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पहले मदद कर सहानुभूति ली और फिर से शुरू किया ब्लैकमेल करना
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मुरादाबाद। रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा को चार साल पहले एक गुमनाम ब्लैकमेलर से बचाने वाला उसका सहपाठी ही असली ब्लैमेलर था। उसने उस समय तो दस लाख रुपये की मदद कर इस छात्रा का भरोसा जीत लिया और अब फिर से उसी वीडियो क्लिप के जरिए उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। छात्रा को इस राज का पता तब चला जब उसने देखा कि उसकी उस आईडी पर वीडियो क्लिप आई है जिसके बारे में केवल उसके इसी सहपाठी को पता था। छात्रा के पिता ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत एएसपी दीपक भूकर से की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाले सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारी की बेटी रूस से एमबीबीएस कर रही है। पिता और उनके रिश्तेदार ने अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमेें उन्होंने बताया कि चार साल पहले उनकी बेटी ने रूस में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। अगस्त 2016 में उनकी बेटी को ईमेल के जरिये एक अश्लील वीडियो आया। वीडियो में छात्रा की निजी क्लिप थी। वीडियो भेजने वाले ने छात्रा से दस लाख रुपये की मांग की थी। न देने पर वीडियो वायरल कर देने की धमकी दी थी। छात्रा ने इस मामले में वहीं रहकर पढ़ाई कर रहे राजस्थान निवासी सहपाठी मित्र से मदद मांगी। तब दोस्त ने छात्रा को मदद करने का अश्वासन दिया। उसने अपने पास से दस लाख रुपये देने की बात कही। ऐसा करके उसने छात्रा का भरोसा जीत लिया। छात्रा की ईमेल आईडी उस वक्त डिलीट करा दी थी।
छात्रा भी उस बात को भूल गई थी। दोस्त ने जो पैसे दिए थे। धीरे-धीरे करके उसमें से ढाई लाख रुपये वापस भी कर दिए। अब चार साल बाद छात्रा ने एक नई ईमेल आईडी बनाई। कुछ समय बाद उस ईमेल आईडी पर वही पुराना वीडियो फिर आया और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। लेकिन इस बार छात्रा को शक हुआ। छात्रा के पिता की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक नई ईमेल आईडी के बारे में छात्रा ने केवल उसी दोस्त को बताया था जो उसकी मदद कर रहा था। छात्रा ने शक होने पर छानबीन की तो पता लगा कि यह वीडियो उसी दोस्त ने भेजा है। पहला वीडियो भी उसी ने भेजा था और कोई रकम किसी को नहीं दी थी जबकि वह खुद ही इसका पैसा ले रहा था। पूरा मामला समझ आते ही छात्रा रूस पुलिस से इसकी शिकायत की लेकिन भारतीय नागरिक होने की वजह से वहां उसकी कोई मदद नहीं हो सकी। पीड़ित छात्रा ने पिता से पूरी बात बताई। गुरुवार को पिता की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि प्रार्थना पत्र आया है। शिकायत की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रशिया में नहीं मिली मदद
मुरादाबाद। छात्रा के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी ने रूस में इस मामले में पुलिस से मदद की गुहार लगाई। लेकिन वहां उन्हें कहा गया कि पीड़ित और आरोपी भारतीय नागरिक हैं। ईमेल आईडी भी भारत में ही बनाया गया है। इसलिए इस मामले में भारत में ही केस दर्ज किया जाएगा। पीड़िता ने रूस स्थित भारतीय दूतावास में भी प्रार्थना पत्र दिया।
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सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाले सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारी की बेटी रूस से एमबीबीएस कर रही है। पिता और उनके रिश्तेदार ने अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमेें उन्होंने बताया कि चार साल पहले उनकी बेटी ने रूस में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। अगस्त 2016 में उनकी बेटी को ईमेल के जरिये एक अश्लील वीडियो आया। वीडियो में छात्रा की निजी क्लिप थी। वीडियो भेजने वाले ने छात्रा से दस लाख रुपये की मांग की थी। न देने पर वीडियो वायरल कर देने की धमकी दी थी। छात्रा ने इस मामले में वहीं रहकर पढ़ाई कर रहे राजस्थान निवासी सहपाठी मित्र से मदद मांगी। तब दोस्त ने छात्रा को मदद करने का अश्वासन दिया। उसने अपने पास से दस लाख रुपये देने की बात कही। ऐसा करके उसने छात्रा का भरोसा जीत लिया। छात्रा की ईमेल आईडी उस वक्त डिलीट करा दी थी।
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छात्रा भी उस बात को भूल गई थी। दोस्त ने जो पैसे दिए थे। धीरे-धीरे करके उसमें से ढाई लाख रुपये वापस भी कर दिए। अब चार साल बाद छात्रा ने एक नई ईमेल आईडी बनाई। कुछ समय बाद उस ईमेल आईडी पर वही पुराना वीडियो फिर आया और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। लेकिन इस बार छात्रा को शक हुआ। छात्रा के पिता की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक नई ईमेल आईडी के बारे में छात्रा ने केवल उसी दोस्त को बताया था जो उसकी मदद कर रहा था। छात्रा ने शक होने पर छानबीन की तो पता लगा कि यह वीडियो उसी दोस्त ने भेजा है। पहला वीडियो भी उसी ने भेजा था और कोई रकम किसी को नहीं दी थी जबकि वह खुद ही इसका पैसा ले रहा था। पूरा मामला समझ आते ही छात्रा रूस पुलिस से इसकी शिकायत की लेकिन भारतीय नागरिक होने की वजह से वहां उसकी कोई मदद नहीं हो सकी। पीड़ित छात्रा ने पिता से पूरी बात बताई। गुरुवार को पिता की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि प्रार्थना पत्र आया है। शिकायत की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रशिया में नहीं मिली मदद
मुरादाबाद। छात्रा के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी ने रूस में इस मामले में पुलिस से मदद की गुहार लगाई। लेकिन वहां उन्हें कहा गया कि पीड़ित और आरोपी भारतीय नागरिक हैं। ईमेल आईडी भी भारत में ही बनाया गया है। इसलिए इस मामले में भारत में ही केस दर्ज किया जाएगा। पीड़िता ने रूस स्थित भारतीय दूतावास में भी प्रार्थना पत्र दिया।