Moradabad Seat Results: मुरादाबाद में नोटा से हार गए नौ प्रत्याशी, बसपा उम्मीदवार की जमानत हो गई जब्त
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 12 प्रत्याशियों ने अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाई थी। इसमें से नौ प्रत्याशी नोटा से भी हार गए। कुल 5824 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया। यहां तक की बसपा प्रत्याशी इरफान तीसरे नंबर पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।
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मुरादाबाद लोकसभा सीट पर चुनाव मैदान में उतरे नौ प्रत्याशी नोटा से भी हार गए। 5824 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया और उन्होंने नोटा का बटन दबाया था। बसपा प्रत्याशी मो. इरफान तीसरे नंबर पर रहे, लेकिन उनकी भी जमानत जब्त हो गई। मुरादाबाद लोकसभा सीट पर इस बार 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मुरादाबाद में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान हुआ था।
सपा प्रत्याशी रुचिवीरा को 637363 मत मिले हैं और उन्होंने जीत दर्ज की है। भाजपा के प्रत्याशी स्व. सर्वेश सिंह 531601 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बसपा के मो. इरफान को 92313 मत मिले। वह तीसरे स्थान पर रहे हैं। चौथे नंबर पर नोटा रहा।
इनमें प्रत्याशी अजय यादव को 4094, मुशर्रत हुसैन को 2583, साधना सिंह को 2296, मो. जमशेद को 1719, ओंकार सिंह को 1459, शकील अहमद को 1356, अमर जीत सिंह जाटव को 952, हर किशोर सिंह को 940, गंगाराम शर्मा को 685 मत ही मिले हैं।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर इस बार सपा ने लहराया परचम
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर एक बार फिर सपा ने जीत का परचम लहराया। इससे पहले भी यहां की जनता चार बार सपा प्रत्याशियों को संसद पहुंचा चुकी है। कांग्रेस भी इसी सीट पर चार बार जीत का स्वाद चख चुकी है। भाजपा को मात्र एक बार ही जीत नसीब हुई है, जबकि बसपा इस सीट पर कभी खाता नहीं खोल पाई।
सपा ने इस सीट पर 1996 में पहली बार जीत दर्ज की थी। तब सपा ने डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में उन्हें 242030 वोट मिले थे। 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में फिर से सपा ने डॉ. बर्क पर ही दांव लगाया था और उन्होंने पिछले चुनाव से अधिक वोट हासिल किए थे। इस चुनाव में उन्हें 289484 मत मिले थे।
2009 में सपा के टिकट पर डॉ. बर्क ने दर्ज दर्ज की थी। इस चुनाव में डॉ. बर्क को 218079 वोट मिले थे। इस चुनाव में भी डॉ. बर्क ने जीत का परचम लगाया था। 2019 में सपा ने बसपा से गठबंधन किया। तब सीट सपा के खाते में आई थी। सपा ने डॉ. एसटी हसन को प्रत्याशी बनाया। उन्हें 649416 वोट मिले थे। अब सपा के टिकट पर रुचिवीरा ने जीत दर्ज की है।
उन्होंने एक लाख से अधिक वोटों से भाजपा प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की है। अब तक सपा इस सीट पर पांच बार जीत चुकी है। इस सीट पर कांग्रेस चार बार चुनाव जीत चुकी है। 1952 और 1957 में कांग्रेस के राम सरन को जीत मिली थी। इसके बाद 1984 में कांग्रेस ने हाफिज मोहम्मद सिद्दीकी को प्रत्याशी बनाया था।
तब उन्होंने जीत दर्ज की थी। उन्हें 116942 मत मिले थे। जबकि कांग्रेस ने 2009 में पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन प्रत्याशी बनाया था। मोहम्मद अजहरुद्दीन को 301283 वोट मिले थे। उन्होंने भाजपा के सर्वेश सिंह को हराया था। इस सीट पर भाजपा के सर्वेश सिंह ने 2014 में जीत दर्ज की थी। उन्हें 485224 वोट मिले थे।