फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   pollution

एक दिन की राहत के बाद फिर प्रदूषण की आफत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2019 07:25 AM IST
विज्ञापन
pollution
मुरादाबाद कांठ रोड पर कोहरो में आते वाहन।संवाद न्यूज ऐजेंसी
मुरादाबाद। दीपावली के बाद से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। बुधवार को एक दिन वायु प्रदूषण स्तर में गिरावट के साथ राहत मिली थी, लेकिन गुरुवार को फिर एक्यूआई 359 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया। इसकी वजह से सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी के अनुसार विभागीय टीम को नगर निगम के कर्मचारी द्वारा कूड़ा जलाने की वजह से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई थी।
विज्ञापन

शहर का वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब स्थिति में है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में तीन सौ से चार सौ के स्तर पर प्रदर्शित हो रहा है, जो कि बहुत खराब श्रेणी में है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह 359 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। वायु प्रदूषण नियंत्रण विभाग की वेबसाइट के अनुसार शाम को एक्यूआई 358 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की उपलब्धता अधिकतम 500 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। न्यूनतम स्तर 45 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और औसत 358 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रही। अधिकतर समय टाइम लाइन पर मैरून रंग की लाइन ही प्रदर्शित होती रही। पीएम 10 की अधिकतम उपलब्धता भी 435 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और न्यूनतम 106 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। औसत 325 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकरी अजय कुमार शर्मा के अनुसार प्रदूषण में बढ़ोतरी रात के समय हुई थी।
विज्ञापन

एयर मॉनीटर के पास ही जला दिया कूड़ा
गुुरुवार सुबह करीब छह बजे वैज्ञानिक सहायक अनिल कुमार विश्वकर्मा ने लाजपत नगर में निरीक्षण कर रहे थे। तभी महाराजा हरिश्चंद्र डिग्री कालेज पर वायु निगरानी मशीन के पास ही नगर निगम के कर्मचारियों ने कूड़े में आग लगा दी। क्षेत्र में जानकारी करने पर पता चला कि अन्य स्थानों पर भी उसने कूड़ा जलाया था। कूड़ा उठाने वाले ट्रक ड्राइवर का नाम एहसान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार प्रदेश के 15 चिह्नित शहरों की वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए कार्ययोजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत मुरादाबाद शहर भी चिह्नित है। खुले में बायोमास, फसलों का अवशेष, गार्बेज, पेड़-पौधों की पत्तियों को जलाया जाना प्रतिबंधित है और यह कार्य पाए जाने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है। अजय शर्मा का कहना है कि आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध नगरायुक्त को पत्र लिखकर कर्मचारी के विरुद्ध कर्मचारी कार्रवाई को लिखा है, ताकि जन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े और परिवेशीय वायु गुणवत्ता प्रभावित न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed