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नगर निगम कर्मी का आज हो सकता है ऑपरेशन, खून चढ़ाया
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मुरादाबाद। मेरठ मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे श्रीकेश के शरीर में हलचल से परिजनों में उसके स्वस्थ होने की उम्मीद जगी है। रविवार को डॉक्टर श्रीकेश के मस्तिष्क का ऑपरेशन कर सकते हैं। शनिवार को मरीज को खून चढ़ाया गया।
संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के पोटा बराही गांव निवासी श्रीकेश मुरादाबाद नगर निगम में लैंप लाइटर के पद पर तैनात हैं। बृहस्पतिवार रात सड़क हादसे में नगर निगम कर्मी श्रीकेश घायल हो गए। निजी अस्पतालों में इलाज कराने के बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इमरजेंसी मेडिकल आफिसर ने दो बार की परीक्षण के बाद श्रीकेश को मृत घोषित कर दिया था। हालांकि शुक्रवार सुबह मोर्चरी में कर्मचारी की सांसें चलती मिली। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया। उन्हें तत्काल इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। बाद में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। भाई सत्यानंद गौतम ने बताया कि श्रीकेश को आईसीयू में रखा गया है। उन्हें खून चढ़ाया गया है। रविवार को उनके मस्तिष्क की सर्जरी की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों ने उसकी जांच कराई है।
निजी अस्पतालों से इलाज का मांगा ब्योरा
मुरादाबाद। नगर निगम कर्मचारी को मृत बताकर मोर्चरी में रखने के मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने चार निजी अस्पतालों से इलाज का ब्योरा मांगा है। चारों अस्पताल को पत्र भेजकर इलाज की समरी बनाकर उपलब्ध कराने को कहा है। इलाज के ब्योरे के आधार पर चार सदस्यीय बोर्ड आगे की जांच करेगी।
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नगर निगम कर्मी श्रीकेश (42) को बृहस्पतिवार की रात मृत घोषित कर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रख दिया था। शुक्रवार सुबह परिजनों के साथ पंचनामा भरने पुलिस मोर्चरी पहुंची, तो श्रीकेश की सांसे चलती मिली। उसे तत्काल इमरजेंसी कक्ष में लाया गया। इलाज के बाद उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। फिजीशियन डॉ. एनके मिश्रा, चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण शाह, एनस्थेटिस्ट डॉ. आरएस गंगवार, सर्जन डॉ. शम्स अनवर की चार सदस्यीय बोर्ड प्रकरण की जांच कर रही है। इस प्रकरण में श्रीकेश का इलाज करने वाले चार निजी अस्पतालों से ब्योरा तलब किया गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों को पत्र भेजा गया है। उनसे अतिशीघ्र श्रीकेश के इलाज का ब्योरा मांगा गया है।
नगर निगम कर्मी श्रीकेश गौतम (42) का एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। वह वेंटिलेटर पर हैं और कोमा जैसी हालत में हैं। डॉ. मनीष राठी ने बताया कि उनके सिर में खून के क्लॉट हैं, जो बेहद गंभीर हैं। उनका खून काफी बह गया है, इस कारण उनका हीमोग्लोबिन में सिर्फ सात प्वाइंट है। कोमा जैसी स्थिति है, उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के पोटा बराही गांव निवासी श्रीकेश मुरादाबाद नगर निगम में लैंप लाइटर के पद पर तैनात हैं। बृहस्पतिवार रात सड़क हादसे में नगर निगम कर्मी श्रीकेश घायल हो गए। निजी अस्पतालों में इलाज कराने के बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इमरजेंसी मेडिकल आफिसर ने दो बार की परीक्षण के बाद श्रीकेश को मृत घोषित कर दिया था। हालांकि शुक्रवार सुबह मोर्चरी में कर्मचारी की सांसें चलती मिली। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया। उन्हें तत्काल इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। बाद में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। भाई सत्यानंद गौतम ने बताया कि श्रीकेश को आईसीयू में रखा गया है। उन्हें खून चढ़ाया गया है। रविवार को उनके मस्तिष्क की सर्जरी की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों ने उसकी जांच कराई है।
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निजी अस्पतालों से इलाज का मांगा ब्योरा
मुरादाबाद। नगर निगम कर्मचारी को मृत बताकर मोर्चरी में रखने के मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने चार निजी अस्पतालों से इलाज का ब्योरा मांगा है। चारों अस्पताल को पत्र भेजकर इलाज की समरी बनाकर उपलब्ध कराने को कहा है। इलाज के ब्योरे के आधार पर चार सदस्यीय बोर्ड आगे की जांच करेगी।
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नगर निगम कर्मी श्रीकेश (42) को बृहस्पतिवार की रात मृत घोषित कर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रख दिया था। शुक्रवार सुबह परिजनों के साथ पंचनामा भरने पुलिस मोर्चरी पहुंची, तो श्रीकेश की सांसे चलती मिली। उसे तत्काल इमरजेंसी कक्ष में लाया गया। इलाज के बाद उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। फिजीशियन डॉ. एनके मिश्रा, चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण शाह, एनस्थेटिस्ट डॉ. आरएस गंगवार, सर्जन डॉ. शम्स अनवर की चार सदस्यीय बोर्ड प्रकरण की जांच कर रही है। इस प्रकरण में श्रीकेश का इलाज करने वाले चार निजी अस्पतालों से ब्योरा तलब किया गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों को पत्र भेजा गया है। उनसे अतिशीघ्र श्रीकेश के इलाज का ब्योरा मांगा गया है।
नगर निगम कर्मी श्रीकेश गौतम (42) का एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। वह वेंटिलेटर पर हैं और कोमा जैसी हालत में हैं। डॉ. मनीष राठी ने बताया कि उनके सिर में खून के क्लॉट हैं, जो बेहद गंभीर हैं। उनका खून काफी बह गया है, इस कारण उनका हीमोग्लोबिन में सिर्फ सात प्वाइंट है। कोमा जैसी स्थिति है, उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।