Moradabad: 24 घंटे में चालीस लोगों को कुत्तों ने बनाया निशाना, अजय के हाथ से नोच ले गए मांस, गांवों में दहशत
मुरादाबाद जिले में कुत्तों का कहर जारी है। गांवों से लेकर शहर तक के लोगों को कुत्ते लगातार काट रहे हैं। जिले में 24 घंटे के भीतर 40 लोगों को रेबीज का इंजेक्शन लगाना पड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भोजपुर थानाक्षेत्र के गांव अवक्करपुर में बुधवार सुबह आवारा कुत्तों के झुंड ने कई लोगों को काट लिया। जिससे गांव अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। नौ लोगों में से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। 19 वर्षीय गौतम के चेहरे पर कुत्तों ने घाव कर दिया।
18 वर्षीय अजय के हाथ से मांस उखाड़ ले गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया। घायलों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में टिटनेस, एंटी रैबीज वैक्सीन व सीरम लगाए गए। लोगों ने बताया कि सुबह के वक्त ग्रामीण अपने-अपने काम से बाहर निकल रहे थे।
कुछ लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो बच्चे और बुजुर्ग रोज की तरह टहल रहे थे। इसी दौरान गांव के भीतर घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक लोगों को निशाना बना लिया। कुछ ही पलों में कुत्तों ने नौ लोगों को काटकर घायल कर दिया।
अजय बहादुर के हाथ पर गंभीर चोट आई, जहां कुत्ते ने मांस नोंच लिया। अजयपाल उर्फ मुन्नू की जांघ में गहरा घाव हो गया, जिससे काफी खून बहा। 51 वर्षीय झंडू, 37 वर्षीय सुरेंद्र भी इस हमले में जख्मी हुए। घटना के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर जुट गए। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के साथ जरूरी इंजेक्शन लगाए। चिकित्सकों ने बताया कि सभी पीड़ितों को टिटनस, एंटी-रेबीज वैक्सीन और सीरम दिया गया है।
फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन कई घाव गहरे होने के कारण इलाज लंबा चल सकता है। घटना के बाद गांव में डर और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों का झुंड लंबे समय से गांव में घूम रहा था।
जिसकी शिकायतें पहले भी की गई थीं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़ने और इलाके में स्थायी समाधान करने के लिए अभियान चलाया जाए।
अस्पताल में रोजाना ऐसे मामले आते हैं जिनमें लोगों को एंटी रैबीज सीरम लगाना पड़ता है। बुधवार को आए भोजपुर के सभी घायल इमरजेंसी में इलाज लेने के बाद अपने घर लौट गए। कुत्तों के काटने से जख्मी हुए लोगों को ओपीडी के समय में भी लगातार एआरवी लगाई जाती है। - डॉ. संगीता गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल
कांठ में कुत्तों और बंदरों का आतंक जारी, 30 और लोगों को काटा
कांठ में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इनके द्वारा किए जा रहे हमलों से घायल लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर अपना इलाज कराते हुए एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज लगवा रहे हैं।
कांठ नगर के साथ ही पूरे तहसील क्षेत्र में आवारा कुत्तों का जबरदस्त आतंक है। जहां यह महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें काटकर घायल कर रहे हैं तो वहीं उत्पाती बंदर भी कम नहीं हैं। यह भी लोगों पर हमले कर उन्हें काट रहे हैं।
लगातार बढ़ रहे आतंक के बाद भी जिम्मेदार कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को आवारा कुत्तों और बंदरों के हमलों से घायल 30 और नए लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ पहुंचे। जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। वहीं 35 ऐसे घायल पहुंचे, जिन्हें दूसरी, तीसरी और चौथी डोज लगाई गई है।