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नवरात्र पर शुभ संयोग से दोगुना फल
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मुरादाबाद। इस बार शरद नवरात्र में शुभ संयोग भक्तों को दो गुना फल देंगे। नवरात्रि के शुरू के छह दिन में विशेष योग रहेंगे। 30 सितंबर को अमृत सिद्धि योग, एक अक्तूबर को रवि योग, दो अक्तूबर को अमृत और सिद्धि योग, तीन को सर्वार्थ सिद्धि योग, चार अक्तूबर को रवि योग, पांच अक्तूबर को रवि योग और छह अक्तूबर को सर्वसिद्धि योग रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आश्विन मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 29 सितंबर रविवार से शुरू होकर 7 अक्तूबर को समाप्त होंगे। नवरात्रि जो दिव्य स्त्री शक्ति, देवी दुर्गा को समर्पित है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह उत्सव देवी दुर्गा के पारंपरिक अनुष्ठान के साथ शुरू होता है। जिसे घटस्थापना पूजा कहा जाता है। भक्त नौ दिन तक उपवास रखते हैं। मां दुर्गा का आह्वान, कन्या पूजन किया जाता है।
इस तरह रहेंगे शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 29 तरीख सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर 7 बजकर 40 मिनट तक है। इसके अलावा, आप दिन में भी कलश स्थापन कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त दिन के 11 बजकर 48 मिनट से लेकर 12 बजकर 35 मिनट तक है।
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नवरात्र में व्रत के समय यह काम ना करे -
दाढ़ी, मूंछ, नाखून और अपने बाल नहीं कटवाने चाहिए।
घर में कलश स्थापना, अखंड ज्योति या माता की चौकी रखी है तो कभी भी अपने घर को खाली छोड़कर न जाएं।
नवरात्र के दौरान रसोई में बनने वाले भोजन में प्याज, लहसुन और मांसाहार नहीं बनाना चाहिए।
नवरात्र में व्रत रखने वाले व्रती को काले कपड़े धारण करने और दिन में सोने से बचना चाहिए।
नवरात्र के दौरान पूरे नौ दिन तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आश्विन मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 29 सितंबर रविवार से शुरू होकर 7 अक्तूबर को समाप्त होंगे। नवरात्रि जो दिव्य स्त्री शक्ति, देवी दुर्गा को समर्पित है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह उत्सव देवी दुर्गा के पारंपरिक अनुष्ठान के साथ शुरू होता है। जिसे घटस्थापना पूजा कहा जाता है। भक्त नौ दिन तक उपवास रखते हैं। मां दुर्गा का आह्वान, कन्या पूजन किया जाता है।
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इस तरह रहेंगे शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 29 तरीख सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर 7 बजकर 40 मिनट तक है। इसके अलावा, आप दिन में भी कलश स्थापन कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त दिन के 11 बजकर 48 मिनट से लेकर 12 बजकर 35 मिनट तक है।
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नवरात्र में व्रत के समय यह काम ना करे -
दाढ़ी, मूंछ, नाखून और अपने बाल नहीं कटवाने चाहिए।
घर में कलश स्थापना, अखंड ज्योति या माता की चौकी रखी है तो कभी भी अपने घर को खाली छोड़कर न जाएं।
नवरात्र के दौरान रसोई में बनने वाले भोजन में प्याज, लहसुन और मांसाहार नहीं बनाना चाहिए।
नवरात्र में व्रत रखने वाले व्रती को काले कपड़े धारण करने और दिन में सोने से बचना चाहिए।
नवरात्र के दौरान पूरे नौ दिन तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।