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टीएमयू

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:57 PM IST
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mahaveer jayanti
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मकल्याणक महोत्सव धूमधाम से आस्था के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय जिनालय से सुबह साढ़े छह बजे भव्य रथयात्रा निकली गई। दिव्य घोष की धार्मिक संगीतमय धुनों के बीच श्रीजी को लेकर रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंची।
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श्रीजी के रिद्धि-सिद्धि भवन में विराजमान होने के बाद 108 रजत और चार स्वर्ण कलशों के जरिए श्रीजी का अभिषेक हुआ, जबकि शांतिधारा स्वर्ण और रजत झारी से की गई। रथयात्रा में टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन के साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं श्रीजी की भक्ति में सराबोर नजर आए। भगवान महावीर की प्रतिमा को डॉ. एसके जैन अपने मस्तक पर सुशोभित कर जिनालय से रथ तक लाए और उन्हें रथ में विराजमान किया। दिव्य घोष के साथ भगवान महावीर का रथ जिनालय से चलकर मेडिकल हॉस्टल, मेडिकल कॉलेज, इंडोर स्टेडियम, फॉर्मेसी ब्लॉक, इंजीनियरिंग ब्लॉक, आर्मी मिलिट्री टैंक, क्रिकेट पवेलियन, नवीन एडमिन ब्लॉक होते हुए रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंचा। दो घंटे की इस रथयात्रा के दौरान श्रावक और श्राविकाएं भक्ति में लीन नजर आए। रथ यात्रा में सबसे आगे घोड़े, बग्घी, कलश के साथ श्राविकाओं और दिव्य घोष की गूंज रही। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं भारत विकास परिषद के अखिल भारतीय महामंत्री सुरेश जैन बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रही। उन्होंने श्रीजी को श्रीफल अर्पित अर्घ्य चढ़ाया।
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स्वर्ण कलश का पहला अवसर डॉ. विनीता जैन को मिला। दूसरा अर्पित जैन, तीसरा आर्यन जैन, चौथा अवसर हर्ष जैन को प्राप्त हुआ। इसके अलावा शांतिधारा का स्वर्णिम अवसर स्वर्ण कलश से अक्षत जैन, पलाश जैन, अनमोल जैन, सरस जैन, चेतन जैन, अक्षत जैन और संकेत चौधरी को मिला। ये श्रावक बीटेक-सीएस और बीबीए के हैं। इसी के साथ रजत कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य डॉ. अश्विनी जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा के पश्चात भगवान महावीर का अष्ट द्रव्यों से पूजन किया गया।
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सुरीले भजनों की बही बयार
इस अवसर पर इंद्रों ने धारा बहाई, न्वहन कराओ माता त्रिशला के लाल को, बड़े अच्छे लगते हैं ये पिच्छी, कमंडल, दर्शन और तुम, विद्या सागर तेरे दीवाने आए हैं, जब से गुरू दर्श मिला, वर्तमान को वर्धमान की आवश्यकता है जैसे भजनों में पूरा रिद्धि सिद्धि भवन झूम उठा। रथयात्रा में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य डॉ. एसके जैन, जबकि कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य अतिशय जैन को प्राप्त हुआ। इंद्र बनने का सौभाग्य निदेशक अस्पताल पीएनडी डॉ. विपिन जैन, रिषभ जैन, सम्यक जैन और आर्जव जैन को प्राप्त हुआ। इसी कड़ी में सारथी का सौभाग्य आर्यन जैन, रथ को खींचने का सौभाग्य हर्ष जैन, अक्षत जैन आदि को प्राप्त हुआ।

इनकी रही मौजूदगी
मेडिकल कॉलेज वाइस प्रिसिंपल प्रो. एसके जैन, डॉ. हर्षित जैन, निदेशक टिमिट प्रो. विपिन जैन, एजुकेशन कॉलेज की प्राचार्या कल्पना जैन, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. विनोद जैन, संजय जैन, डॉ. आरके जैन, आशीष सिंघई आदि मौजूद रहे।
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