Moradabad: साढ़े पांच लाख से ज्यादा खातों में 133 करोड़ डंप, दस साल से लेनदेन नहीं, ऐसे वापस ले सकते हैं रकम
मुरादाबाद जिले के 5.49 लाख से अधिक खाताधारकों ने पिछले 10 वर्षों से अपने बैंक खातों में कोई लेनदेन नहीं किया है। इन खातों में करीब 133 करोड़ रुपये जमा हैं। यह रकम अब आरबीआई के डीईए फंड में जमा करा दी गई है।
विस्तार
मुरादाबाद जिले के बैंकों के साढ़े पांच लाख से अधिक खाताधारकों ने पिछले 10 साल से लेनदेन नहीं किया है। जबकि इनके खातों में करीब 133 करोड़ रुपये की रकम जमा है लेकिन इस रकम को लेने कोई आगे नहीं आया।
ऐसे में इस रकम बैंकों ने आरबीआई के डीईए (डिपॉजिट एजुकेशन एंड अवेयरनेस) फंड में जमा करा दी। धनराशि वापस करने के लिए आईबीआई ने इन खाताधारकों की तलाश शुरू कर दी है। इसका जिम्मा बैंकों को दे दिया गया है।
जिले में स्थित एसबीआई, पीएनबी, केनरा, बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक समेत 31 बैंक संचालित है। इसमें सरकारी और अर्द्धसरकारी दोनों बैंक शामिल हैं। इन बैंकों की 248 शाखाओं में तकरीबन 45 लाख से अधिक खाताधारक हैं।
इसमें सबसे अधिक 64 शाखाएं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (प्रथमा बैंक) की हैं। इसमें 5.49 लाख से अधिक खाताधारक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खातों में पिछले दस साल से कोई लेन-देन नहीं किया। इनके खातों में रकम है फिर भी खाताधारकों ने लेन देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
एलडीएम पंकज सरण के मुताबिक जिले के 5.49 लाख खातों में करीब 133 करोड़ की रकम जमा है। इसमें उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सात करोड़ रुपये, एसबीआई के तीन करोड़, पंजाब नेशनल बैंक के 1.50 करोड़ रुपये हैं।
इसके अलावा बाकी के बैंकों के 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीईए फंड में जमा है। बैंकों के अनुसार, बैंक खाते में सबसे अधिक धनराशि सरकारी योजनाओं की है। इसमें बहुत से खाताधारक ऐसे हैं जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग से खाता खुलवाया। इन खातों में रुपये तो आ गए लेकिन खाताधारकों ने दोबारा खाते में लेनदेन नहीं किया।
लेनदेन नहीं करने की कई वजह
बैंक अधिकारियों के अनुसार, इन खातों में जमा राशि को डीईए फंड में डाल दिया गया है। इसमें कुछ ऐसे खाताधारक हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। वहीं कुछ ग्राहक ऐसे भी हैं जो खाते में जमा राशि भूल गए हैं।
आरबीआई के निर्देश पर बैंकों ने इन खाताधारकों व उनके वारिसों को जमा राशि को वापस करने के लिए पत्र, फोन या मैसेज के जरिए सूचना देना शुरू कर दिया है। ताकि खाताधारक बैंक आकर राशि क्लेम की प्रक्रिया पूरा कर पैसे ले सकें।
डीईए फंड में जमा राशि पर ऐसे करें दावा
डीईए फंड में ट्रांसफर किए गए राशि पर दावा कर सकते हैं। इसके लिए आपको संबंधित बैंक के किसी भी शाखा में संपर्क करना होगा। केवाईसी दस्तावेजों (आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस) के साथ फार्म जमा करें। बैंक आपके सभी दस्तावेजों को चैक करेगा और सही पाए जाने पर पैसे वापस कर दिया जाएगा।
एलडीएम ने पंकज शरण ने बताया कि यदि बैंक खाते में 10 साल से किसी तरह का लेन-देन नहीं होता है, तो उसमें जमा राशि अनक्लेम्ड डिपॉजिट घोषित हो जाती है। इसके बाद इसे आरबीआई के डीईए फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
पैसा वापस करने के लिए 14 को कैंप
एलडीएम पंकज शरण ने बताया कि डीईए फंड में जमा राशि को संबंधित खाताधारकों को वापस करने के लिए विकास भवन के पास स्थित आरसेटी कार्यालय में 14 नवंबर को कैंप लगाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
सभी बैंक कैंप में अलग-अलग स्टॉल लगाएंगे। जहां पर डीईए फंड में जमा राशि के खाताधारक आकर दावा कर सकते हैं। इसके लिए खाताधारकों को खाता संख्या, पेन कार्ड और आधार कार्ड लाना होगा। इसके बाद बैंकों की ओर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या होता है डेफ खाता
डिपॉजिटर एजुकेशनल एंड अवेयरनेस फंड को डेफ खाता बोलते हैं। यह खाता बैंकों का होता है। जिसमें लावारिस खातों की राशि जमा की जाती है। यदि ग्राहक द्वारा 10 साल तक लेनदेन नहीं किया जाता है तो जमा राशि को डेफ फंड में डाल दिया जाता है। जिसे कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ब्याज के साथ में रुपये वापस मिल जाते हैं।
खातों में एक रुपये से तीन लाख तक जमा
जिन साढ़े पांच लाख खातों में दस साल से कोई लेने-देन नहीं हुआ उन खाताें में अलग-अलग धनराशि जमा है। इनमें न्यूनतम एक रुपये से अधिकतम तीन लाख तक जमा है। जिन खातों अधिक धनराशि जमा है, उनके खाताधारक भी रकम नहीं पहुंचे।