{"_id":"62d99cbf34d93a3e974ee580","slug":"nandi-garden-will-made-in-three-district-moradabad-news-mbd435367018","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्तूबर तक बनेंगे नंदी उपवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्तूबर तक बनेंगे नंदी उपवन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। मंडल के तीन जनपदों अमरोहा, संभल और बिजनौर में लावारिस पशुओं के लिए तीन नंदी उपवन बनाए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि ये उपवन अक्तूबर तक बछड़ों और सांड़ को रखने के योग्य हो जाएंगे।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की फसलों के लिए लावारिस पशु और बंदर काफी बड़ी समस्या बने हुए हैं। लावारिस पशुओं के चलते किसानों की गाढ़ी कमाई चंद घंटों में बर्बाद हो जाती है। शासन के निर्देश पर किसानों को राहत देने के लिए मंडल के तीन जिलों में नंदी उपवन बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए अमरोहा और बिजनौर जिले में 23-23 एकड़ भूमि और संभल में 22 एकड़ भूमि अधिगृहीत कर ली गई है। तीनों स्थानों पर जमीन के चारों तरफ खाईं खोदी जाएगी, तार बाड़ लगाया जाएगा। इसके साथ ही कटीले पौधे लगाए जाएंगे। लेपियर घास भी रोपी जाएगी। आर्चिड प्लांट लगाए जाएंगे। बिजनौर की जमीन पर बाउंड्री का काम चल रहा है। अन्य स्थानों पर भी कार्य प्रगति पर है। प्रथम फेस को अक्तूबर तक संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने पूरा करने का भरोसा दिया है। अक्तूबर तक बछड़े और साड़ रखने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मंडलायुक्त का दावा है कि इस व्यवस्था से किसानों की फसलों को नुकसान से काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की फसलों के लिए लावारिस पशु और बंदर काफी बड़ी समस्या बने हुए हैं। लावारिस पशुओं के चलते किसानों की गाढ़ी कमाई चंद घंटों में बर्बाद हो जाती है। शासन के निर्देश पर किसानों को राहत देने के लिए मंडल के तीन जिलों में नंदी उपवन बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए अमरोहा और बिजनौर जिले में 23-23 एकड़ भूमि और संभल में 22 एकड़ भूमि अधिगृहीत कर ली गई है। तीनों स्थानों पर जमीन के चारों तरफ खाईं खोदी जाएगी, तार बाड़ लगाया जाएगा। इसके साथ ही कटीले पौधे लगाए जाएंगे। लेपियर घास भी रोपी जाएगी। आर्चिड प्लांट लगाए जाएंगे। बिजनौर की जमीन पर बाउंड्री का काम चल रहा है। अन्य स्थानों पर भी कार्य प्रगति पर है। प्रथम फेस को अक्तूबर तक संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने पूरा करने का भरोसा दिया है। अक्तूबर तक बछड़े और साड़ रखने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मंडलायुक्त का दावा है कि इस व्यवस्था से किसानों की फसलों को नुकसान से काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन