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देश में चौथे नंबर पर रहा शहर का प्रदूषण

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 02:15 AM IST
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pollution
मुरादाबाद। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच शहर के वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को आसमान साफ था, इसके बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक 371 पर पहुंच गया। यह प्रदूषण देश में चौथे स्थान पर रहा। रात दस बजे यह बढ़कर 374 हो गया। इसमें पीएम 2.5 का स्तर टाइम लाइन पर अधिकतर समय लाल और मैरून रंग का ही रहा। स्थिति यह थी कि यह प्रदूषण मानक से 16 गुना से भी अधिक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार हवा धीमी होने की वजह से प्रदूषण बढ़ा है।
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नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स वेबसाइट के अनुसार सुबह का वायु गुणवत्ता सूचकांक 351 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था, जो समय के साथ बढ़ता गया। रात आठ बजे यह 371 और दस बजे 374 हो गया। यह स्तर देश में लखनऊ, गाजियाबाद, पटना के बाद चौथे स्थान पर था। पीएम 2.5 का स्तर अधिकतम 498, औसत 374, न्यूनतम 284 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 441, औसत 250 और न्यूनतम 138 माइक्रो ग्राम दर्ज किया गया। नाइट्रोजन आक्साइड का स्तर अधिकतम 198, औसत 80 और न्यूनतम 37 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। हिंदू कालेज स्थित नेशनल एयर मानीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी के अनुसार डब्ल्यूएचओ का मानक 30 है। यदि 498 तक पहुंच गया है तो यह गंभीर स्थिति है। पीएम 10 का मानक एक दिन में अधिकतम सौ माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है। नाइट्रोजन आक्साइड का मानक 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए। यदि अधिकतम स्तर 198 पहुंच गया है तो खतरनाक है। शहर का वायु प्रदूषण बढ़ने का एक कारण यहां हो रहे निर्माण कार्य भी हैं। निर्माण के दौरान पानी छिड़काव के साथ ढंककर कार्य करना चाहिए। सर्दी की वजह से अलाव जलाए जा रहे हैं। लोग जगह-जगह कूड़ा जला देते हैं। उसमें गैसें जैसे सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाई आक्साइड प्रमुखता से निकलती हैं। वाहनों से नाइट्रोजन ऑक्साइड निकलता है। यह पराऐसिटल नाइट्रेट (पैन) में बदल जाते हैं। सड़कों पर जब जाम लगता है तो काला धुंआ निकलता है और इसकी वजह से वातावरण में धुंध छा जाती है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सभी विभागों को अपने प्रयासों में तेजी लानी चाहिए।
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शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक
लखनऊ 416
गाजियाबाद 374
पटना 372
मुरादाबाद 371
मुजफ्फरपुर 369
नोएडा 366
हावड़ा 364
ग्रेटर नोएडा 363
दिल्ली 357
बुलंदशहर 354
कानपुर 354
नोट - यह आंकड़े नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स वेबसाइट से लिए गए हैं।
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