{"_id":"60453d1f8ebc3e592c735edc","slug":"moradabad-based-vineeta-became-highest-generic-medicine-seller-in-india-city-news-mbd3821354138","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्र को दरकिनार कर सबसे ज्यादा जेनेरिक दवा बिक्री करने वाली महिला उद्यमी बनी विनीता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्र को दरकिनार कर सबसे ज्यादा जेनेरिक दवा बिक्री करने वाली महिला उद्यमी बनी विनीता
विज्ञापन
विनीता के औषधायलय में पहुंचे एमएलसी डा. जयपाल सिंह
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। जन औषधि दिवस पर रविवार को कर्नाटक में केंद्र सरकार की ओर से कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें जन औषधि दवाएं बनाने वाले निर्माता, बढ़ावा देने वाले डॉक्टर्स और जन औषधि केंद्र संचालक उद्यमी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के लाभार्थियों और संचालकों के साथ वर्चुअल संवाद भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान मुरादाबाद निवासी महिला उद्यमी विनीता का देश में सर्वाधिक जेनेरिक दवाएं बेचने के लिए उत्सावर्धन भी किया गया। खुद प्रधानमंत्री ने ताली बजाकर उनका सम्मान किया।
यदि इंसान में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती। ऐसा ही कर दिखाया है 56 वर्षीय विनीता जैन ने। रामगंगा विहार निवासी विनिता ने नवंबर 2018 में जन औषधि केंद्र की शुरूआत की। शुरू में रुकावटें आईं, लेकिन अपने बुलंद हौसले से महज ढाई साल में देश में सबसे ज्यादा जन औषधि दवा की बिक्री करने वाली महिला उद्यमी बन गईं। कर्नाटक से प्रसारित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी कई मुख्य जन औषधि केंद्रों से दिखाया गया। कार्यक्रम में देश में इन दवाओं के निर्माण और प्रचार प्रसार में सबसे अधिक योगदान के लिए बंगलुरू की कंपनी और चिकित्सक को सम्मानित किया गया, लेकिन जन औषधि केंद्र में प्रति माह सबसे अधिक दवा बिक्री करने वाली महिला उद्यमी के तौर पर रामगंगा विहार निवासी विनीता के नाम की घोषणा की गई। प्रसारण के दौरान उनका नाम लिया गया तो पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ताली बजाकर उनका अभिवादन किया।
विनीता ने एमए तक पढ़ाई की है। उनके पति एक इंस्टीट्यूट में अधिकारी हैं। 2018 में उन्होंने रामगंगा विहार में सेल्स टैक्स कार्यालय के सामने शापिंग कांपलेक्स में अपना जन औषधि केंद्र शुरू किया। शुरूआत में 50-70 हजार रुपये तक की बिक्री हुई। शॉप का किराया तक नहीं निकला। आर्थिक स्थिति थोड़ी ठीक थी लिहाजा पति ने हिम्मत बंधाई तो उन्होंने भी मन मजबूत किया। पहले से अधिक दवाएं मंगाईं। गली मोहल्ले में छोटे मोटे कार्यक्रमों में जाकर लोगों को सस्ती दवाओं के लिए प्रेरित किया और इसी का नतीजा है कि आज उनकी बिक्री आठ से नौ लाख रुपये महीना पहुंच गई। इसी के चलते उन्हें ये सम्मान मिला है। उन्होंने बताया कि अब स्टोर पर चार कर्मचारी हैं।
विज्ञापन
...समय कम था इसलिए नहीं जा सकी
विनीता ने बताया कि कर्नाटक में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दो दिन पूर्व उनके पास आयोजकों का फोन आया था, लेकिन वक्त कम था, इसलिए वह कार्यक्रम में नही जा सकीं जिसका उन्हें काफी मलाल था। उन्होंने बताया कि यदि कुछ दिन पूर्व सूचना आती तो वह जरूर जातीं।
प्रदेश के लिए गौरव की बात : एमएलसी
विनीता के जन औषधि केंद्र में कार्यक्रम और पीएम के संवाद का सीधा प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया। इसमें एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, वार्ड पार्षद अजय दिवाकर आदि गणमान्य लोग भी शामिल हुए। विनीता को ये उपलब्धि मिलने पर एमएलसी ने भी उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। एमएलसी ने कहा कि ये हमारे शहर, जिले और प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
विज्ञापन
यदि इंसान में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती। ऐसा ही कर दिखाया है 56 वर्षीय विनीता जैन ने। रामगंगा विहार निवासी विनिता ने नवंबर 2018 में जन औषधि केंद्र की शुरूआत की। शुरू में रुकावटें आईं, लेकिन अपने बुलंद हौसले से महज ढाई साल में देश में सबसे ज्यादा जन औषधि दवा की बिक्री करने वाली महिला उद्यमी बन गईं। कर्नाटक से प्रसारित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी कई मुख्य जन औषधि केंद्रों से दिखाया गया। कार्यक्रम में देश में इन दवाओं के निर्माण और प्रचार प्रसार में सबसे अधिक योगदान के लिए बंगलुरू की कंपनी और चिकित्सक को सम्मानित किया गया, लेकिन जन औषधि केंद्र में प्रति माह सबसे अधिक दवा बिक्री करने वाली महिला उद्यमी के तौर पर रामगंगा विहार निवासी विनीता के नाम की घोषणा की गई। प्रसारण के दौरान उनका नाम लिया गया तो पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ताली बजाकर उनका अभिवादन किया।
विज्ञापन
विनीता ने एमए तक पढ़ाई की है। उनके पति एक इंस्टीट्यूट में अधिकारी हैं। 2018 में उन्होंने रामगंगा विहार में सेल्स टैक्स कार्यालय के सामने शापिंग कांपलेक्स में अपना जन औषधि केंद्र शुरू किया। शुरूआत में 50-70 हजार रुपये तक की बिक्री हुई। शॉप का किराया तक नहीं निकला। आर्थिक स्थिति थोड़ी ठीक थी लिहाजा पति ने हिम्मत बंधाई तो उन्होंने भी मन मजबूत किया। पहले से अधिक दवाएं मंगाईं। गली मोहल्ले में छोटे मोटे कार्यक्रमों में जाकर लोगों को सस्ती दवाओं के लिए प्रेरित किया और इसी का नतीजा है कि आज उनकी बिक्री आठ से नौ लाख रुपये महीना पहुंच गई। इसी के चलते उन्हें ये सम्मान मिला है। उन्होंने बताया कि अब स्टोर पर चार कर्मचारी हैं।
विज्ञापन
...समय कम था इसलिए नहीं जा सकी
विनीता ने बताया कि कर्नाटक में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दो दिन पूर्व उनके पास आयोजकों का फोन आया था, लेकिन वक्त कम था, इसलिए वह कार्यक्रम में नही जा सकीं जिसका उन्हें काफी मलाल था। उन्होंने बताया कि यदि कुछ दिन पूर्व सूचना आती तो वह जरूर जातीं।
प्रदेश के लिए गौरव की बात : एमएलसी
विनीता के जन औषधि केंद्र में कार्यक्रम और पीएम के संवाद का सीधा प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया। इसमें एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, वार्ड पार्षद अजय दिवाकर आदि गणमान्य लोग भी शामिल हुए। विनीता को ये उपलब्धि मिलने पर एमएलसी ने भी उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। एमएलसी ने कहा कि ये हमारे शहर, जिले और प्रदेश के लिए गौरव की बात है।