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महाशिवरात्रि : शिवालय तैयार, गूंज रही भोले की जयकार, तड़के शुरू हुआ भगवान आशुतोष का जलाभिषेक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Mar 2021 02:43 AM IST
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jalabhishek start in moradabad on mahashivratri 2021
देर रात चौरासी घंटा मंदिर में जल चडाते श्रद्वालु। - फोटो : CITY
मुरादाबाद। महाशिवरात्रि पर शहर के शिवालयों में गुरुवार तड़के जलाभिषेक शुरू हो गया है। बुधवार शाम से ही मंदिरों में श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुुंचने लगे थे। प्रमुख शिवालयों को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। जलाभिषेक के अलावा रुद्राभिषेक किया गया। कोरोना संक्रमण काल की वजह से भले ही कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही, पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है।
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मंदिरों में बुधवार दोपहर में ही सजावट का कार्य पूरा हो गया था। शाम को सभी मंदिर भव्य लाइटों से जगमग हो उठे। आधी रात से मंदिरों में रुद्राभिषेक का दौर शुरू हो गया, जबकि तड़के तीन बजे कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक शुरू कर दिया। इसके साथ ही शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे।
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देर रात तक आते रहे श्रद्धालु
हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर शिवालयों में पहुंचे। हरिद्वार से आने वाले श्रद्धालु मंदिरों में शाम चार बजे से पहुंचने लग गए थे, जबकि ब्रजघाट से कांवड़ लाने वाले श्रद्धालु रात 12 बजे तक मंदिरों में आए। ब्रजघाट से आने वालों में इस बार डाक कांवड़ की संख्या अधिक रही।
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कांवड़ियों की सेवा की
शहर में टेंट लगाने के अलावा सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों से राह चलते कावंड़ियों की भी सेवा की। उन्होंने कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं को फल वितरित किए। टेंट में कांवड़ियों को आराम करने की व्यवस्था की गई।
गेंदा और गुलाब से हुई सजावट
शहर के प्रमुख मंदिर 84 घंटा मंदिर में फूलों की सजावट को भव्य रूप दिया गया है। बुधवार दिनभर कारीगर सजावट में जुटे रहे। करीब पांच क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया। मंदि के मुख्य पुजारी पंडित विष्णु दत्त ने भी मूर्तियों की साफ-सफाई के बाद भगवान भोलेनाथ का फूलों से ही शृंगार किया। भोले के शृंगार में गेंदा, गुलाब के अलावा चमेली के फूलों से किया गया है। पुजारी विष्णु दत्त ने बताया कि इस वर्ष डाक कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है। हालांकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कम संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लाए हैं। गुरुवार शाम चार बजे हवन और प्रसाद वितरण किया जाएगा।
रुद्राभिषेक के बाद होगा जलाभिषेक
झारखंडी महादेव मंदिर में एक दरवाजे से प्रवेश करेंगे, जबकि दूसरे दरवाजे से बाहर निकलेंगे। महंत पंडित भोलेनाथ योगीराज ने बताया कि बुधवार रात दस बजे से गुरुवार सुबह चार बजे तक रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भोलेनाथ पर जलाभिषेक होगा। गुरुवार शाम चार बजे भगवान भोलेनाथ को वस्त्र पहनाकर उनका शृंगार किया जाएगा। रात नौ बजे महाआरती की जाएगी। महाआरती के बाद रुद्राभिषेक किया जाएगा। पंडित पुष्पराज शास्त्री रुद्राभिषेक कराएंगे।

बाजार में बिके बेलपत्र
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को फूल-फूल के साथ बेलपत्र प्रमुख रूप से अर्पित करते हैं। बुधवार को बाजार में जगह-जगह बेलपत्र की दुकानें सजी हुई थीं। बेलपत्र दस रुपये में पांच और धतूरा पांच रुपये में एक था, जबकि गेंदा के फूलों की छोटी माला 15 रुपये में थी। श्रद्धालुओं ने एक दिन पहले ही व्रत और पूजा की सभी तैयारियां कर लीं।
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