पुलवामा हमले का जिक्र न राम का नाम, विकास योजनाओं पर फोकस रहा गडकरी का भाषण
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने 40 मिनट के भाषण को पूरी तरह विकास योजनाओं पर फोकस रखा। उन्होंने बार-बार यह संदेश देने की कोशिश की कि देश में पैसा और तकनीकि तो भरपूर है बस इच्छा शक्ति का टोटा है। उन्होंने अपने मंत्रालय की ओर से कराए गए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं को जनता के सामने रखा। श्रेय पीएम को देने के बजाए गडकरी ने कहा कि देश बदल रहा है, सड़कें बदल रही हैं और नए भारत का श्रेय जनता को जाता है। हालांकि पूरे भाषण में न तो राम का नाम उनकी जुबान पर आया और न ही उन्होंने पुलवामा के आतंकी हमले का जिक्र किया।
अपने निर्धारित कार्यक्रम से करीब डेढ़ घंटा देरी से साढ़े 12 बजे मुरादाबाद पहुंचे नितिन गडकरी यह कहने से भी नहीं चूके कि खाली बातें करने से काम चलने वाला नहीं क्योंकि सरकारों के कामकाज का सर्टिफिकेट जनता से लेना होता है। कार्यक्रम की शुरुआत में पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई लेकिन गडकरी ने अपने पूरे भाषण में एक बार भी इस घटना या घटना पर सरकार के स्टैंड का जिक्र नहीं किया। पूरे भाषण में बस एक बार उन्होंने कहा कि हमें आतंक मुक्त, भय मुक्त सशक्त भारत चाहिए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपना भाषण राम से शुरू करके जय श्री राम पर ही खत्म किया। इसके विपरीत नितिन गडकरी ने पूरे भाषण में एक बार भी राम का नाम नहीं लिया।
उन्होंने दिल्ली से मुंबई तक एक्सप्रेस वे बनाने और डबल डेकर एयरबस तक का जिक्र किया। लेकिन उनका पूरा भाषण सिर्फ अपने मंत्रालय की उपलब्धियों तक सिमटा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम अपने भाषण में सिर्फ एक बार लिया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने नमामि गंगे योजना शुरू की है। गडकरी ने अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वाराणसी से हल्दिया (कलकत्ता) तक जल मार्ग बनाने के साथ ही वह वाराणसी से प्रयागराज के लिए जलमार्ग को भी मंजूरी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी से हल्दिया जल मार्ग के जरिए 80 लाख टन माल का ट्रांसपोर्ट हो चुका है। उन्होंने कहा कि रशिया से उन्होंने बोट मंगाई है। जो 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पानी पर चलेगी। इससे माल ढुलाई के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी मदद मिलेगी।