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हवा की गति बढ़ी, प्रदूषणका स्तर गिरा, फिर भी हवा खराब
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मुरादाबाद। शहर में रविवार को हवा की रफ्तार थोड़ी बढ़ गई। ऐसे में आसमान में छाया कोहरा भी जल्दी ही छंट गया। दिन में चटख धूप खिली। ऐसे में प्रदूषण का स्तर गिरकर 234 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी भी प्रदूषण नारंगी जोन में है। यह खराब वायु का सूचक है। लंबे समय तक जोखिम वाले स्थान पर रहने से सांस की दिक्कतों की आशंका बनी रहती है। शाम को मुरादाबाद प्रदूषित शहरों की सूची में 19वें स्थान पर दर्ज किया गया। पहले स्थान पर 314 एक्यूआई के साथ ग्वालियर रहा।
रविवार सुबह आसमान में कोहरा छाया हुआ था। सुबह छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 282 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। इसके बाद पूरब दिशा से हवा तेज हो गई। दिन में करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। इसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। शाम पांच बजे एक्यूआई 234 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 373, न्यूनतम 75 और औसत 234, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 234, न्यूनतम 86 और औसत 139 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पूरब दिशा से बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवा यूपी के मध्य तक आती है। उसमें नमी अधिक होती है। नमी की वजह से प्रदूषण में गिरावट आती है। क्योंकि प्रदूषण में ज्यादातर धूल और गैसें होती हैं। हवा में पानी होता है। इसकी वजह से वातावरण साफ हो जाता है। पश्चिम दिशा से आने वाली सूखी हवाओं में धूल ज्यादा होती है। इसलिए प्रदूषण चारों तरफ फैलता भी है और बढ़ता भी है।
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रविवार सुबह आसमान में कोहरा छाया हुआ था। सुबह छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 282 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। इसके बाद पूरब दिशा से हवा तेज हो गई। दिन में करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। इसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। शाम पांच बजे एक्यूआई 234 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 373, न्यूनतम 75 और औसत 234, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 234, न्यूनतम 86 और औसत 139 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पूरब दिशा से बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवा यूपी के मध्य तक आती है। उसमें नमी अधिक होती है। नमी की वजह से प्रदूषण में गिरावट आती है। क्योंकि प्रदूषण में ज्यादातर धूल और गैसें होती हैं। हवा में पानी होता है। इसकी वजह से वातावरण साफ हो जाता है। पश्चिम दिशा से आने वाली सूखी हवाओं में धूल ज्यादा होती है। इसलिए प्रदूषण चारों तरफ फैलता भी है और बढ़ता भी है।
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