फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   GST evasion: Case filed in Muzaffarnagar against seven drivers, including five from Moradabad

जीएसटी चोरी : मुरादाबाद के पांच समेत सात चालकों पर मुजफ्फरनगर में केस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
GST evasion: Case filed in Muzaffarnagar against seven drivers, including five from Moradabad
मुजफ्फरनगर/मुरादाबाद। बोगस कंपनियों के नाम पर किए गए जीएसटी का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सहायक आयुक्त राज्य कर नितिन कुमार ने बिहार, पंजाब, हरियाणा और झारखंड की चार फर्जी कंपनियों और सात वाहन चालक एवं स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सात चालकों में पांच मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई मुरादाबाद में पकड़ी गई 402 करोड़ की टैक्स चोरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन

जीएसटी एसआइबी के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि सीजीएसटी अंबाला डिवीजन की ओर से अगस्त माह में गुप्त इनपुट के आधार पर छापा मारा गया, जिनमें कई कंपनियों की पोल खुली थी। जांच में सामने आया कि बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फर्जी पते पर कंपनियां संचालित की जा रहीं थीं। इन कंपनियों के माध्यम से स्क्रैप के नाम पर बड़े पैमाने पर बिलिंग कर टैक्स चोरी की जा रही थी। सितंबर माह में राज्य कर विभाग की टीम ने मीरापुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान स्क्रैप से भरे सात वाहनों को पकड़ा था।
विज्ञापन


जांच में वाहनों के दस्तावेज फर्जी मिले जबकि संबंधित कंपनियों के पते भी अस्तित्वहीन पाए गए। विभाग की ओर से विस्तृत जांच की गई। जांच में मामला पूरी तरह संगठित कर चोरी के गिरोह से जुड़ा पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध गतिविधि से कुछ व्यापारी और व्यापारी संगठन भी जुड़े हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


00

इन कंपनी संचालकों और ट्रक स्वामियों पर हुआ मुकदमा

सहायक आयुक्त राज्य कर नितिन कुमार की ओर से थाना मीरापुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में चार कंपनी संचालकों और सात ट्रक चालक एवम स्वामियों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के बाद कंपनी स्वामी परवीन कुमार, पीके एंटरप्राइजेज बेगुसराय बिहार, कुसुम रानी डीएम ट्रेडर्स खन्ना पंजाब, रोहित थापा, थापा ट्रेडर्स निवासी हिसार हरियाणा एवं आरके एंटरप्राइजेज राजकुमार निवासी गोड्डा झारखंड के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। ट्रक चालक सिकंदर अली निवासी मुरादाबाद, शहरोज निवासी बिलारी मुरादाबाद, ट्रक स्वामी एवं चालक गुड्डू निवासी बिलारी मुरादाबाद, राहुल निवासी एटा, मो. अकील निवासी पाकबड़ा मुरादाबाद, उमेश कुमार निवासी मिर्जापुर गोपालगंज बिहार एवं शरीफ निवासी असालतपुर मुरादाबाद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।

00

जिले के पांच ट्रक चालकों ने पहुंचाया था मुजफ्फरनगर स्क्रैप

मुरादाबाद। जिले में दर्ज करोड़ों की जीएसटी चोरी की कड़ी में मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक केस दर्ज किया है। इस केस के अनुसार मुरादाबाद जिले के पांच ट्रक चालकों जीएसटी चोरी के लिए लोहे के स्क्रैप की खेप को मुजफ्फरनगर जिले में पहुंचाया था। इसके पहले दो ट्रक चालकों को मुरादाबाद के अधिकारियों ने पकड़ा था।

00

सात ट्रक चालक जीएसटी चोरी में पकड़े गए पर गिरोह नहीं पकड़ा गया

मुरादाबाद। राज्य कर अधिकारी मुजफ्फरनगर जिले में पांच और मुरादाबाद में दो ट्रक चालकों को जीएसटी चोरी के आरोप में पकड़ चुके हैं। सात ट्रक चालकों के पकड़े जाने के बावजूद जीएसटी का देशभर में फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

राज्य कर अधिकारियों ने जांच में पाया कि लखनऊ के अंकित कुमार ने राजाजीपुरम के रहने वाले प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के आवास का पता दिया था। जांच में प्रवीण ने बताया कि आरोपी अंकित उनके आवास का किरायेदार कभी नहीं रहा। उसने फर्जी कागजात जुटाकर आवास का पता जीएसटी पंजीयन के लिए दिया था। मुजफ्फरनगर में प्रवीण कुमार का पता बिहार दर्शाया गया है। अंकित ने एके इंटरप्राइजेज वीके, आरके इंटरप्राइवेज, वीके इंटरप्राइजेज आदि के नाम पर बोगस फर्मों का पंजीयन कराया है। मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद का मामला अभी एक ही प्रतीत हो रहा है। इस मामले में राज्य कर अधिकारी जांच करने में जुट गए हैं।

00


कमीशन पर जीएसटी बिलों को बेचने का खेल

अमर उजाला ब्यूरो

मुरादाबाद। जिले से लेकर दिल्ली तक .5 से लेकर दो प्रतिशत कमीशन पर करोड़ों तक के जीएसटी के बिल बेचें जा रहे हैं। दिल्ली में इस रैकेट को पुलिस ने पकड़ा लेकिन अन्य जिलों में अभी इस रैकेट को पकड़ा नहीं गया है। लोहे का रैकेट पकड़ने के बाद स्थानीय राज्य कर अधिकारी इस बिंदु पर काम कर रहे हैं।


जिले में अधिकतर कारोबारी इमानदारी से जीएसटी का भुगतान करते हैं लेकिन चंद कारोबारी शीघ्र धनवान बनने के लिए जीएसटी के फर्जीवाड़े का खेल खेल रहे हैं। शहर के जीएसटी पंजीयन कराए चंद लोग .5 से लेकर दो प्रतिशत कमीशन पर बिल बेच देते हैं। सीमेंट, सरिया और अन्य सामान के लिए कमीशन जीएसटी के हिसाब से कम और अधिक लेते हैं। यह कारोबार दिल्ली तक हो रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े कारोबारियों सितंबर माह में पकड़ लिया था। पता चला कि कारोबारियों ने 20 करोड़ का बिल चार प्रतिशत कमीशन पर बेचा था। उन्होंने बगैर माल और सप्लाई किए बिल का पर्चा काट दिया था। यह नहीं देखा कि माल कहां है और सप्लाई कहां होनी है। फर्जी बिलों के आधार पर कारोबियों ने रिटर्न दाखिल कर रिफंड ले लिया था। राज्य कर मुरादाबाद जोन के अधिकारियों ने लकड़ी कारोबार में इस प्रकार का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। ठाकुरद्वारा में एक रिक्शा चालक का कागजात लेकर उसके नाम पर दस करोड़ का टर्नओवर किया गया था। लखनऊ का मास्टर माइंड अंकित कुमार इसी फर्जीवाड़े का हिस्सा है। राज्य कर अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिल बेचने वालों को पकड़ने के लिए काम चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed