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जिद के चलते शुरू नहीं हो रहा गोविंदनगर पुल, 12 करोड़ से हुआ है निर्माण
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शहर में गोविंदनगर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया है। 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ यह पुल कुछ लोगों की जिद के चलते अनुपयोगी साबित हो रहा है। लोगों की मांग पर ही रेलवे और नगर निगम ने पुल का निर्माण कराया है। अब सब कुछ पूरा होने के बाद लोगों ने एक नई मांग उठा दी है। दरअसल रेलवे दुर्घटनाएं रोकने के लिए उक्त क्षेत्र में बाउंड्रीवाल का निर्माण कर रहा है।
लोगों का कहना है कि बाउंड्रीवाल के बनने से गोविंदनगर में आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां नहीं आ सकेंगी। ऐसे में उन्होंने बाउंड्रीवॉल का विरोध शुरू शुरू कर दिया। नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और रेलवे के अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद भी लोग नहीं माने। अब कालोनी से मुख्य सड़क को जोड़ कर एक संपर्क मार्ग बनाने की नई मांग लोगों ने शुरू कर दी है। इसका समाधान रेलवे और नगर निगम भी नहीं निकाल पा रेह हैं। अब यह मुद्दा जिला प्रशासन और राज्य सरकार के भरोसे छोड़ दिया गया है। ज्ञात हो कि गोविंदनगर ओवरब्रिज निर्माण में शुरूआत से अब तक लगातार बाधाएं आतीं रहीं हैं। स्थानीय निवासियों की लगातार मांग के बाद इस ओवरब्रिज के बनने पर सहमति हुई। शिलान्यास पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के कार्यकाल में ही हो गया था, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ है। पहले नगर निगम द्वारा निर्माण के लिए धनराशि रेलवे को न मिलने पर काम रुका रहा। पिछले साल धनराशि मिली तो लॉकडाउन लागू हो गया और काम शुरू नहीं हो सका। जून 2021 में काम शुरू हुआ तो नवंबर तक कार्य पूरा करने का दावा किया। इसके बाद बिजली ट्रांसफार्मर और पोल पुल निर्माण में बाधा बन गए। इन्हें हटवाने के लिए रेलवे 22 लाख रुपये का भुगतान रेलवे को करना पड़ा। इसके बाद दोबारा काम शुरू हुआ और अगस्त माह में पुल बनकर तैयार हो गया। इसके बाद रेलवे को बार बार बाउंड्रीवॉल को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा।
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लोगों का कहना है कि बाउंड्रीवाल के बनने से गोविंदनगर में आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां नहीं आ सकेंगी। ऐसे में उन्होंने बाउंड्रीवॉल का विरोध शुरू शुरू कर दिया। नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और रेलवे के अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद भी लोग नहीं माने। अब कालोनी से मुख्य सड़क को जोड़ कर एक संपर्क मार्ग बनाने की नई मांग लोगों ने शुरू कर दी है। इसका समाधान रेलवे और नगर निगम भी नहीं निकाल पा रेह हैं। अब यह मुद्दा जिला प्रशासन और राज्य सरकार के भरोसे छोड़ दिया गया है। ज्ञात हो कि गोविंदनगर ओवरब्रिज निर्माण में शुरूआत से अब तक लगातार बाधाएं आतीं रहीं हैं। स्थानीय निवासियों की लगातार मांग के बाद इस ओवरब्रिज के बनने पर सहमति हुई। शिलान्यास पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के कार्यकाल में ही हो गया था, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ है। पहले नगर निगम द्वारा निर्माण के लिए धनराशि रेलवे को न मिलने पर काम रुका रहा। पिछले साल धनराशि मिली तो लॉकडाउन लागू हो गया और काम शुरू नहीं हो सका। जून 2021 में काम शुरू हुआ तो नवंबर तक कार्य पूरा करने का दावा किया। इसके बाद बिजली ट्रांसफार्मर और पोल पुल निर्माण में बाधा बन गए। इन्हें हटवाने के लिए रेलवे 22 लाख रुपये का भुगतान रेलवे को करना पड़ा। इसके बाद दोबारा काम शुरू हुआ और अगस्त माह में पुल बनकर तैयार हो गया। इसके बाद रेलवे को बार बार बाउंड्रीवॉल को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा।
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