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एनपीएस घोटाला: मुरादाबाद में भी सामने आ चुकी बड़ी गड़बड़ी, गहनता से हुई जांच तो कई पर आएगी धांधली की आंच

Thu, 23 Nov 2023 02:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Thu, 23 Nov 2023 02:02 AM IST
सार

मुरादाबाद में डीआईओएस कार्यालय के पटल सहायक ने वर्ष 2017 से 2023 तक 50 शिक्षकों की पेंशन धनराशि उनसे बिना पूछे निजी बैंकों में निवेश कर दी है। इसका पता चलते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने इस मामले में जांच बड़े स्तर से कराने की मांग की है। 

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NPS Scam: Big irregularities come light Moradabad too, if investigation thoroughly then many accused of riggin
मुरादाबाद में सामने आई गड़बड़ी - फोटो : Istock

विस्तार

एनपीएस के तहत शिक्षकों से बिना पूछे निजी कंपनियों में पेंशन की धनराशि निवेश करने के मामले में शिक्षकों ने अधिकारियों से जांच की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि यदि गहनता से मामले की जांच की जाए तो इस खेल के दायरे में कई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी आ सकते हैं। शिक्षकों ने मांग पूरी न होने पर धरने की चेतावनी दी है।

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मुरादाबाद में डीआईओएस कार्यालय के पटल सहायक ने वर्ष 2017 से 2023 तक 50 शिक्षकों की पेंशन धनराशि उनसे बिना पूछे निजी बैंकों में निवेश कर दी है। इन शिक्षकों में से 25 ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी धनराशि को दो बार निवेश किया गया है। ऐसे में यह संख्या 75 आ रही है।
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विभाग में चर्चा है कि वित्तीय जिम्मेदारियों वाले अधिकारियों से इस घोटाले की पूरी जानकारी होने की संभावना है। उनकी बिना सहमति के इतने लंबे समय तक कोई कर्मचारी इस तरह का कार्य करता रहे, यह बात गले नहीं उतर रही है। उनके अनुसार 50 शिक्षकों की संख्या में ज्यादातर महिला शिक्षक हैं।

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शिक्षकों से सहमति पत्र लेने की है चर्चा

निजी कंपनियों में बिना शिक्षकों की सहमति के निवेश का मामला उजागर होने के बाद अब विभाग में खुद को बचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि विभाग से संबंधित शिक्षकों से संपर्क किया जा रहा है और उनसे सहमति पत्र लेने के प्रयास हो रहे हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारी जांच के बाद होने वाली कार्रवाई से खुद को बचा सकें।

विद्यालयों में नहीं बन रही पासबुक

शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों में शिक्षकों की पासबुक नहीं बन रही है। कई शिक्षकों की पासबुक अपडेट नहीं है और राज्यांश भी तीन से छह महीने से अपडेट नहीं हुआ है। यदि यह सभी गतिविधियां समय से की जाएंगी तो इस तरह की धांधली की शिक्षकों को समय रहते जानकारी मिल पाएगी।

एनपीएस की धनराशि का मांगा विवरण

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विमलेंद्र शर्मा का कहना है कि बुधवार को लखनऊ में संगठन के 12 पदाधिकारी धरने में शामिल हुए थे, जबकि मंगलवार को लेखाधिकारी को ज्ञापन दिया है। उनका कहना है कि अधिकारी कह रहे हैं कि निजी बैंक अच्छा रिटर्न दे रहे हैं।

ऐसे में हमने उनसे यही कहा कि बिना शिक्षकों की सहमति के पटल सहायक ने ऐसा क्यों किया। हमने अधिकारियों से सभी शिक्षकाें की एनपीएस की धनराशि का विवरण संगठन को उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस मामले की गहनता से जांच और जिम्मेदारों पर एफआईआर होनी चाहिए।

यदि स्थानीय स्तर पर यह कार्रवाई नहीं हुई तो पहले डीआईओएस कार्यालय पर एक दिन का धरना दिया जाएगा। इसके बाद डीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, जिला मंत्री शमशाद हुसैन आदि मौजूद रहे।



अपने स्तर से जांच करके हमने प्रधान सहायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिख दिया है। अब आगे जो भी जांच होगी, वह उच्च अधिकारियों के स्तर से ही होगी। प्रधान सहायक के निलंबन का कोई आदेश हमारे पास नहीं आया है।- डॉ. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक

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