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ऑटो और ई रिक्शा बेलगाम मनमानी रोकने में पुलिस नाकाम
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मुरादाबाद। शहर मे ऑटो और ई रिक्शा चालक क्षमता से दो गुना अधिक सवारियां बैठाकर बेलगाम चल रहे हैं। एक दूसरे से आगे निकलने और सवारियां भरने की होड़ में इन वाहनों के चालक तेज रफ्तार से सड़क पर चलते हैं और कहीं भी अचानक ब्रेक लगाकर खड़े हो जाते हैं। इससे सड़क पर अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऑटो चालक यूनियन के अध्यक्ष का भी मानना है कि शहर में काफी संख्या में ऑटो अवैध ढंग से चल रहे हैं।
समय 1:55 बजे, स्थान डबल फाटक:
चिलचिलाती धूप में पुलिस के सामने ऑटो और ई रिक्शा चार की जगह आठ आठ सवारियां भर रहे थे। यहां दस ऑटो चालकों ने चौराहा घेर रखा था लेकिन मौके पर तैनात दो पुलिस कर्मियों में किसी ने टोकाटाकी नहीं की। एक ई रिक्शा पर महिलाओं और बच्चों समेत आठ लोग सवार थे। एक आठ साल का बच्चा किनारे बैठा था लेकिन पुलिस ने चालक को नहीं टोका। बेलगाम चालक चौराहे से रोडवेज की तरफ निकल गया। ई रिक्शा चालक इरफान का कहना था कि यहां ऐसे ही चलता है जो आगे सवारी भरेगा वहीं पैसा कमाएगा। पुलिस किसी को रोकती नहीं है। ज्यादा जाम लगने पर कभी कभी कभी हटाने के लिए सक्रिय हो जाती है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन के समीप और फव्वारा चौराहे पर आटो चालकों के कारण रोज जाम लगता है।
चौराहों पर रोज लगता है जाम
दोपहर 2:15 बजे, स्थान इंपीरियल चौराहा: बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो के कारण सड़क पर जगह नहीं बच रही थी। हालांकि ई रिक्शा लाइन में खड़े थे। करूला के इश्तियाक का कहना था कि डबल फाटक और इंपीरियल चौराहे पर ऑटो चालकों के चलते रोज जाम लगता है। दोनों स्थानों पर पुलिस की पिकेट ड्यूटी भी लगती है लेकिन कोई बोलता नही है, चौराहे पर ऑटो चालक सवारी भरते रहते हैं। रफीक का कहना था कि बुध बाजार में तो रोज आटो के चलते जाम लगता है।
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चौराहे से 50 मीटर दूर खड़े होने चाहिए वाहन
यातायात पुलिस के नियमों के अनुसार किसी चौराहे से 50 मीटर की दूरी पर आटो या कोई वाहन खड़ा होना चाहिए लेकिन शहर में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। इसी प्रकार सड़क के किनारे सफेद पट्टी बनाई गई है। पट्टी के अंदर ही वाहनों को खड़ा किया जाना चाहिए लेकिन यहां ऑटो या कार चालक सफेद पट्टी पर ध्यान नहीं देते हैं।
मजबूरी में यात्रा करना पड़ता है
दिलारी के रहने वाले इस्लाम और हमीरपुर के नासिर का कहना था कि वे ऑटो से बैठकर बाजार सामान खरीदने आए थे। आटो चालक ने क्षमता से अधिक सवारियों को भरा था लेकिन अपनी भी मजबूरी थी कि बाजार जल्दी पहुंचना था। इसी कारण उन्होंने सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा। एतराज करने पर बाजार आने में देर हो सकती थी। इसी कारण किसी प्रकार चला आया।
कोट्स
शहर में ऑटो चलाने के लिए 1700 से अधिक लोगों ने परमिट लिया है। फिर भी दूसरे रूट के करीब 1000 से अधिक ऑटो शहर में अवैध ढंग से चल रहे हैं। पिछले माह पुलिस ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी लेकिन कुछ दिन बाद स्थिति जस की तस हो गई।
किशन लाल सिंह, अध्यक्ष सिटी ऑटो रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन
ऑटो और ई रिक्शा पर तीन तीन सवारियों के बैठने का परमिट होता है। अधिक सवारियां बैठाने पर पुलिस कार्रवाई करती है। चेकिंग के दौरान बगैर पंजीकरण कराए 100 ई रिक्शा पकड़े गए थे। चालकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई अधिक सख्त नहीं की जाती है।
अशोक कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात मुरादाबाद
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समय 1:55 बजे, स्थान डबल फाटक:
चिलचिलाती धूप में पुलिस के सामने ऑटो और ई रिक्शा चार की जगह आठ आठ सवारियां भर रहे थे। यहां दस ऑटो चालकों ने चौराहा घेर रखा था लेकिन मौके पर तैनात दो पुलिस कर्मियों में किसी ने टोकाटाकी नहीं की। एक ई रिक्शा पर महिलाओं और बच्चों समेत आठ लोग सवार थे। एक आठ साल का बच्चा किनारे बैठा था लेकिन पुलिस ने चालक को नहीं टोका। बेलगाम चालक चौराहे से रोडवेज की तरफ निकल गया। ई रिक्शा चालक इरफान का कहना था कि यहां ऐसे ही चलता है जो आगे सवारी भरेगा वहीं पैसा कमाएगा। पुलिस किसी को रोकती नहीं है। ज्यादा जाम लगने पर कभी कभी कभी हटाने के लिए सक्रिय हो जाती है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन के समीप और फव्वारा चौराहे पर आटो चालकों के कारण रोज जाम लगता है।
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चौराहों पर रोज लगता है जाम
दोपहर 2:15 बजे, स्थान इंपीरियल चौराहा: बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो के कारण सड़क पर जगह नहीं बच रही थी। हालांकि ई रिक्शा लाइन में खड़े थे। करूला के इश्तियाक का कहना था कि डबल फाटक और इंपीरियल चौराहे पर ऑटो चालकों के चलते रोज जाम लगता है। दोनों स्थानों पर पुलिस की पिकेट ड्यूटी भी लगती है लेकिन कोई बोलता नही है, चौराहे पर ऑटो चालक सवारी भरते रहते हैं। रफीक का कहना था कि बुध बाजार में तो रोज आटो के चलते जाम लगता है।
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चौराहे से 50 मीटर दूर खड़े होने चाहिए वाहन
यातायात पुलिस के नियमों के अनुसार किसी चौराहे से 50 मीटर की दूरी पर आटो या कोई वाहन खड़ा होना चाहिए लेकिन शहर में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। इसी प्रकार सड़क के किनारे सफेद पट्टी बनाई गई है। पट्टी के अंदर ही वाहनों को खड़ा किया जाना चाहिए लेकिन यहां ऑटो या कार चालक सफेद पट्टी पर ध्यान नहीं देते हैं।
मजबूरी में यात्रा करना पड़ता है
दिलारी के रहने वाले इस्लाम और हमीरपुर के नासिर का कहना था कि वे ऑटो से बैठकर बाजार सामान खरीदने आए थे। आटो चालक ने क्षमता से अधिक सवारियों को भरा था लेकिन अपनी भी मजबूरी थी कि बाजार जल्दी पहुंचना था। इसी कारण उन्होंने सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा। एतराज करने पर बाजार आने में देर हो सकती थी। इसी कारण किसी प्रकार चला आया।
कोट्स
शहर में ऑटो चलाने के लिए 1700 से अधिक लोगों ने परमिट लिया है। फिर भी दूसरे रूट के करीब 1000 से अधिक ऑटो शहर में अवैध ढंग से चल रहे हैं। पिछले माह पुलिस ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी लेकिन कुछ दिन बाद स्थिति जस की तस हो गई।
किशन लाल सिंह, अध्यक्ष सिटी ऑटो रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन
ऑटो और ई रिक्शा पर तीन तीन सवारियों के बैठने का परमिट होता है। अधिक सवारियां बैठाने पर पुलिस कार्रवाई करती है। चेकिंग के दौरान बगैर पंजीकरण कराए 100 ई रिक्शा पकड़े गए थे। चालकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई अधिक सख्त नहीं की जाती है।
अशोक कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात मुरादाबाद