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गन्ने के दाम न बढ़ने पर किसान संगठन आंदोलन की राह पर
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मुरादाबाद। गन्ने के दाम न बढ़ने पर किसान संगठनों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन की शुरूआत ब्लाक व तहसील स्तर से करेगी और गन्ने की होली जलाएगी। भाकियू असली संभल में राष्ट्रीय कार्यकारिणी महापंचायत कर आगे के आंदोलन की रणनीति बनाएगी। गन्ना मूल्य न बढ़ने से संगठनों में आक्रोश है।
भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि संगठन ने 11 दिसंबर को संभल के भगत सिंह पार्क में महापंचायत बुलाई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी इसमें हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य की घोषणा में देरी कर सरकार ने चीनी मिलों को लाभ पहुंचाया है। प्रदेश के किसानों का चीनी मिलों पर सात हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया हो गया है। सरकार ने केवल भाषण देने के काम किए हैं। किसानों को कर्जदार बना दिया है। अब किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
वही भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी व वरिष्ठ नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने चीनी मिलों के दबाव में गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की है। इसके लिए भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर बड़ा आंदोलन करेगी। 11 दिसंबर को ब्लाक व तहसील स्तर पर गन्ने की होली जलाई जाएगी। इसके बाद 21 दिसंबर को आंबेड़कर पार्क में जिला स्तर पर कृषि यंत्रों के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर आगे का आंदोलन किया जाएगा।
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भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि संगठन ने 11 दिसंबर को संभल के भगत सिंह पार्क में महापंचायत बुलाई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी इसमें हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य की घोषणा में देरी कर सरकार ने चीनी मिलों को लाभ पहुंचाया है। प्रदेश के किसानों का चीनी मिलों पर सात हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया हो गया है। सरकार ने केवल भाषण देने के काम किए हैं। किसानों को कर्जदार बना दिया है। अब किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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वही भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी व वरिष्ठ नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने चीनी मिलों के दबाव में गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की है। इसके लिए भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर बड़ा आंदोलन करेगी। 11 दिसंबर को ब्लाक व तहसील स्तर पर गन्ने की होली जलाई जाएगी। इसके बाद 21 दिसंबर को आंबेड़कर पार्क में जिला स्तर पर कृषि यंत्रों के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर आगे का आंदोलन किया जाएगा।
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