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चार साल चली सुनवाई, 200 से अधिक पड़ीं तारीखें
Tue, 14 Feb 2023 01:37 PM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Tue, 14 Feb 2023 01:37 PM IST
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मुरादाबाद
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद। छजलैट के पंद्रह साल पुराने मामले में आठ गवाहों ने कोर्ट पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। करीब चार साल चली सुनवाई के दौरान 200 से अधिक तारीखें पड़ीं।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि पंद्रह साल पहले छजलैट में दो जनवरी 2008 को पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर एक कार्यक्रम मे शामिल होने के लिए जा रहे थे. तब थाना छजलैट में वाहन चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी भी रुकवा ली थी। जिसके विरोध में वह थाने के सामने ही धरना दे कर बैठ गए थे। उस समय आसपास के जिलों के भी सपा नेता मौके पर आ गए थे। शुरुआत में इस केस की सुनवाई हाईकोर्ट में चली थी। तब एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट नहीं थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर जिला स्तर पर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में मुकदमे सुने जाने लगे। वर्ष 2019 में इस मुकदमे की सुनवाई भी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुरू हुई। जिसमें लगभग दो सौ से अधिक तारीखें लगी। इस मुकदमे में आठ गवाहों ने अपने बयानों को अदालत में दर्ज कराए गए। केस के वादी, विवेचक, उस वक्त जाम खुलने वाले पुलिस कर्मी, एफआईआर दर्ज करने वाले थाने के मुंशी अन्य लोगों ने कोर्ट पहुंचकर गवाही दी।
पांच जिलों के सपा नेता और कार्यकर्ता धरने में हुए थे शामिल
आजम खां की गाड़ी रुकवाने और चेकिंग करने के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठे तो मुरादाबाद के अलावा रामपुर, संभल, बिजनौर और अमरोहा के सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौके पर जुट गए थे।
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पांच घंटे तक थाने के सामने हंगामा चला था। कई जिलों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। इसके बाद ही मामला शांत हो पाया था।
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विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि पंद्रह साल पहले छजलैट में दो जनवरी 2008 को पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर एक कार्यक्रम मे शामिल होने के लिए जा रहे थे. तब थाना छजलैट में वाहन चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी भी रुकवा ली थी। जिसके विरोध में वह थाने के सामने ही धरना दे कर बैठ गए थे। उस समय आसपास के जिलों के भी सपा नेता मौके पर आ गए थे। शुरुआत में इस केस की सुनवाई हाईकोर्ट में चली थी। तब एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट नहीं थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर जिला स्तर पर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में मुकदमे सुने जाने लगे। वर्ष 2019 में इस मुकदमे की सुनवाई भी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुरू हुई। जिसमें लगभग दो सौ से अधिक तारीखें लगी। इस मुकदमे में आठ गवाहों ने अपने बयानों को अदालत में दर्ज कराए गए। केस के वादी, विवेचक, उस वक्त जाम खुलने वाले पुलिस कर्मी, एफआईआर दर्ज करने वाले थाने के मुंशी अन्य लोगों ने कोर्ट पहुंचकर गवाही दी।
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पांच जिलों के सपा नेता और कार्यकर्ता धरने में हुए थे शामिल
आजम खां की गाड़ी रुकवाने और चेकिंग करने के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठे तो मुरादाबाद के अलावा रामपुर, संभल, बिजनौर और अमरोहा के सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौके पर जुट गए थे।
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पांच घंटे तक थाने के सामने हंगामा चला था। कई जिलों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। इसके बाद ही मामला शांत हो पाया था।