अपहरण-गोलीकांड: पुलिस कार्रवाई की खोली पोल.. पीड़ितों से कार बुक करा जयपुर में दी दबिश, दरोगा ने लिए 25 हजार
मूंढापांडे केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसएसपी ने इसकी जांच शुरू करवा दी है। आरोप है कि पीड़ितों से कार बुक कराकर जयपुर में दबिश दी गई।
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मूंढापांडे के अपहरण और गोलीकांड मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस की लापरवाही की परतें खुलती जा रही हैं। पीड़ित युवती के पिता का आरोप है कि बहजोई थाने की पुलिस उनसे ही कार बुक कराकर जयपुर में दबिश देने गई थी। दरोगा ने उससे भी 25 हजार लिए थे।
मूंढापांडे के गांव निवासी फर्म कर्मी ने बताया ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी 18 जुलाई 2023 को संभल के गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। फर्म कर्मी का दामाद डीजे बजाने का काम करता है। आरोपी मुस्लिम अपने साथियों के साथ चार पहिया वाहन लेकर चार मार्च 2024 को बहजोई पहुंच गया था।
डीजे किराये पर बुक कराने के बहाने दामाद के मकान का दरवाजा खुलवा लिया था। इसके बाद आरोपी मुस्लिम और उसके साथी युवती को अगवा कर राजस्थान के जयपुर ले गए थे। इस मामले में बहजोई थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि विवेचक दिनेश कुमार ने 25 हजार रुपये लिए थे।
इसके अलावा पुलिस ने राजस्थान जाने के लिए कार भी दामाद से ही किराये पर बुक कराई थी। पुलिस युवती को राजस्थान से बरामद कर के आई थी। वहां से लौटने के बाद युवती के कोर्ट में बयान कराए थे। पुलिस ने बयान कराने के बाद युवती को परिवार की सुपुर्दगी में दे दिया था। पीड़ित के इन आरोपों की जांच कराने के लिए ही डीआईजी ने रामपुर एएसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
अपहरण व धर्म परिवर्तन के लिए दबाव का दर्ज किया गया था केस
संभल के बहजोई थाने में अपहरण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इतनी गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अगर पुलिस शुरुआत से ही इस मामले में गंभीरता दिखाती थी तो शायद दोबारा अपहरण और गोली कांड की घटना नहीं होती और अपराधियों में भी कानून का भय बना रहता।
पीड़िता के पिता गांव में आटा चक्की चलाते थे। इस दौरान मुस्लिम और उसके परिवार के लोग भी गेहूं पिसाने के लिए आते थे। चक्की में ही आरोपी और युवती की मुलाकात हुई थी। इसके बाद आरोपी युवती को परेशान करने लगा था। जिससे तंग आकर पिता ने अपनी बेटी को अपनी बहन के घर भेज दिया था। आरोपी वहां से भी अगवा कर ले गया था।
फर्मकर्मी के बेटे की हालत बिगड़ी
फर्म कर्मी के बेटे के सीने से गोली पार निकल गई है। डॉक्टरों के लाख प्रयास के बाद भी खून बहना बंद नहीं हो पा रहा है। जिस कारण शनिवार को भी उसकी हालत बिगड़ गई। फर्म कर्मी का कहना है कि बेटा नोएडा स्थित अस्पताल में भर्ती है।
चिकित्सकों ने 24 घंटे का समय दिया है। इस दौरान उसकी हालत में सुधार हुआ तो जान बच जाएगा। पिता का कहना है कि वह मेरठ मेडिकल काॅलेज में भर्ती हैं। एक हाथ काम नहीं कर रहा है।
यह हुई थी घटना
मूंढापांडे के गांव में बुधवार की रात युवती, उसकी बड़ी बहन और मां-बाप पन्नी के नीचे सो रहे थे। मुस्लिम और अन्य आरोपी घर में घुस गए और बड़ी बहन को अगवा कर ले जाने लगे। युवती के शोर मचाने पर परिवार के लोग जाग गए थे।
विरोध करने पर आरोपी ने युवती के भाई के सीने, मां के पैर और पिता के हाथ में गोली मार दी थी। इसके बाद आरोपी भाग गए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी मुस्लिम पर 25 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है।