फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   if police not come in front of bus then not happened this accident

मुरादाबाद: बस के आगे नहीं आते पुलिस वाले तो नहीं होता जानलेवा हादसा

Tue, 29 Jun 2021 02:48 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 29 Jun 2021 02:48 AM IST
सार

टक्कर इतनी भयंकर थी कि पिकअप काफी दूर तक घिसट गई और बस पलट गई। बस की टक्कर से पिकअप में सवार मेरे भाई सहित तीन लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस कर्मी की भी इस हादसे में मौत हो गई। 

विज्ञापन
if police not come in front of bus then not happened this accident
घटनास्थल पर मौजूद लोग - फोटो : amar ujala

विस्तार

हम लोग धान की रोपाई करने के लिए छह मई को पंजाब के संगरूर गए थे। वहां रोपाई का कार्य पूरा होने के बाद हम लोग रविवार की रात 8.30 बजे एक पिकअप में सवार होकर पीलीभीत के लिए रवाना हुए। पिकअप में कुल 23 लोग सवार थे। पूरे सफर में सभी लोग बातचीत करते हुए आ रहे थे। हम लोगों ने अपने घर वालों को भी फोन करके बता दिया था कि सोमवार की सुबह तक पहुंच जाएंगे। पिकअप जब मुरादाबाद पहुंची तो सुबह करीब 5.15 बजे मनोहरपुर के पास छह लोगों ने हमारी गाड़ी को रोक लिया। जिनमें से चार वर्दीवाले भी थे। वहां एक नीली बत्ती लगी इनोवा कार भी खड़ी थी।

विज्ञापन


पुलिस के रोकने पर चालक ने पिकअप साइड में लगा दी। पुलिस कर्मी पिकअप चालक के कागज चेक करने लगे। पुलिस कर्मी कागजों में कमी दिखाकर पिकअप को सीज करने की बात कहने लगे और गाड़ी छोड़ने के नाम पर पैसे मांगने लगे। पुलिस कर्मियों ने यहां तक कहा कि पैसे तो देने ही पड़ेंगे, नहीं तो बहुत कुछ नुकसान कर देंगे। तभी पीछे से एक डबल डेकर बस आती दिखाई दी। बस को देखकर पुलिस कर्मी चिल्लाए रोको इसे भी रोको। अचानक से पुलिस कर्मी बस के सामने आए और इससे बस अनियंत्रित होकर पिकअप से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि पिकअप काफी दूर तक घिसट गई और बस पलट गई। बस की टक्कर से पिकअप में सवार मेरे भाई सहित तीन लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस कर्मी की भी इस हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस वाले मौके से इनोवा में सवार होकर भाग गए। कुछ देर के बाद दूसरी पुलिस टीम मौके पर आई, जिसने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे में मेरे भाई सुरेश की भी मौत हो
विज्ञापन

गई। मैंने उनसे चिल्लाकर कहा था भागो भैया भागो, लेकिन इससे पहले ही बस की पिकअप से टक्कर हो चुकी थी।
(नोट-जैसा कि हादसे के चश्मदीद शिवसागर ने बताया)

दो पुलिस वाले सादे कपड़ों में थे
शिवसागर ने बताया कि हाईवे पर चेकिंग के लिए इनोवा कार के पास छह लोग खड़े थे। उनमें दो सादे कपड़ों में बाकी वर्दी में थे। पुलिस वालों ने पहले इशारा कर पिकअप को रुकवाया। ड्राइवर से कागज मांगा और कहा कि बीमा नहीं है। सभी पुलिस वाले ड्राइवर को तरह-तरह से डरा रहे थे। करीब दस मिनट तक वाद विवाद होता रहा। मैंने व पिकअप सवार एक दो लोगों ने भी पुलिस वालों से खुशामद कर जाने देने को कहा, लेकिन डांट डपट कर चुप करा दिया गया। पुलिस वालों ने कहा कि तुम लोग चुप रहो वरना तुम लोगों को भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरेश के पिता की कोल्हू के कड़ाह में गिरने से हो चुकी मौत
मृतक सुरेश के भाई शिवसागर ने बताया कि तीन भाइयों में सुरेश मझला था। पूरा परिवार मेहनत मजदूरी कर जीविका चलाता है। पिता तिलकराम भी मेहनत मजदूरी करते थे। 20 साल पहले वह पड़ोस के गांव के एक कोल्हू पर काम कर रहे थे। उसी दौरान पैर फिसल जाने से वह खौलते कड़ाह में गिर गए थे। जिससे उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से उसकी दो बहनों व बड़े भाई तथा मां का रो-रो कर बुरा हाल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed