Moradabad: घर लौटेगा लापता बेटा...इसी आस में लगातार मना रहे जन्मदिन, तीन साल पहले गायब हुआ था सातवीं का छात्र
मुरादाबाद के कुंदरकी में तीन साल से गुमशुदा विवेक की वापसी की आस में उसका परिवार हर साल जन्मदिन मनाता है। 22 फरवरी 2022 को गायब हुआ विवेक की गुमशुदगी की फाइल पुलिस भी बंद कर चुकी है। पिता जगत कुमार का कहना है कि बेटे की घर वापसी की उम्मीद अभी जिंदा है और विश्वास है कि एक दिन वह जरूर लौटेगा।
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बर्थडे बॉय के बिना जन्मदिन का उत्सव...सुनने में यकीन नहीं होता मगर कुंदरकी का एक परिवार तीन साल से ऐसा कर रहा है। 22 फरवरी 2022 को बेटा विवेक घर से निकला तो आज तक नहीं लौटा। तलाश से हारे पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कागजी खानापूरी के बाद फाइल बंद कर दी लेकिन माता-पिता की उम्मीदों के दरवाजे बंद नहीं हुए।
हर दस्तक और फोन की घंटी विवेक की वापसी की उम्मीद जगाती है। बेटे की घर वापसी जरूर होगी, इस भरोसे में उसके जन्मदिन (07 सितंबर) पर हर साल केक के साथ मोमबत्ती सजाई जाती हैं। भाई-बहन केक काटते हैं, माता-पिता हैपी बर्थडे गुनगुनाते हैं। इस साल भी सात सितंबर आई पर विवेक नहीं आया।
मोहल्ला नूरूल्ला में पूरे परिवार ने दिनभर इंतजार किया। शाम ढलने के बाद टेबल पर केक सजा, विवेक की तस्वीर रखकर पिता जगत कुमार सिंह, मां ममता, भाई पारस व बहन मनीषा ने मोमबत्तियां जलाईं। केक काटकर सभी ने तालियां बजाईं। पेशे से किसान जगत कुमार ने बताया कि ईश्वर पर भरोसा रखते हुए हम सब अपने विश्वास को डिगने नहीं देते।
बेटे की वापसी की उम्मीद के साथ तीन साल से हर जन्मदिन पर केक के पास एक मोमबत्ती बढ़ाते हैं। दुआ करते हैं कि हमारा लाडला जहां भी हो खुशहाल हो। कुछ एेसा चमत्कार हो जाए कि वह जल्द हम सबके बीच नजर आए। जगत कुमार ने बताया कि विवेक पढ़ाई में बहुत मजबूत नहीं था। इसीलिए घर से दूर होते वक्त उसकी उम्र 18 वर्ष हो गई थी पर वह सातवीं का छात्र था।
उसका या परिवार का किसी से वैर नहीं था। इसीलिए उसकी घर वापसी की उम्मीद मन से दूर नहीं हो रही। सब मिलकर जन्मदिन मनाते हैं तो मन से वह हम सबके बीच महसूस होता है। तय किया है कि जब उसकी वापसी होगी तो जन्मदिन और धूमधाम से मनाएंगे।
आंखों में भर आई ममता की ममता
जिस वक्त घर में विवेक के बिना उसके जन्मदिन का केक काटा जा रहा था तो घर के हर सदस्य के चेहरे पर मलाल के साथ उम्मीदों के भी भाव थे। कलेजे के टुकड़े की यादों से मां ममता की आंखें भरी हुई थीं। बहन मनीषा व भाई पारस भी भावुक थे।
बुजुर्ग का सात साल बाद भी परिजनों को इंतजार
सात साल पहले लापता हुए हरोरा गांव निवासी बुजुर्ग धर्म सिंह (72) का परिजनों को अभी भी इंतजार है। गुमशुदगी के बाद भी पुलिस पता नहीं लगा सकी तो अब परिजनों ने मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर लापता बुजुर्ग का पता लगाने की मांग की है। हरोरा गांव निवासी ओमकार सिंह ने 15 अगस्त 2018 को अचानक लापता हो गए थे।
परिजनों ने बिलारी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी, लेकिन सात से पुलिस बुजुर्ग का पता नहीं लगा सकी है। परिजन सात साल से लगातार थाने पहुंचकर जानकारी करते हैं तो पुलिस तलाश करने की बात कहकर टकरा देती है। बड़े बेटे दानवीर सिंह ने बताया कि अब उन्होंने मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की है कि उनके लापता वृद्ध पिता का पता लगाया जाए।