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Moradabad News: कांठ क्षेत्र में 25 दिनों में चार बच्चों समेत पांच लोगों को हमला कर घायल कर चुके तेंदुए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:50 AM IST
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Leopards have attacked and injured five people, including four children, in the Kanth area in 25 days.
कांठ। क्षेत्र में लगातार आक्रमक हो रहे तेंदुओं के सामने वन विभाग अब पूरी तरह से बेबस दिखाई दे रहा है। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि 25 दिन के भीतर कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुए चार मासूम बच्चों सहित पांच लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर घायल कर चुके हैं। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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बता दें 23 मार्च की सुबह कांठ तहसील क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर विश्नोई निवासी बाइक सवार किसान विजेंद्र सिंह पर खेत को जाते समय पास के ही गांव कोकरपुर के जंगल में रास्ते के किनारे अपने शावक के साथ छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद 30 मार्च की शाम तेंदुए ने कांठ के गांव महदूद कलमी में अकरम के घर में घुसकर आंगन में खेल रही उनकी दो साल की मासूम बेटी सिदरा पर हमला कर उसे जबड़े में दबोचकर ले जा रहा था, लेकिन परिजनों ने उसे तेंदुए ने बचा लिया था और मासूम सिदरा गंभीर घायल हो गई थी। इसके अलगे दिन 31 मार्च रात तेंदुआ कांठ के गांव मिश्रीपुर के रहने वाले अवनेश कुमार के घर में घुस गया था और यहां चारपाई पर लेटी आठ साल दीपांशी को हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। अभी पांच दिन पहले 11 अप्रैल को तेंदुए ने कांठ के गांव दरियापुर निवासी सुनील कुमार के तीन साल के बेटे हर्ष पर भी खेत में हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। अब बृहस्पतिवार की शाम गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद निवासी राजीव कुमार के पांच साल के बेटे पर खेत में तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया। तेंदुए द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बाद भी वन विभाग मौन है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत व्याप्त है।
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-- लव्यांश पर हमले के बाद अस्पताल में लगी भीड़
कांठ। बृहस्पतिवार की शाम कांठ के गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद निवासी राजीव कुमार के पांच साल के बेटे लव्यांश पर तेंदुए द्वारा हमला कर उसे गंभीर घायल करने के बाद अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। जहां इस घटना को लेकर ग्रामीण दुखी थे तो वहीं घूम रहे तेंदुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाने पर उनमें नाराजगी भी देखी गई। किसानों ने तेंदुओं को पकड़वाने की मांग की है। संवाद
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..फोटो सं. 14, 15, 16


-- तीन स्थानों पर लगे हैं चार पिंजरे, नहीं पकड़े जा रहे तेंदुए
कांठ। क्षेत्र में वन विभाग के द्वारा तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव दरियापुर में दो, महदूद कलमी और मिश्रीपुर में एक-एक पिंजरा लगाया हुआ है। लेकिन इसके बाद भी तेंदुए नहीं पकड़े जा रहे हैं। बुधवार को तेंदुआ कांठ के गांव लाडलाबाद में भी प्राथमिक विद्यालय के पास दिखाई दिया था, ग्रामीणों के शोर मचाने यहां गन्ने के खेत में घुस गया था। जिस पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर करीब दो घंटे तक खेत को भी घेरे रखा था। वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बृहस्पतिवार को भी यहां पिंजरा नहीं लगाया गया। जिससे ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत व्याप्त है। संवाद



-- वन विभाग की नसीहत के बाद भी बच्चों के प्रति गंभीर नहीं लोग
कांठ। कांठ तहसील क्षेत्र को वन विभाग पहले ही तेंदुआ बाहुल्य घोषित कर चुका है। तेंदुओं के लगातार मोमेंट और किए जा रहे हमलों के दृष्टिगत वन विभाग और पुलिस गांव-गांव गोष्ठियां कर किसानों व क्षेत्रवासियों को जागरूक करते हुए सतर्कता बरतने और अकेले खेतों व निर्जन स्थानों पर न जाने तथा बच्चों को अकेले गांव से बाहर न जाने देने की अपील कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी छोटे बच्चों को खेत पर ले जाए जाने की बात लगातार सामने आ रही है। गांव दरियापुर में भी मां-बाप के साथ खेत पर गए तीन साल के मासूम हर्ष को तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। मिश्रीपुर में जहां दीपांशी पर तेंदुए ने हमला किया था, उस घर की चहारदीवारी नहीं थी। महदूद कलमी में तेंदुए के हमले में घायल सिदरा के पिता अकरम के घर का भी अधिकांश हिस्सा खुला है। अब बृस्पतिवार को भी तेंदुए ने माता-पिता के साथ खेत पर गए मासूम लव्यांश को हमला किया है। संवाद




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तेंदुए के हमले में घायल फजलाबाद के बच्चे लव्यांश को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है, उसे बेहतर इलाज के लिए कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिकित्सकों से भी बात कर अच्छे इलाज के लिए कहा है। क्षेत्र के लोगों से अपील है कि वह अपने छोटे बच्चों को खेतों या जंगल में न लेकर जाएं। इसी के साथ खेतों पर काम के लिए भी समूह के रूप में जाएं और पूरी सतर्कता बरतें। फजलाबाद के जंगल में जहां तेंदुए ने बच्चे पर हमला किया है, टीम के साथ पहुंचकर जांच की जाएगी।
पुष्पेंद्र सिंह डिप्टी वन रेंजर, कांठ
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