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Moradabad News: एनएचएआई ने हाईवे निर्माण में बाधक बने घरों को किया ध्वस्त
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ठाकुरद्वारा। एनएचएआई ने शनिवार को मुरादाबाद फोर लेन हाईवे के निर्माण में बाधक बने पांच घरों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान संबंधित ग्रामीणों की एनएचएआई के अभियंता से नोकझोंक भी हुई।
गांव फौलादपुर के लोगों के पांच घर मुरादाबाद हाईवे के किनारे बने हुए थे। गांव के पूर्व प्रधान दिलशाद अहमद, नाजिम, नन्हे, मोहम्मद उमर आदि का कहना है कि घर उनकी भूमि में बने हुए थे लेकिन उन्हें मुआवजा दिए बिना ही उनके घर जेसीबी से गिरा दिए गए हैं। उन्होंने जेसीबी लेकर पुलिस के साथ पहुंचे इंजीनियर कृष्ण कुमार से घर तोड़ने का विरोध किया।
इसे लेकर ग्रामीणों की उनसे नोंकझोंक भी हुई। इंजीनियर कृष्ण कुमार ने कहा कि यह भूमि एनएचएआई की है। इसलिए उन्होंने घरों को हटाया है। इसके बाद पूर्व प्रधान ने कोतवाली पहुंचकर गांव के एक व्यक्ति पर फेसबुक पर उसे गाली-गलौज करने का वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया। जबकि दूसरे पक्ष ने भी पूर्व प्रधान पर मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया।
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कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार ने बताया कि पूर्व प्रधान ने मुआवजा दिलाने के लिए स्वयं और अन्य लोगों से पैसे एकत्र कर एक अधिवक्ता को दिए थे।
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गांव फौलादपुर के लोगों के पांच घर मुरादाबाद हाईवे के किनारे बने हुए थे। गांव के पूर्व प्रधान दिलशाद अहमद, नाजिम, नन्हे, मोहम्मद उमर आदि का कहना है कि घर उनकी भूमि में बने हुए थे लेकिन उन्हें मुआवजा दिए बिना ही उनके घर जेसीबी से गिरा दिए गए हैं। उन्होंने जेसीबी लेकर पुलिस के साथ पहुंचे इंजीनियर कृष्ण कुमार से घर तोड़ने का विरोध किया।
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इसे लेकर ग्रामीणों की उनसे नोंकझोंक भी हुई। इंजीनियर कृष्ण कुमार ने कहा कि यह भूमि एनएचएआई की है। इसलिए उन्होंने घरों को हटाया है। इसके बाद पूर्व प्रधान ने कोतवाली पहुंचकर गांव के एक व्यक्ति पर फेसबुक पर उसे गाली-गलौज करने का वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया। जबकि दूसरे पक्ष ने भी पूर्व प्रधान पर मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया।
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कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार ने बताया कि पूर्व प्रधान ने मुआवजा दिलाने के लिए स्वयं और अन्य लोगों से पैसे एकत्र कर एक अधिवक्ता को दिए थे।