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चिट फंड कंपनी खोलकर 450 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी
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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा में चिट फंड कंपनी खोलकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। चिट फंड कंपनी के डायरेक्टर ने अधिक ब्याज और रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 450 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये जमा करा ली। अब जमा रकम मांगने पर लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। सोमवार को ठगी के शिकार लोगों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। वहीं एसएसपी ने सीओ ठाकुरद्वारा को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
ठाकुरद्वारा थानाक्षेत्र के लालपुर गोसाई निवासी नरेश सिंह यतेंद्र सिंह और डिलारी के मलकपुर सोमली निवासी नरदेश सिंह और दीपक ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर फतेहउल्ला गंज निवासी व्यक्ति पर ठगी का आरोप लगाया है। आरोपी व्यक्ति ने आठ साल पहले ठाकुरद्वारा में चिट फंड कंपनी खोली थी। आरोपी ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताया था। आरोपी डायरेक्टर और उनके साथियों ने लोगों को कंपनी में रकम निवेश करने पर पांच साल में दोगुनी करने का झांसा दिया। साथ ही कंपनी की ओर से अधिक ब्याज देने का भी झांसा दिया था। कंपनी में साढ़े चार सौ लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये जमा किया। समय अवधि पूरी होने पर इन लोगों की रकम तीन करोड़ हो गई थी। लोगों ने अपनी रकम के लिए आरोपी डायरेक्टर पर दबाव बनाया तो वह टालमटोल करने लगा। कभी एक माह तो कभी पंद्रह दिन में रुपये वापस करने का झांसा देता रहा। जब लोगों ने अधिक दबाव बनाया तो आरोपी ने लोगों को जान से मारने की धमकी दी और रुपये देने से साफ इनकार कर दिया। सोमवार को पीड़ित लोग एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिले और शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने ठाकुरद्वारा सीओ को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सवा साल पहले ठाकुरद्वारा कोतवाली में हुआ था समझौता
मुरादाबाद। पीड़ित नरदेव सिंह चौहान ने बताया कि ठगी के मामले की शिकायत ठाकुरद्वारा कोतवाली में की थी। तब आरोपी डायरेक्टर ने 16 मई 2019 को शपथ पत्र देकर एक माह में सभी की रकम लौटाने का वादा किया था। लेकिन अभी किसी को रकम वापस नहीं मिली।
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नेताओं का करीबी है आरोपी डायरेक्टर
मुरादाबाद। चिट फंड का डायरेक्टर ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नेताओं का करीबी है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी डायरेक्टर अपने सियासी रसूख का इस्तेमाल कर पीड़ितों का रकम लौटाने में आना कानी करता है। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी देता है। नरदेव और अन्य पीड़ितों ने बताया कि आरोपी डायरेक्टर और उनके साथियों ने ठाकुरद्वारा में काशीपुर रोड पर कंपनी के नाम पर जमीन खरीदी थी। इस जमीन को बेचकर पीड़ित लोगों की रकम लौटने का वादा किया था। लेकिन जमीन बेचने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।
किसी ने जमा पूंजी लगाई तो किसी ने जेवर और बेचकर रुपये जमा किए
मुरादाबाद। रकम दोगुनी कराने के लालच में फंसे लोगों ने अपनी जमा पूंजी तक कंपनी में लगा दी। उन्होंने बैंक खातों से रकम निकाली और कंपनी के डायरेक्टर के पास जमा करा दी। इसके अलावा कुछ लोगों ने पत्नी के जेवर बेच दिए तो कुछ लोगों ने अपनी जमीन तक बेचकर रकम चिट फंड कंपनी में लगा दी। पांच साल में रकम दोगुनी होने पर कोई अपनी बेटी तो कोई अपने बेटे की शादी करने का सपना देख रहा था तो कोई मकान बनाने की योजना बना चुका था, लेकिन जालसाज ने एक भी पैसा लोगों को वापस नहीं लौटाया है।
अमरोहा में भी चिटफंड कंपनी खोलकर हो चुकी है ठगी
मुरादाबाद। चिटफंड कंपनी खोलकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी करने का मामला अमरोहा में भी चुका है। अमरोहा के जोया और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने कंपनी में एक करोड़ रुपये जमा किया था। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज भी दर्ज किया है। वहीं पेरोल पर जेल से बाहर आए आरोपी डायरेक्टर ने सोलह जुलाई को फंदे पर झूलकर अपनी जान दे दी है।
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ठाकुरद्वारा थानाक्षेत्र के लालपुर गोसाई निवासी नरेश सिंह यतेंद्र सिंह और डिलारी के मलकपुर सोमली निवासी नरदेश सिंह और दीपक ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर फतेहउल्ला गंज निवासी व्यक्ति पर ठगी का आरोप लगाया है। आरोपी व्यक्ति ने आठ साल पहले ठाकुरद्वारा में चिट फंड कंपनी खोली थी। आरोपी ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताया था। आरोपी डायरेक्टर और उनके साथियों ने लोगों को कंपनी में रकम निवेश करने पर पांच साल में दोगुनी करने का झांसा दिया। साथ ही कंपनी की ओर से अधिक ब्याज देने का भी झांसा दिया था। कंपनी में साढ़े चार सौ लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये जमा किया। समय अवधि पूरी होने पर इन लोगों की रकम तीन करोड़ हो गई थी। लोगों ने अपनी रकम के लिए आरोपी डायरेक्टर पर दबाव बनाया तो वह टालमटोल करने लगा। कभी एक माह तो कभी पंद्रह दिन में रुपये वापस करने का झांसा देता रहा। जब लोगों ने अधिक दबाव बनाया तो आरोपी ने लोगों को जान से मारने की धमकी दी और रुपये देने से साफ इनकार कर दिया। सोमवार को पीड़ित लोग एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिले और शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने ठाकुरद्वारा सीओ को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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सवा साल पहले ठाकुरद्वारा कोतवाली में हुआ था समझौता
मुरादाबाद। पीड़ित नरदेव सिंह चौहान ने बताया कि ठगी के मामले की शिकायत ठाकुरद्वारा कोतवाली में की थी। तब आरोपी डायरेक्टर ने 16 मई 2019 को शपथ पत्र देकर एक माह में सभी की रकम लौटाने का वादा किया था। लेकिन अभी किसी को रकम वापस नहीं मिली।
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नेताओं का करीबी है आरोपी डायरेक्टर
मुरादाबाद। चिट फंड का डायरेक्टर ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नेताओं का करीबी है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी डायरेक्टर अपने सियासी रसूख का इस्तेमाल कर पीड़ितों का रकम लौटाने में आना कानी करता है। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी देता है। नरदेव और अन्य पीड़ितों ने बताया कि आरोपी डायरेक्टर और उनके साथियों ने ठाकुरद्वारा में काशीपुर रोड पर कंपनी के नाम पर जमीन खरीदी थी। इस जमीन को बेचकर पीड़ित लोगों की रकम लौटने का वादा किया था। लेकिन जमीन बेचने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।
किसी ने जमा पूंजी लगाई तो किसी ने जेवर और बेचकर रुपये जमा किए
मुरादाबाद। रकम दोगुनी कराने के लालच में फंसे लोगों ने अपनी जमा पूंजी तक कंपनी में लगा दी। उन्होंने बैंक खातों से रकम निकाली और कंपनी के डायरेक्टर के पास जमा करा दी। इसके अलावा कुछ लोगों ने पत्नी के जेवर बेच दिए तो कुछ लोगों ने अपनी जमीन तक बेचकर रकम चिट फंड कंपनी में लगा दी। पांच साल में रकम दोगुनी होने पर कोई अपनी बेटी तो कोई अपने बेटे की शादी करने का सपना देख रहा था तो कोई मकान बनाने की योजना बना चुका था, लेकिन जालसाज ने एक भी पैसा लोगों को वापस नहीं लौटाया है।
अमरोहा में भी चिटफंड कंपनी खोलकर हो चुकी है ठगी
मुरादाबाद। चिटफंड कंपनी खोलकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी करने का मामला अमरोहा में भी चुका है। अमरोहा के जोया और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने कंपनी में एक करोड़ रुपये जमा किया था। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज भी दर्ज किया है। वहीं पेरोल पर जेल से बाहर आए आरोपी डायरेक्टर ने सोलह जुलाई को फंदे पर झूलकर अपनी जान दे दी है।