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Moradabad News: गवाही के लिए दबाव बनाने पर आभूषण कारीगर ने जहर खाकर दी जान
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मुरादाबाद। दुष्कर्म के मामले में गवाही के लिए दबाव बनाने पर आभूषण कारीगर ने जहर खाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका शव कोतवाली क्षेत्र में चौराहा गली मंडी चौक स्थित आभूषण की दुकान के ऊपर बने कमरे में मिला। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने गवाही के लिए चार लोगों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी हरभजन सिंह (40) बीस साल से कोतवाली क्षेत्र के मंडी चौक चौराहा गली स्थित जयप्रकाश-सोमप्रकाश ज्वेलर्स में काम करते थे। वह दुकान के ऊपर बने कमरे में रहते थे, जबकि पत्नी नीलम, बेटी रश्मी और दो बेटे प्रियांक और उदित गांव में रहते हैं। मंगलवार सुबह नौ बजे तक दुकान में नहीं आए तब दुकानदार ने कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सराफ ने ऊपर जाकर देखा तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खोलकर देखा गया तो हरभजन सिंह का शव बिस्तर पर पड़ा था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। सूचना मिलने पर परिजन आ गए। हरभजन की पत्नी ने बताया कि उसके गांव के इमरान नाम के युवक के खिलाफ 29 मई 2024 को डिलारी थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। जिसमें हरभजन सिंह भी गवाह थे। महिला ने आरोप लगाया कि मासूमपुर निवासी सुलेमान, उसका भाई उस्मान, सहयोगी जयपाल और उसका बेटा धर्मेंद्र सिंह, हरभजन पर इमरान के पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि लड़की पक्ष वाले अपने पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे। दोनों ही पक्ष उनके पति पर अपने-अपने पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे। गवाही नहीं देने पर हरभजन और उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दे रहे थे। इसी से तंग आकर हरभजन सिंह ने आत्महत्या की है। सीओ कोतवाली सुनीता दहिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी सुलेमान, उसके भाई उस्मान, जयपाल और उसके बेटे धर्मेंद्र सिंह पाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है।
सुसाइड नोट में लिखा चार लोगों का नाम
पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके से दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने सुलेमान, उस्मान, जयपाल और धर्मेंद्र के नाम लिखे हैं। जिसमें उसने बताया है कि इन लोगों की वजह से वह आत्महत्या कर रहा है। आरोपी मुझे और मेरे बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकियां दे रहे हैं। हरभजन ने गांव में हुई पूरी घटना का जिक्र किया है। जिसमें आरोप लगाया है कि वह दुष्कर्म के मामले में गवाह है, लेकिन आरोपी पक्ष के लोग झूठे शपथ पत्र बनवा रहे हैं। लड़की पक्ष के लोग भी उस पर दबाव बना रहे हैं।
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डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी हरभजन सिंह (40) बीस साल से कोतवाली क्षेत्र के मंडी चौक चौराहा गली स्थित जयप्रकाश-सोमप्रकाश ज्वेलर्स में काम करते थे। वह दुकान के ऊपर बने कमरे में रहते थे, जबकि पत्नी नीलम, बेटी रश्मी और दो बेटे प्रियांक और उदित गांव में रहते हैं। मंगलवार सुबह नौ बजे तक दुकान में नहीं आए तब दुकानदार ने कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सराफ ने ऊपर जाकर देखा तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खोलकर देखा गया तो हरभजन सिंह का शव बिस्तर पर पड़ा था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। सूचना मिलने पर परिजन आ गए। हरभजन की पत्नी ने बताया कि उसके गांव के इमरान नाम के युवक के खिलाफ 29 मई 2024 को डिलारी थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। जिसमें हरभजन सिंह भी गवाह थे। महिला ने आरोप लगाया कि मासूमपुर निवासी सुलेमान, उसका भाई उस्मान, सहयोगी जयपाल और उसका बेटा धर्मेंद्र सिंह, हरभजन पर इमरान के पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि लड़की पक्ष वाले अपने पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे। दोनों ही पक्ष उनके पति पर अपने-अपने पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बना रहे थे। गवाही नहीं देने पर हरभजन और उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दे रहे थे। इसी से तंग आकर हरभजन सिंह ने आत्महत्या की है। सीओ कोतवाली सुनीता दहिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी सुलेमान, उसके भाई उस्मान, जयपाल और उसके बेटे धर्मेंद्र सिंह पाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है।
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सुसाइड नोट में लिखा चार लोगों का नाम
पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके से दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने सुलेमान, उस्मान, जयपाल और धर्मेंद्र के नाम लिखे हैं। जिसमें उसने बताया है कि इन लोगों की वजह से वह आत्महत्या कर रहा है। आरोपी मुझे और मेरे बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकियां दे रहे हैं। हरभजन ने गांव में हुई पूरी घटना का जिक्र किया है। जिसमें आरोप लगाया है कि वह दुष्कर्म के मामले में गवाह है, लेकिन आरोपी पक्ष के लोग झूठे शपथ पत्र बनवा रहे हैं। लड़की पक्ष के लोग भी उस पर दबाव बना रहे हैं।
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