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जवानी में कालिया ने एेसा क्या किया जो बुढ़ापे तक पुलिस ने नहीं छोड़ा पीछा
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:02 AM IST
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गिरफ्तार कालिया
- फोटो : demo pic
31 साल पहले दर्ज कराए गए साइकिल चोरी के मामले में जमानत पर जेल से छूटा आरोपी दोबारा जेल जाने के डर से फरार हो गया। उसको गिरफ्तार करने में पुलिस को 24 साल लग गए। एक हजार रुपये से भी कम कीमत की साइकिल के चोरी के आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी के लिए एसएसपी को दस हजार रुपये का इनाम घोषित करना पड़ा। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी कोे शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का चालान कर उसे न्यायालय ले जाया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मुगलपुरा के सराय किशनलाल निवासी महेश ने 1987 में साइकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में मुगलपुरा के काजी टोला में रहने वाले मुन्नीलाल उर्फ कालिया को नामजद किया गया था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में वह जमानत पर जेल से बाहर आया तो 1994 के बाद जेल जाने के डर से दोबारा न्यायालय में पेशी पर नहीं गया।
न्यायालय के आदेश पर दोबारा आरोपी की तलाश शुरू की गई। वह पुलिस से बचने के लिए बिजनौर, उत्तराखंड में छिपकर रहा। कुछ सालों बाद जब पुलिस ने उसकी तलाश बंद कर दी तो वह वापस घर लौट आया। आरोपी मुगलपुरा में लंबे समय से रह रहा था और मजदूरी करता था। एसएसपी जे रविंद्र गौड ने हाल ही में जनपद से वांछित आरोपियों की सूची नए सिरे से तैयार करवाई गई तो दोबारा मुन्नीलाल का नाम प्रकाश में आया।
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एसएसपी ने शुक्रवार रात को आरोपी मुन्नीलाल के खिलाफ दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इनाम घोषित होते ही आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस सक्रिय हो गई। चंद घंटों के अंदर पुलिस ने मुखबिर की मदद से आरोपी को ट्रेस कर लिया और एक सूचना पर उसे शनिवार दोपहर को हाफिज बन्ने की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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मुगलपुरा के सराय किशनलाल निवासी महेश ने 1987 में साइकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में मुगलपुरा के काजी टोला में रहने वाले मुन्नीलाल उर्फ कालिया को नामजद किया गया था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में वह जमानत पर जेल से बाहर आया तो 1994 के बाद जेल जाने के डर से दोबारा न्यायालय में पेशी पर नहीं गया।
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न्यायालय के आदेश पर दोबारा आरोपी की तलाश शुरू की गई। वह पुलिस से बचने के लिए बिजनौर, उत्तराखंड में छिपकर रहा। कुछ सालों बाद जब पुलिस ने उसकी तलाश बंद कर दी तो वह वापस घर लौट आया। आरोपी मुगलपुरा में लंबे समय से रह रहा था और मजदूरी करता था। एसएसपी जे रविंद्र गौड ने हाल ही में जनपद से वांछित आरोपियों की सूची नए सिरे से तैयार करवाई गई तो दोबारा मुन्नीलाल का नाम प्रकाश में आया।
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एसएसपी ने शुक्रवार रात को आरोपी मुन्नीलाल के खिलाफ दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इनाम घोषित होते ही आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस सक्रिय हो गई। चंद घंटों के अंदर पुलिस ने मुखबिर की मदद से आरोपी को ट्रेस कर लिया और एक सूचना पर उसे शनिवार दोपहर को हाफिज बन्ने की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।