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इस व्यवस्था में कैसे दुरुस्त होगा आधार, सुबह चार बजे लोग लाइन में लगने को लाचार
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दिल्ली रोड यूनियन में आधार कार्ड ठीक कराने के लिए रात 3 बजे से लाइन में लगे लोग
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मुरादाबाद। दिल्ली रोड स्थित इंडियन बैंक। सुबह पांच बजे का वक्त। बैंक के बाहर जमीन पर पानी की बोतल, बैग और पॉलीथिन रखे हुए थे। जो भी कोई ओर यहां आता अपना बैग या अन्य सामान पीछे रखकर आसपास बैठकर अपने नंबर का इंतजार करने लगता। धीरे धीरे लाइन लंबी होने लगी। जैसे ही संख्या 30 हुई तो लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया बस कोटा पूरा हो गया। इसके बाद आने वाला खुद ही लौट रहा था । घंटों इंतजार के बाद करीब साढ़े नौ बजे खुला लेकिन आधार कार्ड बनाने वाले वेंडर ही नहीं आए और घंटों इंतजार के बाद ये लोग खाली हाथ मायूस ही घर लौट गए। बात कर रहे हैं आधार कार्डों में अपडेशन की जिसके लिए लोग परेशान हैं। अपने आधार कार्ड की त्रुटियों को दुरस्त कराने के लिए अल सुबह लाइन में आकर लग जाते हैं पर हाल बुरा है। कभी बात बन जाती है तो कभी उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने दिल्ली रोड स्थित इंडियन बैंक पर जाकर सारी स्थिति को चेक किया।
यह हो रहा है काम
दरअसल सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड की अहमियत बढ़ रही है। अन्य कई विभागों की तरह अब समाज कल्याण विभाग भी आधार कार्ड पर दर्ज मोबाइल नंबर पर ही सूचना और ओटीपी देगा। ऐसे में आधार कार्डों में संशोधन का काम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुरू किया है। प्राधिकरण द्वारा नामित संस्था के प्रतिनिधि बैंकों में प्रतिदिन एक निर्धारित संख्या में आधार कार्ड बनाते हैं, जबकि भीड़ कहीं अधिक है।
सामान रखकर पक्का करते हैं अपना नंबर
नंबर आ जाए, इसके लिए लोग सुबह लगभग चार बजे बैंक के बाहर आ जाते हैं। यहां अपना कोई सामान रखकर अपना नंबर पक्का कर लेते हैं। बाद में बैंक खुलने पर उन 30 लोगों को उनके खुद के दिए नंबर के आधार पर टोकन बांट देता है और उसी नंबर के हिसाब से आधार अपडेशन होता है। हालत ये है कि आधार बनवाने और अपडेशन कराने को सुबह तीन बजे से ही बैंकों के बाहर लाइन लगनी शुरू हो जाती है ताकि नंबर आ सके। इसके लिए शासन स्तर से ही ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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केस 1
खुशहालनगर निवासी इंद्रेश अपनी बेटी अंशिका और प्रियांशी के साथ आधार अपडेशन कराने आई थी। डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर डलवाना था। रात को ही घर से निकल गए थे। बताया कि रात को आने में रास्ते में डर भी लगता है पर क्या करें जब व्यवस्था ही ऐसी है।
केस 2
खुशहाल नगर की गीता ने बताया कि वो चार दिन से यहां आ रही है लेकिन उनका नंबर नहीं आता। आज सुबह साढ़े चार बजे यहां आकर बैठ गई तब नंबर आया। बाद में आधार ना बनने पर मायूस ही लौटी।
केस 3
गजरौला के एक नर्सिंग कालेज से नर्सिंग कोर्स कर रही शीतल ने बताया कि उसे अपना आधार पर डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर ठीक कराना है । वह तीन बार आईं लेकिन नंबर नहीं आया। आज सुबह साढ़े चार बजे यहां आई तो नंबर आया लेकिन फिर भी काम नहीं हुआ।
केस 4
लाइनपार निवासी अंजलि ने बताया कि वो हाईस्कूल में आई हैं लेकिन आधार कार्ड में त्रुटि है। जिसे ठीक कराना है। इसके बाद ही छात्रवृत्ति फार्म भरेगी। लेकिन चार बार आने पर भी नंबर नहीं आया था मजबूरन आज सुबह पांच बजे यहां पहुंची तो नंबर आया लेकिन बाद में बताया कि आधार अपडेशन नहीं होगा। वापस ही लौटना पड़ा।
केस 5
खुशहाल नगर के अंकुर ने बताया कि उसने दो अन्य बैंकों से भी तीन बार प्रयास किया लेकिन नंबर नहीं आया। अब यहां सुबह तीन बजे यहां आया तो नबर आया लेेकिन बाद में आधार कार्ड बनाने वाले ही नहीं आए ओर खाली लौटना पड़ा।
केस 6
लाइनपार के आदित्य ने बताया कि वह नवीं कक्षा में आया है। अब यूपी बोर्ड के लिए रजिस्ट्रेशन होगा लेकिन आधार कार्ड में त्रुटि होने की वजह से उसमें संशोधन करना है। पहले तीन चार बैंकों में आधार अपडेशन के लिए ट्राई किया लेकिन नंबर नहीं आया। आज सुबह चार बजे पहुंचा तब आठवां नंबर आया लेकिन फिर भी खाली ही लौटा।
कोट
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा नामित संस्था के प्रतिनिधि ही बैंक में आधार कार्ड बनाते हैं। बैंक उन्हें सिर्फ बैठने को जगह उपलब्ध कराता है। यदि कोई वेंडर नहीं आता तो उसकी सूचना हैड ऑफिस को करते हैैं। दो दिन से बैंक में आधार कार्ड बनाने अपडेट कराने वाला वेंडर नहीं आ रहा है। इसकी रिपोर्ट बैंक के उच्चाधिकारियों को कर दी गई है।
- विवेक कुमार, शाखा प्रबंधक इंडियन बैंक दिल्ली रोड
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यह हो रहा है काम
दरअसल सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड की अहमियत बढ़ रही है। अन्य कई विभागों की तरह अब समाज कल्याण विभाग भी आधार कार्ड पर दर्ज मोबाइल नंबर पर ही सूचना और ओटीपी देगा। ऐसे में आधार कार्डों में संशोधन का काम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुरू किया है। प्राधिकरण द्वारा नामित संस्था के प्रतिनिधि बैंकों में प्रतिदिन एक निर्धारित संख्या में आधार कार्ड बनाते हैं, जबकि भीड़ कहीं अधिक है।
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सामान रखकर पक्का करते हैं अपना नंबर
नंबर आ जाए, इसके लिए लोग सुबह लगभग चार बजे बैंक के बाहर आ जाते हैं। यहां अपना कोई सामान रखकर अपना नंबर पक्का कर लेते हैं। बाद में बैंक खुलने पर उन 30 लोगों को उनके खुद के दिए नंबर के आधार पर टोकन बांट देता है और उसी नंबर के हिसाब से आधार अपडेशन होता है। हालत ये है कि आधार बनवाने और अपडेशन कराने को सुबह तीन बजे से ही बैंकों के बाहर लाइन लगनी शुरू हो जाती है ताकि नंबर आ सके। इसके लिए शासन स्तर से ही ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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केस 1
खुशहालनगर निवासी इंद्रेश अपनी बेटी अंशिका और प्रियांशी के साथ आधार अपडेशन कराने आई थी। डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर डलवाना था। रात को ही घर से निकल गए थे। बताया कि रात को आने में रास्ते में डर भी लगता है पर क्या करें जब व्यवस्था ही ऐसी है।
केस 2
खुशहाल नगर की गीता ने बताया कि वो चार दिन से यहां आ रही है लेकिन उनका नंबर नहीं आता। आज सुबह साढ़े चार बजे यहां आकर बैठ गई तब नंबर आया। बाद में आधार ना बनने पर मायूस ही लौटी।
केस 3
गजरौला के एक नर्सिंग कालेज से नर्सिंग कोर्स कर रही शीतल ने बताया कि उसे अपना आधार पर डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर ठीक कराना है । वह तीन बार आईं लेकिन नंबर नहीं आया। आज सुबह साढ़े चार बजे यहां आई तो नंबर आया लेकिन फिर भी काम नहीं हुआ।
केस 4
लाइनपार निवासी अंजलि ने बताया कि वो हाईस्कूल में आई हैं लेकिन आधार कार्ड में त्रुटि है। जिसे ठीक कराना है। इसके बाद ही छात्रवृत्ति फार्म भरेगी। लेकिन चार बार आने पर भी नंबर नहीं आया था मजबूरन आज सुबह पांच बजे यहां पहुंची तो नंबर आया लेकिन बाद में बताया कि आधार अपडेशन नहीं होगा। वापस ही लौटना पड़ा।
केस 5
खुशहाल नगर के अंकुर ने बताया कि उसने दो अन्य बैंकों से भी तीन बार प्रयास किया लेकिन नंबर नहीं आया। अब यहां सुबह तीन बजे यहां आया तो नबर आया लेेकिन बाद में आधार कार्ड बनाने वाले ही नहीं आए ओर खाली लौटना पड़ा।
केस 6
लाइनपार के आदित्य ने बताया कि वह नवीं कक्षा में आया है। अब यूपी बोर्ड के लिए रजिस्ट्रेशन होगा लेकिन आधार कार्ड में त्रुटि होने की वजह से उसमें संशोधन करना है। पहले तीन चार बैंकों में आधार अपडेशन के लिए ट्राई किया लेकिन नंबर नहीं आया। आज सुबह चार बजे पहुंचा तब आठवां नंबर आया लेकिन फिर भी खाली ही लौटा।
कोट
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा नामित संस्था के प्रतिनिधि ही बैंक में आधार कार्ड बनाते हैं। बैंक उन्हें सिर्फ बैठने को जगह उपलब्ध कराता है। यदि कोई वेंडर नहीं आता तो उसकी सूचना हैड ऑफिस को करते हैैं। दो दिन से बैंक में आधार कार्ड बनाने अपडेट कराने वाला वेंडर नहीं आ रहा है। इसकी रिपोर्ट बैंक के उच्चाधिकारियों को कर दी गई है।
- विवेक कुमार, शाखा प्रबंधक इंडियन बैंक दिल्ली रोड