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भ्रष्टाचार छिपाने के लिए चमकाया जाने लगा पंचायत भवन, नाली निर्माण भी शुरू
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मुरादाबाद। जिले की ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की परतें खुलने लगी हैं। शुक्रवार को डीपीआरओ ने ब्लॉक बिलारी की ग्राम पंचायत सोनकपुर में जांच की तो सच्चाई सामने आ गई। पंचायत भवन निर्माण दिखाकर रकम निकाली जा चुकी थी, लेकिन मौके पर उसे बाहर से चमकाया जा रहा था। नाली की दीवारों पर प्लास्टर चढ़ाया जा रहा था। निर्माण कार्य होता न देख डीपीआरओ ने एडीओ और सचिव को जमकर फटकारा।
याद रहे कि अमर उजाला ने दो जून को पंचायत चुनाव की आचार संहिता के दौरान प्रशासकों ने 12 करोड़ उड़ाए शीर्षक से खबर प्रकाशित की। पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के जिले में प्रशासकों के इस कारनामे की खबर पर पंचायती राज विभाग में खलबली मच गई। जिले की 646 ग्राम पंचायतों में सिर्फ दो महीने में ही 348 ग्राम पंचायतों में 12 करोड़ के काम करा डाले हैं। अगले दिन तीन जून को ग्राम पंचायत सोनकपुर और रतनपुर कलां की पड़ताल की गई, जिसमें निर्माण कार्यों की पोल खुलकर सामने आ गई। इसी हकीकत को देखने डीपीआरओ सोनकपुर पहुंचे, जहां भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जिस पंचायत भवन को दो महीने पहले बना दिखाया गया था, उसकी पुताई हो रही थी। टूटी नाली के ऊपर प्लास्टर चिपकाया जा रहा था। ये देख डीपीआरओ हैरान रह गए, उन्होंने एडीओ पंचायत द्विजेंद्र सिंह और पंचायत सचिव रामप्रकाश की जमकर फटकार लगाई। कहा, 15 दिन में पूरे काम कराएं, फिर पाई-पाई का हिसाब लूूंगा।
खाते से रकम निकाली, मौके पर नहीं मिले काम, हकीकत देख नाराज होते रहे डीपीआरओ
ग्राम पंचायत सोनकपुर में प्रशासक के कार्यकाल में लगभग 20.97 लाख रुपये से निर्माण कार्य कराए गए हैं। ग्राम निधि के खाते से यह रकम निकाली जा चुकी है, लेकिन डीपीआरओ ने जब मौके पर देखा तो कोई काम नहीं मिला। उन्होंने जिस निर्माण को देखा, वही नहीं कराया गया था, जिस पर वे नाराज होते रहे। डीपीआरओ को स्कूल के एक कोने में चहारदीवारी टूटी मिली। शवदाह गृह में भवन पर प्लास्टर नहीं मिला और हैंडपंप ठप मिला। दो स्थानों पर नाली निर्माण नहीं मिला। टूटी नाली देख डीपीआरओ खफा हो गए और सचिव से पूछा- यही काम कराए हैं। पंचायत भवन में काम नहीं कराया गया। रंगाई पुताई कर बाहर से पंचायत भवन को चमकाते पाया गया। छत की मजबूती के लिए पिलर तक नहीं लगाया गया। गांव में वाटर कूलर खराब मिला। जो काम कराए गए थे, उनकी गुणवत्ता खराब मिली। शीला के घर से कल्लू के घर तक बनाई गए सड़क एक महीने में ही बैठ गई।
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प्रधान ने की बैठक, कहा- गड़बड़ी कराने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलारी। डीपीआरओ के जांच कर जाने के बाद ग्राम प्रधान सरिता कुमारी ने अपने आवास पर गांव वालों के साथ बैठक की। कहा, अमर उजाला की पड़ताल से सच सामने आ गया है। अब कोई ग्राम निधि का पैसा हजम नहीं कर पाएगा। एक-एक पैसा लगाना पड़ेगा। इसके बाद भी गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। ग्रामीणों ने इस पर खुशी जताई।
ग्राम पंचायत सोनकपुर में शुक्रवार को कराए गए विकास कार्यों की जांच की गई। अधिकांश निर्माण कार्य नहीं कराए गए हैं, जो कराए गए, उनकी भी गुणवत्ता बेहद खराब है। एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव को 15 दिन में सभी काम गुणवत्तापरक ढंग से कराने के निर्देश दिए गए हैं। 15 दिन बाद फिर जांच की जाएगी, यदि इसमें कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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याद रहे कि अमर उजाला ने दो जून को पंचायत चुनाव की आचार संहिता के दौरान प्रशासकों ने 12 करोड़ उड़ाए शीर्षक से खबर प्रकाशित की। पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के जिले में प्रशासकों के इस कारनामे की खबर पर पंचायती राज विभाग में खलबली मच गई। जिले की 646 ग्राम पंचायतों में सिर्फ दो महीने में ही 348 ग्राम पंचायतों में 12 करोड़ के काम करा डाले हैं। अगले दिन तीन जून को ग्राम पंचायत सोनकपुर और रतनपुर कलां की पड़ताल की गई, जिसमें निर्माण कार्यों की पोल खुलकर सामने आ गई। इसी हकीकत को देखने डीपीआरओ सोनकपुर पहुंचे, जहां भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जिस पंचायत भवन को दो महीने पहले बना दिखाया गया था, उसकी पुताई हो रही थी। टूटी नाली के ऊपर प्लास्टर चिपकाया जा रहा था। ये देख डीपीआरओ हैरान रह गए, उन्होंने एडीओ पंचायत द्विजेंद्र सिंह और पंचायत सचिव रामप्रकाश की जमकर फटकार लगाई। कहा, 15 दिन में पूरे काम कराएं, फिर पाई-पाई का हिसाब लूूंगा।
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खाते से रकम निकाली, मौके पर नहीं मिले काम, हकीकत देख नाराज होते रहे डीपीआरओ
ग्राम पंचायत सोनकपुर में प्रशासक के कार्यकाल में लगभग 20.97 लाख रुपये से निर्माण कार्य कराए गए हैं। ग्राम निधि के खाते से यह रकम निकाली जा चुकी है, लेकिन डीपीआरओ ने जब मौके पर देखा तो कोई काम नहीं मिला। उन्होंने जिस निर्माण को देखा, वही नहीं कराया गया था, जिस पर वे नाराज होते रहे। डीपीआरओ को स्कूल के एक कोने में चहारदीवारी टूटी मिली। शवदाह गृह में भवन पर प्लास्टर नहीं मिला और हैंडपंप ठप मिला। दो स्थानों पर नाली निर्माण नहीं मिला। टूटी नाली देख डीपीआरओ खफा हो गए और सचिव से पूछा- यही काम कराए हैं। पंचायत भवन में काम नहीं कराया गया। रंगाई पुताई कर बाहर से पंचायत भवन को चमकाते पाया गया। छत की मजबूती के लिए पिलर तक नहीं लगाया गया। गांव में वाटर कूलर खराब मिला। जो काम कराए गए थे, उनकी गुणवत्ता खराब मिली। शीला के घर से कल्लू के घर तक बनाई गए सड़क एक महीने में ही बैठ गई।
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प्रधान ने की बैठक, कहा- गड़बड़ी कराने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलारी। डीपीआरओ के जांच कर जाने के बाद ग्राम प्रधान सरिता कुमारी ने अपने आवास पर गांव वालों के साथ बैठक की। कहा, अमर उजाला की पड़ताल से सच सामने आ गया है। अब कोई ग्राम निधि का पैसा हजम नहीं कर पाएगा। एक-एक पैसा लगाना पड़ेगा। इसके बाद भी गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। ग्रामीणों ने इस पर खुशी जताई।
ग्राम पंचायत सोनकपुर में शुक्रवार को कराए गए विकास कार्यों की जांच की गई। अधिकांश निर्माण कार्य नहीं कराए गए हैं, जो कराए गए, उनकी भी गुणवत्ता बेहद खराब है। एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव को 15 दिन में सभी काम गुणवत्तापरक ढंग से कराने के निर्देश दिए गए हैं। 15 दिन बाद फिर जांच की जाएगी, यदि इसमें कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी