दर्दनाक: ट्रेन चलती रही... जल्दी उतरने में थम गई लोको पायलट की जिंदगी; होली से पहले परिवार की दुनिया हुई बदरंग
परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। रेलवे स्टेशन की यह घटना मंगलवार शाम 4:45 बजे की है। सुशील कुमार जनसेवा एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार थे। वह ट्रेन चलाकर सहारनपुर ले गए थे।
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ट्रेन ड्राइवर सुशील कुमार (44) ने ट्रेन से उतरने के लिए दो मिनट और इंतजार किया होता तो आज वह अपने परिवार के बीच होते। मंगलवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में उनका पैर प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच में फंस गया। वहां गिरने से सुशील गंभीर रूप से चोटिल हुए और उनकी मौत हो गई।
ट्रेन चलती रही, लेकिन जरा सी लापरवाही ने उनके परिवार की खुशियां छीन ली। परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। रेलवे स्टेशन की यह घटना मंगलवार शाम 4:45 बजे की है। सुशील कुमार जनसेवा एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार थे। वह ट्रेन चलाकर सहारनपुर ले गए थे। वहां से अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद जनसेवा एक्सप्रेस में बैठकर मुरादाबाद लौट रहे थे।
यहां प्लेटफार्म पर उतरते समय प्लेटफार्म नंबर एक पर आरपीएफ थाने के पास उनके साथ यह हादसा हो गया। गार्ड ने फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने फौरन घायल ड्राइवर को प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच से निकाला। तत्काल एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय घायल ड्राइवर ने दम तोड़ दिया। उनके शव को रेलवे अस्पताल में रखकर परिवार को सूचना दी गई।
रेलवे हरथला कॉलोनी निवासी सुशील कुमार के घर में उनकी पत्नी प्रिया(40), 14 साल की बेटी शनाया और 10 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ हैं। रेलवे अस्पताल से आए फोन कॉल पर मौत की खबर सुनते ही परिजन रोते-बिलखते दौड़े चले आए। रेलवे के डॉक्टरों ने ड्राइवर को मृत घोषित किया। जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
होली परिवार के साथ मनाने का था वादा
सुशील के परिजनों ने रोते हुए बताया कि उन्होंने इस बार होली परिवार के साथ मनाने का वादा किया था। 13 मार्च को उन्हें एक ड्यूटी पर जाना था, जहां से वह शाम को लौट आते। इसके बाद 14 मार्च को परिवार व रिश्तेदारों के साथ रंग खेलने की तैयारी थी। मृतक के फुफेरे भाई रोहित कुमार ने बताया कि सुशील हंसमुख व्यक्ति थे और लगभग 20 साल से रेलवे में सेवाएं दे रहे थे। उनकी मौत के बाद उनका छोटा सा परिवार बिखर गया है। वहीं रेलवे अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
ट्रेन से उतरते समय ड्राइवर सुशील की मौत की दुखद खबर मिली। रेलवे के नियमों के मुताबिक उनके परिवार को सभी लाभ दिलवाए जाएंगे। अनुकंपा के आधार पर परिवार के योग्य सदस्य को नौकरी दिलाने की कार्यवाही शुरू कराएंगे। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम