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Moradabad News: मीटर हुआ पोस्टपेड, 3.5 लाख उपभोक्ताओं को चुकाने होंगे 21 करोड़ रुपये
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मुरादाबाद। विद्युत निगम ने 10 मई से स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदल दिया है। साथ ही एक नया बोझ बिजली उपभोक्ताओं पर जेब पर सिक्योरिटी धनराशि के रूप में डाल दिया गया है। इसके मुताबिक मुरादाबाद, रामपुर और संभल जिले के करीब 3.5 लाख उपभोक्ताओं को कुल 21 करोड़ रुपये विद्युत निगम को बतौर सिक्योरिटी देने होंगे। यह राशि प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने के नाम पर ली जा रही है।
निगम के नियमानुसार प्रति किलोवाट 300 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा होती है। जोन में साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर पोस्टपेड में बदले हैं। यदि सभी का विद्युत कनेक्शन कम से कम दो किलोवाट का माना जाए तो यह रकम 21 करोड़ रुपये होती है। यानि हर उपभोक्ता की जेब से कम से कम 600 रुपये की कटौती होगी। यह रकम चार बराबर किस्तों में बिजली बिलों के साथ जोड़ी जाएगी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि करेंट डाटा बुक-2026 के तहत पोस्टपेड मोड में परिवर्तन होने पर उपभोक्ताओं से उनके विद्युत भार के अनुसार निर्धारित सिक्योरिटी धनराशि जमा कराई जाएगी। जून 2026 से इसकी वसूली शुरू होगी और अगले तीन मासिक बिलों में रकम जोड़ दी जाएगी।
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जिन उपभोक्ताओं को पहले यह भरोसा था कि उनकी जमा सिक्योरिटी समायोजित हो चुकी है, अब उन्हीं को फिर से जेब ढीली करनी पड़ेगी। बिजली विभाग इसे नियमों का पालन बता रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं में इसे लेकर नाराजगी बढ़ने लगी है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के जरिए पोस्टपेड मोड में जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया जाएगा। समय से भुगतान न करने पर पहले की तरह विलंब अधिभार भी वसूला जाएगा।
10 किश्तों में जमा कर सकेंगे अप्रैल तक का बिल
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए निगम ने 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये को दस किश्तों में जमा कराने की सुविधा दी है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 40%, 30% और 30% की तीन किश्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा। बिलिंग गड़बड़ियों और स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिजली निगम ने 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष काउंटर खोलने का फैसला किया है। निगम ने यह भी माना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर आरएमएस में दर्ज नहीं हैं या गलत हैं। उन्हें एसएमएस और व्हाट्सएप पर बिल नहीं मिल पा रहे। इसके लिए बिजली निगम ने अलग-अलग डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर जारी किए हैं, ताकि उपभोक्ता खुद अपना बिल प्राप्त कर सकें।
वर्जन
मुख्यालय स्तर से ही बिल में सिक्योरिटी राशि की गणना की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इसमें कुछ नहीं कहा जा सकता। 15 मई से अधिशासी अभियंता कार्यालयों पर उपभोक्ताओं के लिए शिविर लगाए जाएंगे। 10 जून तक सबको बिजली का बिल प्राप्त हो, इसकी तैयारी की जाएगी।
-प्रशांत कुमार, अधीक्षण अभियंता
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निगम के नियमानुसार प्रति किलोवाट 300 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा होती है। जोन में साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर पोस्टपेड में बदले हैं। यदि सभी का विद्युत कनेक्शन कम से कम दो किलोवाट का माना जाए तो यह रकम 21 करोड़ रुपये होती है। यानि हर उपभोक्ता की जेब से कम से कम 600 रुपये की कटौती होगी। यह रकम चार बराबर किस्तों में बिजली बिलों के साथ जोड़ी जाएगी।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि करेंट डाटा बुक-2026 के तहत पोस्टपेड मोड में परिवर्तन होने पर उपभोक्ताओं से उनके विद्युत भार के अनुसार निर्धारित सिक्योरिटी धनराशि जमा कराई जाएगी। जून 2026 से इसकी वसूली शुरू होगी और अगले तीन मासिक बिलों में रकम जोड़ दी जाएगी।
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जिन उपभोक्ताओं को पहले यह भरोसा था कि उनकी जमा सिक्योरिटी समायोजित हो चुकी है, अब उन्हीं को फिर से जेब ढीली करनी पड़ेगी। बिजली विभाग इसे नियमों का पालन बता रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं में इसे लेकर नाराजगी बढ़ने लगी है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के जरिए पोस्टपेड मोड में जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया जाएगा। समय से भुगतान न करने पर पहले की तरह विलंब अधिभार भी वसूला जाएगा।
10 किश्तों में जमा कर सकेंगे अप्रैल तक का बिल
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए निगम ने 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये को दस किश्तों में जमा कराने की सुविधा दी है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 40%, 30% और 30% की तीन किश्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा। बिलिंग गड़बड़ियों और स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिजली निगम ने 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष काउंटर खोलने का फैसला किया है। निगम ने यह भी माना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर आरएमएस में दर्ज नहीं हैं या गलत हैं। उन्हें एसएमएस और व्हाट्सएप पर बिल नहीं मिल पा रहे। इसके लिए बिजली निगम ने अलग-अलग डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर जारी किए हैं, ताकि उपभोक्ता खुद अपना बिल प्राप्त कर सकें।
वर्जन
मुख्यालय स्तर से ही बिल में सिक्योरिटी राशि की गणना की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इसमें कुछ नहीं कहा जा सकता। 15 मई से अधिशासी अभियंता कार्यालयों पर उपभोक्ताओं के लिए शिविर लगाए जाएंगे। 10 जून तक सबको बिजली का बिल प्राप्त हो, इसकी तैयारी की जाएगी।
-प्रशांत कुमार, अधीक्षण अभियंता