मुरादाबाद: अब बीमारू नहीं, विकासशील प्रदेश है यूपी, ब्रजेश पाठक बोले- शिक्षा व चिकित्सा में ऐतिहासिक सुधार
मुरादाबाद में अमर उजाला की कॉफी टेबल बुक बेस्ट ऑफ माई सिटी का विमोचन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं बल्कि विकासशील प्रदेश बन चुका है। प्रदेश में चिकित्सा, शिक्षा व कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं।
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मुरादाबाद में अमर उजाला की कॉफी टेबल बुक बेस्ट ऑफ माई सिटी-नए अंदाज में का भव्य विमोचन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। आयोजन में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, समाजसेवा, व्यापार और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया।
कांठ रोड स्थित होटल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है और शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। डिप्टी सीएम ने मुरादाबाद की सराहना करते हुए कहा कि शहर के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी। कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में जिन लोगों का योगदान है उन्हें सामने लाने का काम अमर उजाला लगातार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल था।
कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट थी और प्रदेश को बीमारू राज्य के तौर पर देखा जाता था। उन्होंने बेस्ट ऑफ माई सिटी-नए अंदाज में कॉफी टेबल बुक को शहर की उपलब्धियों, पहचान और सकारात्मक कार्यों का सशक्त दस्तावेज बताया गया।
कहा कि आज कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां और पाठक मौजूद रहे।
अमर उजाला जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा
जनता की दुश्वारियों को सरकार के संज्ञान में लाना और सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना अमर उजाला की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में अमर उजाला की बिजली काट दी गई थी, इसके बावजूद जनरेटर चलाकर अखबार का प्रकाशन जारी रखा गया। यह अखबार की निर्भीक पत्रकारिता और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला घर-घर पहुंचकर सरकार की नीतियों, जनता की समस्याओं और समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है।