मर्डर के लिए खौफनाक साजिश: लोन करा बैंक मैनेजर ने शिक्षिका से बढ़ाईं नजदीकियां, फिर वीर सिंह से करा दी दोस्ती
सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह हत्याकांड में वर्तमान मैनेजर और उसकी प्रेमिका शिक्षिका और एक अन्य दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस को जांच में पता चला है कि वर्तमान बैंक मैनेजर ने प्रेमिका की मुलाकात वीर सिंह से करवाई थी। इसके बाद घटना को अंजाम दिया था।
विस्तार
मुरादाबाद के पाकबड़ा में तैनाती के दौरान आरोपी मनोज कुमार ने शिक्षिका वीरबाला का लोन कराकर नजदीकियां बढ़ा ली थीं। इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी और मिलना जुलना शुरू हो गया था। आरोपी मनोज ने फिर शिक्षिका की दोस्ती वीर सिंह से करा दी थी।
जिसके जरिये वीर सिंह को बुलवाया और हत्याकांड को अंजाम दिया। एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि वीरबाला मूलरूप से संभल के अतौरा की रहने वाली है। वह रतनपुर कलां में बेसिक स्कूल में तैनात है। उसने पुलिस को बताया कि उसके पति सत्यभान यादव ने उसके नाम से पर्सनल लोन ले लिया था।
इसके बाद पति की मृत्यु हो गई थी। लोन की किस्त अधिक कटने के कारण वह घर का खर्चा भी ठीक से नहीं चला पा रही थी। वह पर्सनल लोन खत्म कराने और दूसरा लोन कराने के लिए मनोज कुमार से मिली थी। तब मनोज ने वीरबाला का लोन करा दिया था।
इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। वीरबाला के पति की मौत होने और मनोज की पत्नी के बीमार रहने के कारण दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था। मनोज ने साजिश के तहत वीर सिंह की हत्या को अंजाम देने के लिए ही वीरबाला की उनसे दोस्ती करा दी थी। मनोज ने वीर सिंह की हत्या में भी वीरबाला ही इस्तेमाल किया।
चार माह में आठ बार किया हत्या का प्रयास
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पिछले चार माह से हत्या की साजिश रच रहे थे। वीरबाला वीर सिंह को कॉल करती थी, लेकिन वह योजना के मुताबिक, मोबाइल छोड़कर जाती थी, जिस कारण वह वीर सिंह को मिल नहीं पाती थी।
आरोपी चार माह में आठ बार हत्या का प्रयास कर चुके थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। 16 अगस्त को महिला ने एमडीए ऑफिस के सामने बुलाया और दोनों मिल गए। इसके बाद सभी ने वारदात को अंजाम दिया।
बैंक प्रबंधक ने प्रेमिका और दोस्त के साथ मिलकर की थी पूर्व मैनेजर की हत्या
सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह (65) की हत्या प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की पपसरा (अमरोहा) शाखा के मैनेजर मनोज कुमार ने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला और दोस्त कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर की थी। सोमवार को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि मनोज कुमार ने वीर सिंह द्वारा की जा रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण वारदात को अंजाम दिया।
एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि मझोला के मानसरोवर कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह का शव 16 अगस्त की रात करीब 12 बजे मैनाठेर थाना क्षेत्र में चंदौसी रोड पर मिला था। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक खड़ी थी। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
इस मामले में वीर सिंह के बेटे हर्षित चौधरी ने हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में हत्याकांड में मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी बैंक मैनेजर मनोज कुमार, सिविल लाइंस के डबल स्टोरी एमडीए काॅलोनी निवासी कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता और मझोला के बुद्धि विहार सेक्टर-2 में रहने वाली संभल के अतौरा निवासी शिक्षिका वीरबाला यादव के नाम सामने आए।
वीरबाला पाकबड़ा के रतनपुर कला गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मनोज कुमार बताया कि वह वीर सिंह के साथ काम कर चुका है। वीरसिंह भी अमरोहा की पपसरा शाखा में तैनात रहे थे। वीर सिंह मूल रूप से अमरोहा के बागड़पुर के ही रहने वाले थे।
वीर सिंह के परिचित मनोज कुमार के पास लोन के लिए जाते थे तो मनोज उनसे पैसे मांगता था। वीर सिंह ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी थी। इसी कारण मनोज उनसे रंजिश रखने लगा और उसने वीर सिंह की हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला यादव से वीर सिंह की दोस्ती करा दी।
16 अगस्त की शाम को शिक्षिका ने कॉल करके वीर सिंह को मिलने के बहाने एमडीए ऑफिस के पास बुला लिया, वहां से वीरबाला वीर सिंह की बाइक पर बैठकर चंदौसी कट के पास पहुंची। पीछे से कार से पहुंचे मनोज कुमार और अनिल ने वीर सिंह को खींचकर कार में डाल दिया।
आरोपियों ने पहले हाथ से वीर सिंह का गला दबाया और बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।