Railway News: रामपुर से बरेली के बीच 63 किमी में कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं, नौ स्टेशनों के यात्री बसों पर निर्भर
रामपुर से बरेली के बीच कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को बसों का सहारा लेना पड़ रहाा है। बरेली और रामपुर के बीच नौ छोट स्टेशन पड़ते हैं लेकिन यहां पर कोई एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामपुर से बरेली के बीच 63 किमी. के रेलखंड में कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं है, जबकि रामपुर से बरेली के बीच नौ छोटे स्टेशन पड़ते हैं। इन कस्बों के लोगों को बरेली या नजदीकी स्टेशनों तक जाने के लिए बस का ही सहारा है। यदि 20 से 30 किमी. पीछे रामपुर आकर एक्सप्रेस ट्रेन में बैठें तो वह सीधे बरेली रुकती है।
ऐसी स्थिति में रामपुर-बरेली के बीच शहजादनगर, धमोरा, दुगनपुर, मिलक, नगरिया सादात, धनेटा, भिटौरा, परसा खेड़ा, सीबीगंज स्टेशनों के बीच यात्री ट्रेन से सफर नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इन स्टेशनों पर किसी ट्रेन का ठहराव नहीं है। मुरादाबाद से बरेली के बीच दो ट्रेनें मुरादाबाद-बरेली व दिल्ली-बरेली पैसेंजर चलती हैं, लेकिन ये दोनों ही चंदौसी होकर बरेली तक जाती हैं।
ऐसे में मेनलाइन पर पड़ने वाले स्टेशन आज तक आपस में जुड़ नहीं पाए हैं। लंबे समय से लोगों की मांग है कि मुरादाबाद से रामपुर होकर बरेली के लिए पैसेंजर ट्रेन चलाई जाए, लेकिन रेलवे ने कोई कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि यदि दिल्ली-बरेली पैसेंजर को ही सप्ताह में तीन दिन रामपुर होकर चला दिया जाए तो काफी सुविधा होगी।
पैसेंजर ट्रेनों के नंबर से अब तक नहीं हटा जीरो
एक जुलाई से पैसेंजर ट्रेनों के नंबर से जीरो हटाने की घोषणा रेलवे ने की थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। मुरादाबाद मंडल में चलने वाली मुरादाबाद-बरेली, दिल्ली-बरेली, चंदौसी-ऋषिकेश, गजरौला-अलीगढ़, मुरादाबाद-नजीबाबाद, गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर समेत सभी पैसेंजर ट्रेनें जीरो नंबर से संचालित हो रही हैं।
हालांकि, पुराना किराया पहले ही बहाल हो चुका है, लेकिन नंबर नहीं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि सभी जगह एक साथ व्यवस्था लागू होगी।
मुरादाबाद-दिल्ली के बीच पुशपुल पैसेंजर ट्रेन बहाल करने की मांग
दैनिक रेल यात्री संगठन के अध्यक्ष सुधीर पाठक का कहना है कि मुरादाबाद-दिल्ली के बीच पुशपुल पैसेंजर ट्रेन कोरोना के बाद से बहाल नहीं की गई। अन्य ट्रेनों से जनरल कोच कम कर दिए गए हैं। इसके कारण आला हजरत, काशी विश्वनाथ, इंटरसिटी समेत तमाम ट्रेनों के आरक्षित कोचों में अनारक्षित यात्री भरे रहते हैं। संगठन की मांग है कि पुशपुल पैसेंजर बहाल की जाए। साथ ही मुरादाबाद-गाजियाबाद मेमू को इंटरसिटी के बाद चलाया जाए, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।
मुरादाबाद से बरेली के बीच रामपुर होकर पैसेंजर ट्रेन चलाने समेत विभिन्न स्टेशनों से इस प्रकार के सुझाव समय-समय पर प्राप्त होते हैं। इन सुझावों को मुख्यालय भेज दिया जाता है। वहीं से निर्णय होता है। फिलहाल ऐसा कोई सुझाव नहीं मिला है। - राजकुमार सिंह, डीआरएम