{"_id":"6708768a3a81fe65830f6136","slug":"hepatitis-investigation-started-in-the-district-hospital-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-498264-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच शुरू
विज्ञापन
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच शुरू हो गई है। पहले मरीजों के सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे थे। अगस्त में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इसके कारण मरीजों के सैंपल लगातार बढ़ते जा रहे थे, लिहाजा एसआईसी ने शासन ने अपील कर जिला अस्पताल में ही व्यवस्थाएं बनवाईं।
अब अस्पताल की बीएसएल-2 लैब में जांच शुरू हो गई है। नोडल अधिकारी डॉ. दीपाली सैनी को बनाया गया है। पहले उन्होंने रुके हुए सैंपलों की जांच की। जांच रिपोर्ट मरीजों को साैंप दी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की तुलना में मुरादाबाद में हेपेटाइटिस के मरीज अधिक हैं। ऐसे में यहां जांच शुरू होने से मुरादाबाद के साथ ही आसपास के जनपदों के लोगों को भी लाभ मिल सकेगा।
निजी लैब में यही टेस्ट दो से तीन हजार रुपये में होता है। डॉ. दीपाली ने बताया कि पहले संक्रमण की पुष्टि करने के लिए रैपिड टेस्ट किया जाता है, जो किसी भी लैब में 500 रुपये तक में हो जाता है। इसके बाद संक्रमण का प्रभाव जानने के लिए वायरल लोड टेस्ट किया जाता है। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में हेेपेटाइटिस बी व सी दोनों के वायरल लोड की जांच की जा रही है। साथ ही निशुल्क दवा भी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब अस्पताल की बीएसएल-2 लैब में जांच शुरू हो गई है। नोडल अधिकारी डॉ. दीपाली सैनी को बनाया गया है। पहले उन्होंने रुके हुए सैंपलों की जांच की। जांच रिपोर्ट मरीजों को साैंप दी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की तुलना में मुरादाबाद में हेपेटाइटिस के मरीज अधिक हैं। ऐसे में यहां जांच शुरू होने से मुरादाबाद के साथ ही आसपास के जनपदों के लोगों को भी लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
निजी लैब में यही टेस्ट दो से तीन हजार रुपये में होता है। डॉ. दीपाली ने बताया कि पहले संक्रमण की पुष्टि करने के लिए रैपिड टेस्ट किया जाता है, जो किसी भी लैब में 500 रुपये तक में हो जाता है। इसके बाद संक्रमण का प्रभाव जानने के लिए वायरल लोड टेस्ट किया जाता है। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में हेेपेटाइटिस बी व सी दोनों के वायरल लोड की जांच की जा रही है। साथ ही निशुल्क दवा भी दी जाएगी।
विज्ञापन