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कहीं श्रमिक नहीं आए तो कहीं फोन कर किसानों को बुलाया
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मुरादाबाद। धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए रविवार को अवकाश के दिन भी धान क्रय केंद्र खोले गए। हालांकि अधिकांश क्रय केंद्रों पर पर ना तो श्रमिक पहुंचे और ना ही किसान। काफी कोशिशों के बाद एक दो किसानों से ही खरीद हो सकी। मूढांपाडे में राजकीय धान केंद्र बंद था।
मंडी समिति के धान क्रय केंद्र पर दोपहर 12.30 बजे केंद्र प्रभारी महादेवी अपने सहयोगी के साथ कक्ष में बैठी थीं। यहां ना तो तौल के लिए लेबर थी और ना ही कोई किसान। केंद्र प्रभारी सेंटर पर धान लाने के लिए किसानों को अपने मोबाइल से फोन कर रही थीं। प्रभारी ने बताया कि रविवार को केंद्र बंद रहता है। उन्हें शनिवार रात करीब 8.30 बजे पता चला कि रविवार को सेंटर खुलेंगे। सुबह लेबर नहीं आई ।उन्हें फोन किया तो किसी ने शादी में बताया तो किसी ने शहर से बाहर। एक दो किसानों को फोन किया, लेकिन वे नहीं आए। एक किसान शाम को देरी से धान लेकर पहुंचा। अब उनका धान सोमवार को तौला जाएगा।
मशक्कत के बाद हुई 65 क्विंटल खरीद
मंडी समिति परिसर में खाद्य विभाग के तीनों केंद्र खुले थे। केंद्र प्रभारी और स्टॉफ भी था, लेकिन किसी भी केंद्र पर एक भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचा था। फोन करके श्रमिक बुलाए गए। तीनों केंद्र प्रभारी रजिस्ट्रेशन करा चुके किसानों को फोन करके बुलाने का प्रयास कर रहे थे। सेंटर नंबर एक के प्रभारी राजेश प्रताप ने बताया कि कई बार फोन करने पर केवल एक किसान आया, जिसका 65 क्विंटल धान लिया गया।
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राजकीय धान केंद्र बंद मिला
मूंढापांडे क्षेत्र के मुुडिया मूलकपुर में राजकीय धान केंद्र पर दोपहर में ताला लगा था। यहां ना तो कोई कर्मचारी था ना ही लेबर। केंद्र पर कुछ किसान धान बेचने की जानकारी लेने आए थे, लेकिन बंद मिलने पर लौट गए। उन्होंने बताया कि आज सेंटर बंद है।
लक्ष्य की 21 फीसदी खरीद हुई
इस साल शासन ने जिले में 1.18 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य दिया है, लेकिन अभी तक जिले में 25026 मी.टन खरीद हुई है। लक्ष्य पूरा करने का दबाव शासन से बना हुआ है। इस कारण जनपद में अभी तक 21 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हुआ है।
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मंडी समिति के धान क्रय केंद्र पर दोपहर 12.30 बजे केंद्र प्रभारी महादेवी अपने सहयोगी के साथ कक्ष में बैठी थीं। यहां ना तो तौल के लिए लेबर थी और ना ही कोई किसान। केंद्र प्रभारी सेंटर पर धान लाने के लिए किसानों को अपने मोबाइल से फोन कर रही थीं। प्रभारी ने बताया कि रविवार को केंद्र बंद रहता है। उन्हें शनिवार रात करीब 8.30 बजे पता चला कि रविवार को सेंटर खुलेंगे। सुबह लेबर नहीं आई ।उन्हें फोन किया तो किसी ने शादी में बताया तो किसी ने शहर से बाहर। एक दो किसानों को फोन किया, लेकिन वे नहीं आए। एक किसान शाम को देरी से धान लेकर पहुंचा। अब उनका धान सोमवार को तौला जाएगा।
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मशक्कत के बाद हुई 65 क्विंटल खरीद
मंडी समिति परिसर में खाद्य विभाग के तीनों केंद्र खुले थे। केंद्र प्रभारी और स्टॉफ भी था, लेकिन किसी भी केंद्र पर एक भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचा था। फोन करके श्रमिक बुलाए गए। तीनों केंद्र प्रभारी रजिस्ट्रेशन करा चुके किसानों को फोन करके बुलाने का प्रयास कर रहे थे। सेंटर नंबर एक के प्रभारी राजेश प्रताप ने बताया कि कई बार फोन करने पर केवल एक किसान आया, जिसका 65 क्विंटल धान लिया गया।
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राजकीय धान केंद्र बंद मिला
मूंढापांडे क्षेत्र के मुुडिया मूलकपुर में राजकीय धान केंद्र पर दोपहर में ताला लगा था। यहां ना तो कोई कर्मचारी था ना ही लेबर। केंद्र पर कुछ किसान धान बेचने की जानकारी लेने आए थे, लेकिन बंद मिलने पर लौट गए। उन्होंने बताया कि आज सेंटर बंद है।
लक्ष्य की 21 फीसदी खरीद हुई
इस साल शासन ने जिले में 1.18 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य दिया है, लेकिन अभी तक जिले में 25026 मी.टन खरीद हुई है। लक्ष्य पूरा करने का दबाव शासन से बना हुआ है। इस कारण जनपद में अभी तक 21 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हुआ है।