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Moradabad News: लोग बोले, नहीं थी बवाल की आशंका
Tue, 26 Nov 2024 08:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 26 Nov 2024 08:03 AM IST
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संभल। जामा मस्जिद के एक किलोमीटर की परिधि में करीब 50 हजार लोग बवाल से प्रभावित हुए। मोहल्ला कोट पूर्वी, कोट गर्वी, नखासा, हिंदूपुरा खेड़ा में ज्यादातर लोग घरों में बंद रहे। कोतवाली घंटाघर जो संभल के प्रमुख बाजारों में से एक है, यहां भी लोग निराश दिखे। आम नागरिकों का कहना था कि बवाल की कोई आशंका नहीं थी, जुमे की नमाज भी शांतिपूर्ण तरीके से हुई।
रविवार को सर्वे के दौरान अचानक भीड़ जुटनी शुरू तो लोगों को यह बात गले नहीं। इसके बाद देखते ही देखते पथराव, फायरिंग शुरू हो गई। कई स्थानीय लोग इसे पुलिस व प्रशासन की चूक मान रहे हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ में बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं, जोकि तैयारी के साथ आए थे। हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। जो भी तथ्य मिल रहे हैं उनके आधार पर पूरा चिट्ठा तैयार किया जा रहा है।
वहीं हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदायों के आम लोगों ने घटना पर दुख जताया है। लोगों का कहना है यहां लोग प्यार मोहब्बत से रहते हैं। बवाल से न सिर्फ कारोबार का नुकसान हुआ बल्कि कई बीमार लोगों, बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिर्फ रविवार को ही 10 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया जा रह है। सोमवार को भी लगभग आधे शहर में सन्नाटे जैसा माहौल रहा।
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लोगों के वर्जन
लोग मिलजुल कर रहते हैं। शहर में बवाल होने का अंदाजा नहीं था। पुलिस पहले से तैनात थी, इसलिए सुरक्षा में चूक की किसी ने सोची भी नहीं थी लेकिन फिर भी हिंसा हो गई। इससे संभल की छवि खराब हुई है।
- दिनेश पांडे, व्यापारी
सुबह जब लोग जामा मस्जिद के पास जमा हो रहे थे तो मुझे लगा कि शायद किसी के घर किसी सदस्य का इंतकाल हो गया है। बाद में पता चला कि सर्वे चल रहा है और फिर कुछ देर बाद ही बवाल हो गया। शहर में ऐसा होने की आशंका नहीं थी।
- ह्रदयेश कुमार आर्य
हमारा कोट गर्वी में फर्नीचर का शोरूम है। सुबह जब बवाल हुआ तो हमारी कार बाहर खड़ी थी, जिसमें आग लगा दी गई। हमें जरा भी अंदाजा होता हम गाड़ी अंदर खड़ी करते। कोई आशंका नहीं थी कि ऐसा हो सकता है।
- मो. शाहनवाज, व्यापारी
बवाल के समय हम अपने घर में थे। कोट पूर्वी में घर के नीचे ही हमारी किराना की दुकान है। बवाल थमने के बाद जब शाम को हमने निकलकर देखा तो दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी टूटे हुए थे। हमें जरा भी भनक नहीं थी कि इस तरह बवाल होगा।
- साबिर हुसैन, व्यापारी
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रविवार को सर्वे के दौरान अचानक भीड़ जुटनी शुरू तो लोगों को यह बात गले नहीं। इसके बाद देखते ही देखते पथराव, फायरिंग शुरू हो गई। कई स्थानीय लोग इसे पुलिस व प्रशासन की चूक मान रहे हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ में बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं, जोकि तैयारी के साथ आए थे। हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। जो भी तथ्य मिल रहे हैं उनके आधार पर पूरा चिट्ठा तैयार किया जा रहा है।
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वहीं हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदायों के आम लोगों ने घटना पर दुख जताया है। लोगों का कहना है यहां लोग प्यार मोहब्बत से रहते हैं। बवाल से न सिर्फ कारोबार का नुकसान हुआ बल्कि कई बीमार लोगों, बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिर्फ रविवार को ही 10 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया जा रह है। सोमवार को भी लगभग आधे शहर में सन्नाटे जैसा माहौल रहा।
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लोगों के वर्जन
लोग मिलजुल कर रहते हैं। शहर में बवाल होने का अंदाजा नहीं था। पुलिस पहले से तैनात थी, इसलिए सुरक्षा में चूक की किसी ने सोची भी नहीं थी लेकिन फिर भी हिंसा हो गई। इससे संभल की छवि खराब हुई है।
- दिनेश पांडे, व्यापारी
सुबह जब लोग जामा मस्जिद के पास जमा हो रहे थे तो मुझे लगा कि शायद किसी के घर किसी सदस्य का इंतकाल हो गया है। बाद में पता चला कि सर्वे चल रहा है और फिर कुछ देर बाद ही बवाल हो गया। शहर में ऐसा होने की आशंका नहीं थी।
- ह्रदयेश कुमार आर्य
हमारा कोट गर्वी में फर्नीचर का शोरूम है। सुबह जब बवाल हुआ तो हमारी कार बाहर खड़ी थी, जिसमें आग लगा दी गई। हमें जरा भी अंदाजा होता हम गाड़ी अंदर खड़ी करते। कोई आशंका नहीं थी कि ऐसा हो सकता है।
- मो. शाहनवाज, व्यापारी
बवाल के समय हम अपने घर में थे। कोट पूर्वी में घर के नीचे ही हमारी किराना की दुकान है। बवाल थमने के बाद जब शाम को हमने निकलकर देखा तो दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी टूटे हुए थे। हमें जरा भी भनक नहीं थी कि इस तरह बवाल होगा।
- साबिर हुसैन, व्यापारी