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फार्मासिस्टों का आंदोलन शुरू, सीएमओ दफ्तर में धरने पर बैठे
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मुरादाबाद। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का पांच चरणों का आंदोलन शनिवार को शुरू हो गया। बीस सूत्री मांगों को लेकर फार्मासिस्टों ने सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन मंडलमंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि संघ लगातार सरकार और शासन को पत्रों के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराता रहा है, लेकिन शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सीमित औषधियों के प्रिस्क्रिप्शन लिखने के अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव, पद नाम परिवर्तन का प्रस्ताव शासन में लंबित है। कार्य एवं दायित्व को देखते हुए वेतन उच्चीकरण की मांग पर वेतन कमेटी की रिपोर्ट पिछले पांच साल से वित्त विभाग में धूल खा रही है। करीब बीस साल से भत्तों का पुनरीक्षण नहीं हो सका है। शासन स्तर पर कई बार वार्ताओं में बनी लिखित सहमति के बाद भी उच्च पदों का सृजन नहीं हो पाया।
धरने की अध्यक्षता जयपाल सिंह ने की। इस दौरान पाकेश गुप्ता, निश्चल भटनागर, पंकज पांडेय, टिकेंद्र चौहान, हरीश चौहान, राजेश पाठक, डीएस नेगी, राकेश शर्मा, हीना रूमी, अमरेश कुमारी, दौलत सिंह चौहान, अरुण कुमार, मनोज चौहान, हरीश उनियाल, नरेंद्र सिंह, दिनेश जोशी, आलोक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- सीएचओ में फार्मासिस्टों की नियुक्ति हो
- उपकेंद्र पर पदों का सृजन हो
- न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बी फ ार्मा या डिप्लोमा के साथ दो वर्ष का अनुभव किया जाए
- सरकार ब्रिज कोर्स कराए
- सभी ड्रग वेयर हाउस, ट्रामा सेंटर में पदों का सृजन हो
- हर बडे़ अस्पताल में अलग से चार इमरजेंसी फार्मासिस्टों की तैनाती हो
- सीएमओ कार्यालय में जिला फ ार्मेसी अधिकारी की तैनाती हो
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन फार्मासिस्ट, दो चीफ फार्मासिस्ट के पद सृजित हों
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डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन मंडलमंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि संघ लगातार सरकार और शासन को पत्रों के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराता रहा है, लेकिन शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सीमित औषधियों के प्रिस्क्रिप्शन लिखने के अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव, पद नाम परिवर्तन का प्रस्ताव शासन में लंबित है। कार्य एवं दायित्व को देखते हुए वेतन उच्चीकरण की मांग पर वेतन कमेटी की रिपोर्ट पिछले पांच साल से वित्त विभाग में धूल खा रही है। करीब बीस साल से भत्तों का पुनरीक्षण नहीं हो सका है। शासन स्तर पर कई बार वार्ताओं में बनी लिखित सहमति के बाद भी उच्च पदों का सृजन नहीं हो पाया।
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धरने की अध्यक्षता जयपाल सिंह ने की। इस दौरान पाकेश गुप्ता, निश्चल भटनागर, पंकज पांडेय, टिकेंद्र चौहान, हरीश चौहान, राजेश पाठक, डीएस नेगी, राकेश शर्मा, हीना रूमी, अमरेश कुमारी, दौलत सिंह चौहान, अरुण कुमार, मनोज चौहान, हरीश उनियाल, नरेंद्र सिंह, दिनेश जोशी, आलोक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- सीएचओ में फार्मासिस्टों की नियुक्ति हो
- उपकेंद्र पर पदों का सृजन हो
- न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बी फ ार्मा या डिप्लोमा के साथ दो वर्ष का अनुभव किया जाए
- सरकार ब्रिज कोर्स कराए
- सभी ड्रग वेयर हाउस, ट्रामा सेंटर में पदों का सृजन हो
- हर बडे़ अस्पताल में अलग से चार इमरजेंसी फार्मासिस्टों की तैनाती हो
- सीएमओ कार्यालय में जिला फ ार्मेसी अधिकारी की तैनाती हो
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन फार्मासिस्ट, दो चीफ फार्मासिस्ट के पद सृजित हों