{"_id":"66e2a94cd3c83c680f01284a","slug":"goat-cremated-on-banks-of-ganges-in-amroha-of-up-2024-09-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी में बकरे का अंतिम संस्कार: शव यात्रा निकाली... गंगाजल से कराया स्नान, फिर किनारे पर दफनाया; देखें वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में बकरे का अंतिम संस्कार: शव यात्रा निकाली... गंगाजल से कराया स्नान, फिर किनारे पर दफनाया; देखें वीडियो
Thu, 12 Sep 2024 03:06 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:06 PM IST
सार
यूपी के अमरोहा में गंगा किनारे एक बकरे का अंतिम संस्कार किया गया। 15 साल पहले ग्रामीणों ने चामुंडा देवी के नाम से बकरा छोड़ा था। बकरे की बीमारी के चलते मौत हो गई। इसके बाद बकरे की शव यात्रा निकाली गई। गंगा स्नान के बाद बकरे का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
Goat Cremated
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुरादाबाद मंडल के गांव पाल में चामुंडा मंदिर के नाम से छोड़े बकरे की मौत होने पर ग्रामीणों ने उसकी अर्थी बनाई गई। शवयात्रा निकालकर ग्रामीण बकरे के शव को लेकर गंगा तट पर पहुंचे। बकरे के शव को गंगा जल में स्नान कराकर उसे किनारे पर दफन कर दिया।
गांव में 15 साल पहले छोड़ा गया बकरा आस्था का प्रतीक था। मामला गजरौला के गांव पाल का है। यहां पर 15 साल पहले ग्रामीणों ने चामुंडा देवी के नाम से सार्वजनिक रूप से बकरा छोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बकरा गांव में ही घूमता रहता था।
शाम को चामुंडा मंदिर के आसपास बैठ जाता था। छह महीने पूर्व वह बीमार हो गया। उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। पशु चिकित्सालय में भी लेकर आए। मंगलवार रात बकरे की मौत हो गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उसका विधिविधान से अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए।
विज्ञापन
मनुष्य की तरह उसकी अर्थी बनाई। उस पर फूल चढ़ाए गए। महिलाओं ने रुपये भी चढ़ाए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में अर्थी रख कर ग्रामीण तिगरी गंगा तट पर ले गए। उसके मृत शरीर को स्नान कराया। शिव कुमार भारती, सरजीत, महेंद्र, सनी, कन्हई, वरुण, कपिल, सौरभ, प्रवीण आदि ने गंगा किनारे उसे दफन किया। बकरे का शव मनुष्य की तरह सजा कर ले जाने और उसका विधि विधान से अंतिम संस्कार किए जाने की इलाके में दिन भर चर्चा होती रही।
विज्ञापन
गांव में 15 साल पहले छोड़ा गया बकरा आस्था का प्रतीक था। मामला गजरौला के गांव पाल का है। यहां पर 15 साल पहले ग्रामीणों ने चामुंडा देवी के नाम से सार्वजनिक रूप से बकरा छोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बकरा गांव में ही घूमता रहता था।
विज्ञापन
शाम को चामुंडा मंदिर के आसपास बैठ जाता था। छह महीने पूर्व वह बीमार हो गया। उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। पशु चिकित्सालय में भी लेकर आए। मंगलवार रात बकरे की मौत हो गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उसका विधिविधान से अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए।
विज्ञापन
मनुष्य की तरह उसकी अर्थी बनाई। उस पर फूल चढ़ाए गए। महिलाओं ने रुपये भी चढ़ाए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में अर्थी रख कर ग्रामीण तिगरी गंगा तट पर ले गए। उसके मृत शरीर को स्नान कराया। शिव कुमार भारती, सरजीत, महेंद्र, सनी, कन्हई, वरुण, कपिल, सौरभ, प्रवीण आदि ने गंगा किनारे उसे दफन किया। बकरे का शव मनुष्य की तरह सजा कर ले जाने और उसका विधि विधान से अंतिम संस्कार किए जाने की इलाके में दिन भर चर्चा होती रही।