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मजबूत पासवर्ड रोकेगा इंटरनेट की असुरक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
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मुरादाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन में स्कूल, कालेज और कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। बच्चों की प्रभावित हो रही पढ़ाई से बचने और कार्यालयों का काम घर से निपटाने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में इंटरनेट की असुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। कई देशों में तो जूम एप को प्रतिबंधित करने की खबरें भी आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता और मजबूत पासवर्ड इस समस्या को दूर करेगा। गत दिनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और शासन द्वारा भी वर्क फ्राम होम के तहत आनलाइन पाठ्यक्रम पूरे करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग, स्काइप, वॉट्एसप के माध्यम से सभी एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक प्रयोग जूम एप का किया जा रहा है। आईएफटीएम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस के निदेशक डॉ. राहुल कुमार मिश्रा ने बताया कि जूम एप से होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग में सौ लोग एक साथ जुड़ सकते हैं। ग्रुप कालिंग के अलावा वन टू वन बात कररने की सुविधा 40 मिनट तक है। मीटिंग के लिए व्यक्तिगत आईडी के बजाय प्रति मीटिंग अलग आईडी बनानी चाहिए। इसके अलावा वेटिंग रूम की सुविधा को सक्षम करें, ताकि आप देख सकें कि कौन उन्हें एक्सेस करने की अनुमति देने से पहले बैठक में शामिल होने का प्रयास कर रहा है। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर साइंसिज के निदेशक डॉ. आरके द्विवेदी ने बताया कि ज्यादातर लोगों को पासवर्ड को सेव करने की आदत होती है, जिससे उनको बार-बार दर्ज न करना पड़े। पासवर्ड को हर बार बदल देना चाहिए। इसके अलावा सीधा पासवर्ड बनाने के बजाय मजबूत पासवर्ड जैसे अंक, स्पेलिंग और विशेष अक्षरों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि काम खत्म होने के बाद हिस्ट्री को भी साफ कर देना चाहिए। नीलम सिंह/एप1