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मनरेगा फर्जीवाड़ा मामला: जांच में एक बीडीओ और चार सचिव दोषी पाए गए, आठ लोगों पर दर्ज होगा केस

Wed, 02 Apr 2025 11:16 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 02 Apr 2025 11:16 PM IST
सार

क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना व बहनोई गजनबी समेत परिवार के आठ लोगों द्वारा ली गई मनरेगा मजदूरी का मामला पिछले एक सप्ताह से सुर्खियों में बना हुआ था। इसके लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने परियोजना निदेशक व डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह को जांच सौंपी थी।

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MNREGA fraud case One BDO and four secretaries found guilty in investigation
Mohammed Shami Sister MNREGA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के अमरोहा के जोया ब्लॉक के गांव पलौला में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना व बहनोई गजनबी के परिवार द्वारा किए गए मनरेगा फर्जीवाड़े की जांच पूरी हो गई। बुधवार को कमेटी ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। डीएम को सौंपी गई जांच में कमेटी ने एक बीडीओ व चार सचिवों समेत कुल दस लोगों को फर्जीवाड़े का दोषी माना है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने बीडीओ व एक सचिव पर विभागीय कार्रवाई तथा तीन सचिवों समेत आठ कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रधान से मनरेगा मजदूरी के तहत निकाली गई 8.68 लाख रुपये की रिकवरी के साथ-साथ अधिकार सीज होने की कार्रवाई भी की जाएगी। डीएम ने कहा कि दोषी कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी होगी।

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क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना व बहनोई गजनबी समेत परिवार के आठ लोगों द्वारा ली गई मनरेगा मजदूरी का मामला पिछले एक सप्ताह से सुर्खियों में बना हुआ था। इसके लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने परियोजना निदेशक व डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह को जांच सौंपी थी। कमेटी पिछले एक सप्ताह से फर्जीवाड़े के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही थी। जांच के दौरान परिवार के आठ लोगों समेत कुल 18 लोगों द्वारा बिना मजदूरी किए 8.68 लाख रुपये की रकम निकालना सामने आया है। 

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इसमें ब्लॉक के कर्मचारी भी दोषी पाए गए हैं। जांच कमेटी ने एक तत्कालीन बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल को भी दोषी पाया है। इसके अलावा चार सचिव, एक रोजगार सेवक, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक एपीओ, एक तकनीकी सहायक व एक लेखाकार को भी दोषी पाया गया है। मामले में तीन सचिवों समेत सभी दोषी कर्मियों पर एफआईआर के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जबकि एक सचिव पर केवल विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं ग्राम प्रधान गुले आयशा से सभी लोगों द्वारा मजदूरी के रूप में निकाले गए 8.68 लाख रुपये के मामले में रिकवरी के साथ-साथ अधिकार सीज होने की कार्रवाई की जाएगी।

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जांच रिपोर्ट मिल गई है। मामले में दोषी ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करते हुए सरकारी धन की रिकवरी भी होगी साथ ही दोषी मिले कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम

पढ़ें- UP: मोहम्मद शमी के बहन-बहनोई समेत 12 से होगी दस लाख की वसूली, इस केस में आया नाम, जानें पूरा प्रकरण

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