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Moradabad News: सहयाद्रि योजना की बाधा दूर, अब खरीद सकेंगे प्लॉट-फ्लैट
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मुरादाबाद। एमडीए की सहयाद्रि योजना को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। अब शहरवासी प्लॉट और फ्लैट खरीद सकेंगे। योजना के प्रथम चरण के लिए रेरा से मंजूरी मिल गई है। 12 हेक्टेयर सीलिंग की भूमि के लिए एमडीए ने 12 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
सोनकपुर पुल से सटी भूमि पर एमडीए ने सहयाद्रि योजना को लॉन्च किया था। इस योजना को रेरा में पंंजीकरण करने के लिए एमडीए ने आवेदन किया था। रेरा के अधिकारियों ने कहा कि जब तक एमडीए सौ प्रतिशत जमीन अपने नाम नहीं करेगा, तब तक पंजीकरण संभव नहीं है। इस मामले में एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने सीलिंग की 12 हेक्टेयर भूमि को लेने के लिए पैरवी की। इस मामले में प्रमुख सचिव आवास विकास ने शनिवार को अपना जमीन देने का निर्णय दिया। शर्त रखी गई कि एमडीए जमीन का 21 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा करेगा। इस बारे में एमडीए की सचिव अंजूलता ने बताया कि आदेश के तहत सोमवार को निर्धारित धन आवास विकास विभाग के खाते में जमा कर दिया जाएगा। सीलिंग का कागजात मिलने के बाद उसे रेरा में भेजा जाएगा। अब एमडीए रेरा के तहत पंजीकरण कराने के बाद भूखंड और फ्लैट आम लोगों को नियमानुसार बेच सकेगा।
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800 सीटर कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा
- 11 साल पहले सोनकपुर आवासीय योजना बनाई गई थी। अब इस योजना नाम सहयाद्रि कर दिया गया है। 50 हेक्टेयर क्षेत्र वाली इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक, नर्सिंग होम, स्कूल आदि के करीब 1600 भूखंड होंगे। 800 सीटर ऑडिटोरियम सह कन्वेंशन सेंटर की भी स्थापना होगा। एमडीए के अधिकारी सोनकपुर में पार्क, सड़क, पेयजल, सीवर आदि सुविधाओं की व्यवस्था करने की योजना बना चुके हैं। एमडीए ने 25 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी थी। बाकी जमीन अर्बन सीलिंग की थी।
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विवाद के कारण 11 साल तक फंसी रही योजना
- 11 साल पहले ग्राम पंचायत सोनकपुर देहात के पास विभिन्न श्रेणियों के 434 आवास बनाकर योजना को लाॅन्च किया गया था। कई पार्क भी बनाए गए थे, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बनाए गए रास्ते को लेकर कुछ किसानों से एमडीए का विवाद हो गया। मामला न्यायालय में चले जाने के बाद यह योजना लटक गई। विभिन्न श्रेणियों के बने आवास जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। किसी की खिड़की गायब हो गई तो किसी के दरवाजे नदारत हैं। पार्क में लगे पौधे भी गायब हो गए हैं।
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कांठ से दिल्ली रोड को मिलाने वाले मार्ग पर है योजना
- आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह आवासीय योजना शहर के मध्य में कांठ रोड से दिल्ली रोड को मिलाने वाले 24 मीटर महायोजना मार्ग पर विकसित की जा रही है। मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली रेलवे लाइन योजना को दो भागों में विभाजित करती है।
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योजना में खास
- नर्सिंग होम के लिए 800 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट मुख्य मार्ग के निकट उपलब्ध होंगे।
- योजना में 50, 60, 72, 90, 112, 162 व 200 वर्ग मीटर के 1600 आवासीय भूखंड हैं।
- योजना में 160 ई-डब्ल्यूएस, एलआईजी 160, 50 एमआईजी, 64 एमएमआई आवासीय भवन समेत 434 आवासीय भवन होंगे।
- सभी भूखंड 24 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग के पास स्थित होंगे।
- योजना के दोनों भागों में विभिन्न आकार के आठ व्यवसायिक भूखंड शिक्षण संस्थानों के लिए रहेंगे।
- योजना में अन्य सुविधाओं के लिए वेजिटेबल प्लटेफॉर्म, आंगनबाड़ी केंद्र, पुलिस पोस्ट, पोस्ट ऑफिस, ई-सुविधा सेंटर, बैंक, पब्लिक टॉयलेट, गारबेज कलेक्शन, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के साथ एसटीपी की भी व्यवस्था दी गई है।
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सोनकपुर पुल से सटी भूमि पर एमडीए ने सहयाद्रि योजना को लॉन्च किया था। इस योजना को रेरा में पंंजीकरण करने के लिए एमडीए ने आवेदन किया था। रेरा के अधिकारियों ने कहा कि जब तक एमडीए सौ प्रतिशत जमीन अपने नाम नहीं करेगा, तब तक पंजीकरण संभव नहीं है। इस मामले में एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने सीलिंग की 12 हेक्टेयर भूमि को लेने के लिए पैरवी की। इस मामले में प्रमुख सचिव आवास विकास ने शनिवार को अपना जमीन देने का निर्णय दिया। शर्त रखी गई कि एमडीए जमीन का 21 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा करेगा। इस बारे में एमडीए की सचिव अंजूलता ने बताया कि आदेश के तहत सोमवार को निर्धारित धन आवास विकास विभाग के खाते में जमा कर दिया जाएगा। सीलिंग का कागजात मिलने के बाद उसे रेरा में भेजा जाएगा। अब एमडीए रेरा के तहत पंजीकरण कराने के बाद भूखंड और फ्लैट आम लोगों को नियमानुसार बेच सकेगा।
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800 सीटर कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा
- 11 साल पहले सोनकपुर आवासीय योजना बनाई गई थी। अब इस योजना नाम सहयाद्रि कर दिया गया है। 50 हेक्टेयर क्षेत्र वाली इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक, नर्सिंग होम, स्कूल आदि के करीब 1600 भूखंड होंगे। 800 सीटर ऑडिटोरियम सह कन्वेंशन सेंटर की भी स्थापना होगा। एमडीए के अधिकारी सोनकपुर में पार्क, सड़क, पेयजल, सीवर आदि सुविधाओं की व्यवस्था करने की योजना बना चुके हैं। एमडीए ने 25 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी थी। बाकी जमीन अर्बन सीलिंग की थी।
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विवाद के कारण 11 साल तक फंसी रही योजना
- 11 साल पहले ग्राम पंचायत सोनकपुर देहात के पास विभिन्न श्रेणियों के 434 आवास बनाकर योजना को लाॅन्च किया गया था। कई पार्क भी बनाए गए थे, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बनाए गए रास्ते को लेकर कुछ किसानों से एमडीए का विवाद हो गया। मामला न्यायालय में चले जाने के बाद यह योजना लटक गई। विभिन्न श्रेणियों के बने आवास जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। किसी की खिड़की गायब हो गई तो किसी के दरवाजे नदारत हैं। पार्क में लगे पौधे भी गायब हो गए हैं।
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कांठ से दिल्ली रोड को मिलाने वाले मार्ग पर है योजना
- आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह आवासीय योजना शहर के मध्य में कांठ रोड से दिल्ली रोड को मिलाने वाले 24 मीटर महायोजना मार्ग पर विकसित की जा रही है। मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली रेलवे लाइन योजना को दो भागों में विभाजित करती है।
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योजना में खास
- नर्सिंग होम के लिए 800 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट मुख्य मार्ग के निकट उपलब्ध होंगे।
- योजना में 50, 60, 72, 90, 112, 162 व 200 वर्ग मीटर के 1600 आवासीय भूखंड हैं।
- योजना में 160 ई-डब्ल्यूएस, एलआईजी 160, 50 एमआईजी, 64 एमएमआई आवासीय भवन समेत 434 आवासीय भवन होंगे।
- सभी भूखंड 24 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग के पास स्थित होंगे।
- योजना के दोनों भागों में विभिन्न आकार के आठ व्यवसायिक भूखंड शिक्षण संस्थानों के लिए रहेंगे।
- योजना में अन्य सुविधाओं के लिए वेजिटेबल प्लटेफॉर्म, आंगनबाड़ी केंद्र, पुलिस पोस्ट, पोस्ट ऑफिस, ई-सुविधा सेंटर, बैंक, पब्लिक टॉयलेट, गारबेज कलेक्शन, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के साथ एसटीपी की भी व्यवस्था दी गई है।