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Moradabad News: भ्रष्टाचार के आरोप में लेखपाल निलंबित
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मुरादाबाद। एसडीएम ने भ्रष्टाचार के आरोप में पीपलसाना के लेखपाल मो. अकरम को निलंबित कर दिया। जांच से पता चला कि लेखपाल ने एक व्यक्ति के दो आय प्रमाणपत्र 60 हजार और 42 हजार का बना दिया था। लेखपाल के खिलाफ तहसीलदार के पास अन्य शिकायतें भी आई थीं।
पीपलसाना निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तजमुल हुसैन ने क्षेत्रीय लेखपाल मो. अकरम के खिलाफ मंडलायुक्त को शिकायतीपत्र भेजा था। आरोप लगाया था कि लेखपाल पैसे लेकर प्रमाणपत्र बना रहा है। इस मामले की जांच सदर तहसीलदार को सौंपी गई। जांच में आया कि पुराना बाजार निवासी मो. जाबिर हुसैन ने 13 अक्तूबर 22 को वार्षिक आय 60 हजार रुपये दर्शाते हुए लेखपाल से आय प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद 22 अक्तूबर को लेखपाल ने मो. जाबिर का फिर दूसरा आय प्रमाणपत्र 42 हजार रुपये का बना दिया। तहसीलदार सदर ने पाया कि इसी प्रकार लेखपाल ने कई अन्य प्रमाणपत्र मनमाने ढंग से बनाए थे। जांच अधिकारी ने समीक्षा में पाया कि धन के लोभ में लेखपाल ने मनमाने ढंग से प्रमाणपत्रों को बनाया है। इस मामले में तहसीलदार ने लेखपाल के खिलाफ लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी। रिपोर्ट एसडीएम प्रशांत तिवारी के पास पहुंची। उन्होंने नियमानुसार लेखपाल अकरम को निलंबित कर दिया। साथ ही उसे राजस्व निरीक्षक के कार्यालय से संबद्ध करने के निर्देश दिए। इस मामले की जांच मूंढापांडे के नायब तहसीलदार संदीप गोयल को सौंपी गई है।
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पीपलसाना निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तजमुल हुसैन ने क्षेत्रीय लेखपाल मो. अकरम के खिलाफ मंडलायुक्त को शिकायतीपत्र भेजा था। आरोप लगाया था कि लेखपाल पैसे लेकर प्रमाणपत्र बना रहा है। इस मामले की जांच सदर तहसीलदार को सौंपी गई। जांच में आया कि पुराना बाजार निवासी मो. जाबिर हुसैन ने 13 अक्तूबर 22 को वार्षिक आय 60 हजार रुपये दर्शाते हुए लेखपाल से आय प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद 22 अक्तूबर को लेखपाल ने मो. जाबिर का फिर दूसरा आय प्रमाणपत्र 42 हजार रुपये का बना दिया। तहसीलदार सदर ने पाया कि इसी प्रकार लेखपाल ने कई अन्य प्रमाणपत्र मनमाने ढंग से बनाए थे। जांच अधिकारी ने समीक्षा में पाया कि धन के लोभ में लेखपाल ने मनमाने ढंग से प्रमाणपत्रों को बनाया है। इस मामले में तहसीलदार ने लेखपाल के खिलाफ लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी। रिपोर्ट एसडीएम प्रशांत तिवारी के पास पहुंची। उन्होंने नियमानुसार लेखपाल अकरम को निलंबित कर दिया। साथ ही उसे राजस्व निरीक्षक के कार्यालय से संबद्ध करने के निर्देश दिए। इस मामले की जांच मूंढापांडे के नायब तहसीलदार संदीप गोयल को सौंपी गई है।
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