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जीएसटी रिफंड न मिलने से निर्यातकों के तीन सौ करोड़ फंसे
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मुरादाबाद। जीएसटी रिफंड न होने से मुरादाबाद के निर्यातकों का तीन सौ करोड़ रुपये फंस गया है। जबकि विभाग ने निर्धारित समय पर एडवाइज जारी कर दी है। इससे निर्यातक परेशान हैं। इस बाबत मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (एमएचईए) के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को ट्विट करते हुए पत्र भेजकर जीएसटी रिटर्न कराने की मांग की है।
एसोसिएशन महासचिव ने पत्र में लिखा है कि 10 फरवरी तक की जीएसटी रिफंड की एडवाइज भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्यातकों को रिफंड की धनराशि नहीं मिली है। इससे मुरादाबाद के हस्तशिल्प इंडस्ट्री के तीन सौ करोड़ रुपये फंस गए हैं, जबकि पूरे देश में 25 से 30 हजार करोड़ का जीएसटी रिटर्न फंसा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से कच्चे माल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ऐसी दशा में समस्त कच्चे माल का पेमेंट कैश करना होता है, क्योंकि महंगाई होने पर उधार बंद हो जाता है। उन्होंने हैरानी जताई है कि निर्यातकों का रिफंड कोई सरकारी सब्सिडी नहीं है, यह उनका अपना पैसा है। कच्चा माल मंगाने के साथ ही सबसे बड़ी समस्या 15 मार्च तक अग्रिम इनकम टैक्स का भुगतान भी करते हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा है कि यदि जीएसटी का रिफंड 15 तारीख से पहले नहीं हुआ तो निर्यातक अग्रिम आयकर जमा करने में असमर्थ होंगे।
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एसोसिएशन महासचिव ने पत्र में लिखा है कि 10 फरवरी तक की जीएसटी रिफंड की एडवाइज भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्यातकों को रिफंड की धनराशि नहीं मिली है। इससे मुरादाबाद के हस्तशिल्प इंडस्ट्री के तीन सौ करोड़ रुपये फंस गए हैं, जबकि पूरे देश में 25 से 30 हजार करोड़ का जीएसटी रिटर्न फंसा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से कच्चे माल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ऐसी दशा में समस्त कच्चे माल का पेमेंट कैश करना होता है, क्योंकि महंगाई होने पर उधार बंद हो जाता है। उन्होंने हैरानी जताई है कि निर्यातकों का रिफंड कोई सरकारी सब्सिडी नहीं है, यह उनका अपना पैसा है। कच्चा माल मंगाने के साथ ही सबसे बड़ी समस्या 15 मार्च तक अग्रिम इनकम टैक्स का भुगतान भी करते हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा है कि यदि जीएसटी का रिफंड 15 तारीख से पहले नहीं हुआ तो निर्यातक अग्रिम आयकर जमा करने में असमर्थ होंगे।
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