Moradabad: सौतेली बेटी की हत्या कर शव जलाने वाला पिता गिरफ्तार, पत्नी बोली- फांसी की सजा दी जाए
ठाकुरद्वारा में एक सप्ताह पहले सौतेली बेटी की हत्या करने के आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पुलिस को बताया कि नशे की हालत में उससे यह वारदात हुई। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पत्नी ने आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद कहा कि उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस ने सरकड़ा करीम में चार वर्ष की सौतेली बेटी नैना की हत्या कर उसका शव जलाने के आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि रामशरण उर्फ टीटू (34) ने दिल्ली निवासी महिला सुनीता से तीन वर्ष पहले शादी की थी।
सुनीता अपने साथ पहले पति से पैदा बेटी नैना को भी साथ में लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर की शाम करीब पांच बजे रामशरण शराब पीकर घर पर आया। उसकी सुनीता से कहासुनी हो गई। इसके बाद गुस्से उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। इस पर पत्नी अपने चार माह के बच्चे को लेकर वहां से चली गई।
कमरे में रामशरण सौतेली बेटी नैना को रोने पर चुप कराने की कोशिश करने लगा। चुप नहीं होने पर उसने नैना के सिर में डंडा मार दिया। इसके बाद उसे फर्श पर पटक दिया। इससे उसका सिर फट गया और वह बेहोश हो गई। उसे चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। नैना की मौत के बाद वह उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा।
रात में करीब दो बजे वह नैना के शव को गांव के बाहर नहर किनारे जंगल में ले गया। वहां उसने उपले और लकड़ी रखकर उसकी चिता बनाकर उसे जला दिया। इससे पहले उसने नैना के पहने कपड़ों को झाड़ी में छुपा दिया। शव को जलाने के बाद उसने राख को ढेला नदी में बहा दिया था।
पुलिस के अनुसार रामशरण नैना की हत्या कर उसको फूंकना स्वीकार किया है। पुलिस ने उसे सुल्तानपुर दोस्त बस स्टैंड से भागने के लिए खड़े होने की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून लगे डंडे, मृतका के कपड़े बरामद किए।
उसका चालान कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। उसे गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र सिंह, उप निरीक्षक दीपक चंद, कांस्टेबल अर्जुन मौर्य और बृजेश कुमार शामिल रहे। रामशरण को बेटी की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। शनिवार को वह कोतवाली में पुलिस की गिरफ्त में था।
इस बीच उसके चेहरे पर कोई पछतावा नजर नहीं आ रहा था। बेटी की हत्या का कारण पूछने पर उसने कहा कि उसे इतना याद है कि उसकी पत्नी से कहासुनी हुई थी। नशे में होने के कारण बेटी की मौत की बात पता नहीं चली। उसने खून देखा तो एहसास हो गया कि उसकी बेटी मर चुकी है।
एक सप्ताह तक पुलिस को छकाया
रामशरण उर्फ टीटू बेटी की 30 दिसंबर को हत्या करने के बाद गांव के आसपास ही घूमता रहा। पुलिस उसकी तलाश में 24 घंटे दौड़ती रही लेकिन उस तक पहुंचने में एक सप्ताह लग गया। उसने पुलिस को अपने तक पहुंचने से रोकने के लिए अपने मोबाइल का सिम निकाल लिया था। अपने किसी दोस्त के यहां रहकर शराब पी रहा था।
फांसी से भी बड़ी सजा हो तो उसे दी जाए
बेटी की हत्या कर उसका शव जलाने के आरोपी रामशरण की पत्नी सुनीता ने कहा कि उसके पति का अपराध भगवान भी माफ नहीं कर सकता। उसने कहा कि उसके पति को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। अगर कानून में फांसी से भी बड़ी सजा हो तो उसे वह मिलनी चाहिए। सुनीता अपनी बेटी और अपने ऊपर पति के अत्याचारों को सुनाते हुए रोने लगी।
उसने कहा कि उसके साथ रामशरण की शादी रामशरण के बहनोई ने कराई थी। उसके बहनोई से उसकी जान पहचान तब हुई जब वह तमिलनाडु में काम करती थी। सुनीता ने कहा कि शादी के बाद कोई भी ऐसा ऐसा दिन नहीं रहा होगा जिस दिन उसके पति ने उसे न पीटा हो।