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खाद्य पदार्थों की टेस्टिंग मामले में मुरादाबाद पिछड़ा
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मुरादाबाद। खाद्य पदार्थों के नमूने की जांच में जुलाई माह में मंडल स्तर पर मुरादाबाद काफी पीछे पाया गया है लेकिन संभल जिले में मोबाइल वैन के माध्यम से सबसे अधिक 98 टेस्टिंग हुई है। इसी कारण संभल जिला सबसे आगे है। जांच के दौरान प्रत्येक जिले में मसालों में कलर पाए गए हैं। इसी कारण कारण मसालों के नमूने फेल पाए गए।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने मंडल स्तर पर आम जनता को जागरूक करने और खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए पिछले माह मोबाइल वैन चलवाई थी। दावा किया गया था कि इस वैन के माध्यम से आम जनता अपने घर के खाद्य पदार्थों की जांच करा सकती है। इस कार्यक्रम के बाद प्रकाश नगर चौराहे के समीप जिले के अधिकारियों ने वैन खड़ी की थी। उस समय एक दिन में आम लोगों ने 20 नमूने जांच के लिए खाद्य अधिकारियों को सौंप दिए। जांच के दौरान चार मसाला और दो दूध के नमूने फेल पाए गए। मसालों में कलर पाए गए और दूध में फैट कम मिला था।
अमरोहा जिले में दो दिनों के लिए वैन भेजी गई थी। यहां 81 नमूनों की जांच की गई। इनमें 18 नमूने फेल पाए गए। फेल नमूनों में दो मसाला, दो मिठाई, तीन दूध, और 13 नमूने पानी के थे। पानी के नमूनों की जांच में टीडीएस ज्यादा पाया गया है। रामपुर जिले में मोबाइल वैन के माध्यम से 68 नमूनों की जांच की गई। इनमें 15 नमूने फेल पाए गए। इनमें पांच मिठाई, तीन मसाला, दो तेल और एक खोवा का नमूना शामिल है। संभल जिले में 98 नमूनों की जांच के दौरान चार नमूने फेल हुए। इनमें तीन बर्फी और एक मूंग दाल का नमूना था। बिजनौर जिले में 86 नमूने की टेस्टिंग की गई लेकिन सिर्फ एक रसगुल्ला में स्टार्च पाया गया।
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मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने मंडल स्तर पर आम जनता को जागरूक करने और खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए पिछले माह मोबाइल वैन चलवाई थी। दावा किया गया था कि इस वैन के माध्यम से आम जनता अपने घर के खाद्य पदार्थों की जांच करा सकती है। इस कार्यक्रम के बाद प्रकाश नगर चौराहे के समीप जिले के अधिकारियों ने वैन खड़ी की थी। उस समय एक दिन में आम लोगों ने 20 नमूने जांच के लिए खाद्य अधिकारियों को सौंप दिए। जांच के दौरान चार मसाला और दो दूध के नमूने फेल पाए गए। मसालों में कलर पाए गए और दूध में फैट कम मिला था।
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अमरोहा जिले में दो दिनों के लिए वैन भेजी गई थी। यहां 81 नमूनों की जांच की गई। इनमें 18 नमूने फेल पाए गए। फेल नमूनों में दो मसाला, दो मिठाई, तीन दूध, और 13 नमूने पानी के थे। पानी के नमूनों की जांच में टीडीएस ज्यादा पाया गया है। रामपुर जिले में मोबाइल वैन के माध्यम से 68 नमूनों की जांच की गई। इनमें 15 नमूने फेल पाए गए। इनमें पांच मिठाई, तीन मसाला, दो तेल और एक खोवा का नमूना शामिल है। संभल जिले में 98 नमूनों की जांच के दौरान चार नमूने फेल हुए। इनमें तीन बर्फी और एक मूंग दाल का नमूना था। बिजनौर जिले में 86 नमूने की टेस्टिंग की गई लेकिन सिर्फ एक रसगुल्ला में स्टार्च पाया गया।
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