Moradabad Airport: अब फ्यूल स्टेशन बनने का इंतजार नहीं, 10 दिन में शुरू होगी उड़ान, पीएम ने किया था लोकार्पण
मुरादाबाद एयरपोर्ट का लोकार्पण होने के बाद अब जल्द उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। हवाई अड्डे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि फ्यूल स्टेशन बनने का इंतजार नहीं किया जाएगा। 10 दिन के अंदर उड़ान शुरू करा दी जाएगी।
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मुरादाबाद से उड़ान शुरू करने के लिए फ्यूल स्टेशन बनने का इंतजार नहीं किया जाएगा। 10 दिन के अंदर उड़ान शुरू करा दी जाएगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व फ्लाई बिग कंपनी के बीच वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि एचपीसीएल कंपनी को फ्यूल स्टेशन बनाने के लिए सहमति भी मिल गई है लेकिन निर्माण में एक माह से ज्यादा समय लग जाएगा।
अलीगढ़, आजमगढ़ के बाद बुधवार को श्रावस्ती एयरपोर्ट से भी फ्लाइट शुरू हो गई है। इन हवाई अड्डों पर भी फ्यूल स्टेशन नहीं है। ट्रकों से एटीएफ (एयर टर्बाइन फ्यूल) मंगाकर विमान में भरकर उन्हें उड़ाया गया। अब लोगों के लगातार दबाव के बाद मुरादाबाद से भी यही व्यवस्था की जाएगी।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि फ्लाई बिग ने अपना सेटअप तैयार कर लिया है। 10 दिन के अंदर मुरादाबाद से उड़ान शुरू हो जाएगी। 18 मार्च तक सारी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। किराया 1298 रुपये ही रहेगा लेकिन फ्लाई बिग की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर भी मुरादाबाद से लखनऊ के लिए किराये की जानकारी नहीं दी है।
आजमगढ़ से लखनऊ तक का किराया 5000 रुपये पहुंचा
फ्लाई बिग कंपनी की बेवसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग को जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। आजमगढ़ से लखनऊ के लिए काफी लोग सफर कर रहे हैं। बुधवार को कंपनी की बेवसाइट पर दिखाया कि 14 मार्च को आजमगढ़ से लखनऊ के लिए सिर्फ दो सीट शेष बची थीं।
किराया पांंच हजार रुपये से अधिक प्रदर्शित हो रहा था। जबकि आजमगढ़ से लखनऊ से की दूरी 260 किमी है। अलीगढ़ से लखनऊ की दूरी 341 किमी है। इसका किराया वेबसाइट पर 3148 रुपये प्रदर्शित हो रहा है। वहीं चित्रकूट से लखनऊ की दूरी 227 किमी है।
चित्रकूट से लखनऊ के लिए फ्लाइट का किराया 2098 रुपये प्रदर्शित हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुरादाबाद से भी सीटों की संख्या के आधार पर किराया घट व बढ़ सकता है।
फ्लाई बिग को जल्द मिल सकता है नए विमानों का लाइसेंस
फ्लाई बिग कंपनी के पास फिलहाल सिर्फ दो विमान हैं। इन्हें ही आजमगढ़, अलीगढ़, लखनऊ, चित्रकूट, श्रावस्ती व मुरादाबाद हवाई अड्डों पर सेवाओं के लिए चलाया जाना है। मुरादाबाद से उड़ान में देरी का एक कारण यह भी है।
विभागीय जानकारों का कहना है कि कंपनी ने तार नए विमानों के लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है। जल्द ही कंपनी को लाइसेंस मिल सकता है। इसके बाद मुरादाबाद से हवाई सफर का रास्ता साफ हो जाएगा। यदि 10 दिन में लाइसेंस नहीं मिला, तब भी दो विमानों से ही मुरादाबाद व श्रावस्ती हवाई अड्डों से सेवाएं शुरू की जाएंगी।
एचपीसीएल कंपनी को फ्यूल स्टेशन बनाने में एक से डेढ़ माह का समय लगेगा। इससे पहले ट्रकों के जरिये फ्यूल मंगाकर विमानन सेवा शुरू की जाएगी। इसमें आठ से 10 दिन का समय लगेगा। फ्यूल स्टेशन बनने के बाद स्थायी व्यवस्था हवाई अड्डे पर हो जाएगी। - श्याम सुंदर महला, विमानपत्तन प्रबंधक