की गई। इस दौरान शहर के सभी रास्ते जाम रहे। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोंकझोंक भी हुई। रेलवे स्टेशन पर घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। एहतियातन इंटरनेट सेवा सुबह से ही बंद कर दी गई थी। डीएम, एसएसपी समेत तमाम आला अफसर पुलिस और आरएएफ के साथ सुबह से ही जामा मस्जिद के पास स्थित मुगलपुरा थाने पर डटे थे। जिले के बाकी हिस्सों में भी प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज ने ज्ञापन सौंपे हैं।
सपा सांसद डा. एसटी हसन ने एनआरसी और सीएए के खिलाफ जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। सांसद ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से कहा था कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में चार हजार से अधिक मस्जिदें हैं। उन्होंने आह्वान किया था कि सीएए और एनआरसी का विरोध करने के लिए जुमे की नमाज को जाते समय मुसलमान काली पट्टी बांधकर जाएं। शुक्रवार को बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग माथे और बांह पर काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज पढ़ने जामा मस्जिद पहुंचे। इनमें से कुछ के हाथों में तिरंगा भी लगा था। नमाज के बाद जामा मस्जिद चौराहे पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जहां केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी की वहीं हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी प्रदर्शन में गूंजते रहे। इस दौरान सांसद डा. हसन और शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद ने भी जामा मस्जिद की छत से प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। हजारों प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर देख पुलिस - प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। आसपास के घरों की छतों से मुस्लिम महिलाओं ने भी हवा में काले गुब्बारे उड़ाकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दो घंटे पर जामा मस्जिद चौराहे पर पहुंचे एडीएम सिटी राजेंद्र सिंह सेंगर और एसपी सिटी अमित कुमार आनंद को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें सीएए और एनआरसी को खत्म करने की मांग की गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में शहर के अलग - अलग हिस्सों की ओर निकल पड़े। दस सराय चौकी के पास प्रदर्शनकारियों की पुलिस और पब्लिक के कुछ लोगों से झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन में घुसने की कोशिश की तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी पीली कोठी चौराहे से होते हुए कलक्ट्रेट के तरफ बढ़े तो पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोककर यहां से वापस भेजा।
वर्जन
शहर के साथ ही जिले में अन्य स्थानों पर भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपे हैं। पूरे जिले में कहीं रत्तीभर भी कोई समस्या नहीं हुई है। हम जिले के लोगों से अपील करते हैं कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक बयानबाजी करता है या फिर कानून को तोड़ने की कोशिश करता है तो खामोशी से उसकी वीडियो बनाकर पुलिस - प्रशासन को भेज दें। वीडियो भेजने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। यदि किसी ने कानून तोड़ने की कोशिश की तो फिर उससे पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी।
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सपा सांसद डा. एसटी हसन ने एनआरसी और सीएए के खिलाफ जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। सांसद ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से कहा था कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में चार हजार से अधिक मस्जिदें हैं। उन्होंने आह्वान किया था कि सीएए और एनआरसी का विरोध करने के लिए जुमे की नमाज को जाते समय मुसलमान काली पट्टी बांधकर जाएं। शुक्रवार को बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग माथे और बांह पर काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज पढ़ने जामा मस्जिद पहुंचे। इनमें से कुछ के हाथों में तिरंगा भी लगा था। नमाज के बाद जामा मस्जिद चौराहे पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जहां केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी की वहीं हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी प्रदर्शन में गूंजते रहे। इस दौरान सांसद डा. हसन और शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद ने भी जामा मस्जिद की छत से प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। हजारों प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर देख पुलिस - प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। आसपास के घरों की छतों से मुस्लिम महिलाओं ने भी हवा में काले गुब्बारे उड़ाकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दो घंटे पर जामा मस्जिद चौराहे पर पहुंचे एडीएम सिटी राजेंद्र सिंह सेंगर और एसपी सिटी अमित कुमार आनंद को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें सीएए और एनआरसी को खत्म करने की मांग की गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में शहर के अलग - अलग हिस्सों की ओर निकल पड़े। दस सराय चौकी के पास प्रदर्शनकारियों की पुलिस और पब्लिक के कुछ लोगों से झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन में घुसने की कोशिश की तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी पीली कोठी चौराहे से होते हुए कलक्ट्रेट के तरफ बढ़े तो पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोककर यहां से वापस भेजा।
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शहर के साथ ही जिले में अन्य स्थानों पर भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपे हैं। पूरे जिले में कहीं रत्तीभर भी कोई समस्या नहीं हुई है। हम जिले के लोगों से अपील करते हैं कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक बयानबाजी करता है या फिर कानून को तोड़ने की कोशिश करता है तो खामोशी से उसकी वीडियो बनाकर पुलिस - प्रशासन को भेज दें। वीडियो भेजने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। यदि किसी ने कानून तोड़ने की कोशिश की तो फिर उससे पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी।
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